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महिला आरक्षित वार्डों में किसी ने पत्नी तो किसी ने पुत्रवधू को बनाया उम्मीदवार
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम चुनावों की तारीख घोषित होने के साथ ही उम्मीदवारों के मैदान में आने का सिलसिला शुरू हो गया है। निगम के 20 में से महिलाओं के लिए आरक्षित सात वार्डों में राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं। इन वार्डों में महिलाओं द्वारा ही चुनाव लड़ने की शर्त के साथ ही पहले दूसरा चुनाव लड़ने का मूड बना चुके पूर्व पुरुष पार्षदों को अपनी राजनीति जारी रखने के लिए किसी दूसरे कंधे का सहारा लेना पड़ा है। किसी पूर्व पार्षद ने पत्नी को प्रत्याशी बनाया है तो किसी ने पुत्रवधू को मैदान में उतारा है। पिछले पांच साल में वार्ड में करवाए गए कार्यों के आधार पर अपने परिजन की जीत सुनिश्चित करने में पूर्व पार्षद जुट भी गए हैं।
इन वार्डों में सिर्फ महिला ही होंगी उम्मीदवार
वार्डों का आरक्षण तय करने के दौरान वार्ड नंबर 2, वार्ड नंबर 3, वार्ड नंबर 5, वार्ड नंबर 11, वार्ड नंबर 13 और वार्ड नंबर 20 को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था। वहीं वार्ड नंबर 10 को अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था। वार्ड नंबर 10 के पूर्व पार्षद अजीत सिंह ने अपनी पुत्रवधू ममता रानी जबकि वार्ड नंबर 13 से पूर्व पार्षद उदयवीर सिंह मिंटू ने अपनी पत्नी अमिता देवी को मैदान में उतारा है। वहीं वार्ड नंबर 5 के पूर्व पार्षद एवं पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन भी अपनी पत्नी ज्योति महाजन को प्रत्याशी बनाने के प्रयास में हैं।
दो पूर्व पार्षदों ने छोड़ा मैदान
हालांकि इन राजनीतिक हालातों के बीच दो पूर्व पार्षदों ने पूरी तरह मैदान छोड़ भी दिया है। वार्ड नंबर 2 की पूर्व पार्षद कमला बंसल ने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। उनके परिवार की ओर से भी फिलहाल किसी के चुनाव लड़ने की संभावना नहीं बताई गई है। इसी तरह वार्ड नंबर 11 के पूर्व पार्षद राजपाल मांडू ने भी दूसरी बार चुनाव में भाग लेने से मना कर दिया है। उनका वार्ड महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित होने के साथ ही मांडू ने फिर से परिवार के किसी सदस्य को भी चुनाव में उतारने से इंकार कर दिया था।
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आठ में से तीन महिला पूर्व पार्षद ही चुनाव लड़ने की तैयारी में
पिछली बार आठ महिला पार्षद चुनकर निगम में पहुंची थी। मगर इस बार इन आठ में से महज तीन महिला पार्षद ही दोबारा चुनावी दंगल में उतरेंगी। वार्ड नंबर 3 से पूर्व पार्षद शालु दीवान, वार्ड नंबर 4 से पूर्व पार्षद रेखा सैनी और वार्ड नंबर 20 की पूर्व पार्षद रेखा ऐरन ही दोबारा राजनीति करने का मन बना चुकी हैं। हालांकि रेखा सैनी और रेखा ऐरन मेयर पद का चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर 2 की पूर्व पार्षद कमला बंसल, वार्ड नंबर 9 की पूर्व पार्षद अनीता रानी, वार्ड नंबर 12 की पूर्व पार्षद शकुंतला राजलीवाला, वार्ड नंबर 16 की पूर्व पार्षद चंद्रपति ढांडा और वार्ड नंबर 17 की पूर्व पार्षद सरोज खटाणा दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगी।
हमारा वार्ड नंबर 13 महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित हो गया था। इसलिए वार्डवासियों की सहमति से मैंने पत्नी अमिता को प्रत्याशी बनाया है। उम्मीद है कि इस बार भी वार्ड की जनता हमारा समर्थन करेगी क्योंकि पिछले पांच साल के दौरान वार्ड का भरपूर विकास करवाया है।
- उदयवीर सिंह मिंटू, पूर्व पार्षद, वार्ड नंबर 13
हमारे वार्ड नंबर 10 को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसलिए मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकता। वार्डवासियों के आग्रह पर पुत्रवधू ममता रानी को प्रत्याशी बनाया है। जनहित के मुद्दों पर पूरी गंभीरता से उठाएंगे।
