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14 गांवों की पंचायत ने बिजली निगम के अधिकारियों को 4 घंटे जबरन बैठाया
Updated Thu, 31 May 2018 12:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बिजली कटौती की समस्या से गुस्साई 14 गांवों की पंचायत ने सरसौद गांव के बिजली घर पर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंचे बरवाला बिजली निगम के एसडीओ जेई रामगोपाल वर्मा, विनय कुमार, संजय कुमार को ग्रामीणों ने जबरदस्ती बैठा लिया। करीब चार घंटे तक पंचायत ने अधिकारियों को मौके से जाने दिया। अधिकारियों की ओर से गांवों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति के आश्वासन पर छोड़ा गया। पंचायत का कहना है कि पावर हाउस के लिए निशुल्क जमीन दे रखी है। उस समय निगम ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब मात्र आ रही पांच से छह घंटे बिजली।
गांव सरसौद में करीब 14 गांवों की पंचायत के लोग बिजली समस्या को लेकर पहुंचे। इन लोगों ने बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर बिजली दफ्तर पर ताला जड़ दिया। जानकारी मिलने पर बिजली निगम के जेई मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने जेई को पंचायत में ही बंधक बनाकर बैठा लिया। लोगों ने कहा कि अपने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाओ। जेई की ओर से फोन किए जाने के बाद एसडीओ विनय कुमार मौके पर पहुंचे। पंचायत के लोगों ने एसडीओ को भी जबरन पंचायत के बीच बैठा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक नहीं जाने देंगे। लोगों न ने बिजली विभाग उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर कहा। इसके बाद हिसार सातरोड़ सब डिविजन से एसडीओ संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