- अजीत सिंह, पूर्व पार्षद, वार्ड नंबर 10
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हिसार। नगर निगम चुनावों की तारीख घोषित होने के साथ ही उम्मीदवारों के मैदान में आने का सिलसिला शुरू हो गया है। निगम के 20 में से महिलाओं के लिए आरक्षित सात वार्डों में राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं। इन वार्डों में महिलाओं द्वारा ही चुनाव लड़ने की शर्त के साथ ही पहले दूसरा चुनाव लड़ने का मूड बना चुके पूर्व पुरुष पार्षदों को अपनी राजनीति जारी रखने के लिए किसी दूसरे कंधे का सहारा लेना पड़ा है। किसी पूर्व पार्षद ने पत्नी को प्रत्याशी बनाया है तो किसी ने पुत्रवधू को मैदान में उतारा है। पिछले पांच साल में वार्ड में करवाए गए कार्यों के आधार पर अपने परिजन की जीत सुनिश्चित करने में पूर्व पार्षद जुट भी गए हैं।
इन वार्डों में सिर्फ महिला ही होंगी उम्मीदवार
वार्डों का आरक्षण तय करने के दौरान वार्ड नंबर 2, वार्ड नंबर 3, वार्ड नंबर 5, वार्ड नंबर 11, वार्ड नंबर 13 और वार्ड नंबर 20 को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था। वहीं वार्ड नंबर 10 को अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था। वार्ड नंबर 10 के पूर्व पार्षद अजीत सिंह ने अपनी पुत्रवधू ममता रानी जबकि वार्ड नंबर 13 से पूर्व पार्षद उदयवीर सिंह मिंटू ने अपनी पत्नी अमिता देवी को मैदान में उतारा है। वहीं वार्ड नंबर 5 के पूर्व पार्षद एवं पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन भी अपनी पत्नी ज्योति महाजन को प्रत्याशी बनाने के प्रयास में हैं।
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दो पूर्व पार्षदों ने छोड़ा मैदान
हालांकि इन राजनीतिक हालातों के बीच दो पूर्व पार्षदों ने पूरी तरह मैदान छोड़ भी दिया है। वार्ड नंबर 2 की पूर्व पार्षद कमला बंसल ने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। उनके परिवार की ओर से भी फिलहाल किसी के चुनाव लड़ने की संभावना नहीं बताई गई है। इसी तरह वार्ड नंबर 11 के पूर्व पार्षद राजपाल मांडू ने भी दूसरी बार चुनाव में भाग लेने से मना कर दिया है। उनका वार्ड महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित होने के साथ ही मांडू ने फिर से परिवार के किसी सदस्य को भी चुनाव में उतारने से इंकार कर दिया था।
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आठ में से तीन महिला पूर्व पार्षद ही चुनाव लड़ने की तैयारी में
पिछली बार आठ महिला पार्षद चुनकर निगम में पहुंची थी। मगर इस बार इन आठ में से महज तीन महिला पार्षद ही दोबारा चुनावी दंगल में उतरेंगी। वार्ड नंबर 3 से पूर्व पार्षद शालु दीवान, वार्ड नंबर 4 से पूर्व पार्षद रेखा सैनी और वार्ड नंबर 20 की पूर्व पार्षद रेखा ऐरन ही दोबारा राजनीति करने का मन बना चुकी हैं। हालांकि रेखा सैनी और रेखा ऐरन मेयर पद का चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर 2 की पूर्व पार्षद कमला बंसल, वार्ड नंबर 9 की पूर्व पार्षद अनीता रानी, वार्ड नंबर 12 की पूर्व पार्षद शकुंतला राजलीवाला, वार्ड नंबर 16 की पूर्व पार्षद चंद्रपति ढांडा और वार्ड नंबर 17 की पूर्व पार्षद सरोज खटाणा दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगी।
हमारा वार्ड नंबर 13 महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित हो गया था। इसलिए वार्डवासियों की सहमति से मैंने पत्नी अमिता को प्रत्याशी बनाया है। उम्मीद है कि इस बार भी वार्ड की जनता हमारा समर्थन करेगी क्योंकि पिछले पांच साल के दौरान वार्ड का भरपूर विकास करवाया है।
- उदयवीर सिंह मिंटू, पूर्व पार्षद, वार्ड नंबर 13
हमारे वार्ड नंबर 10 को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसलिए मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकता। वार्डवासियों के आग्रह पर पुत्रवधू ममता रानी को प्रत्याशी बनाया है। जनहित के मुद्दों पर पूरी गंभीरता से उठाएंगे।
- अजीत सिंह, पूर्व पार्षद, वार्ड नंबर 10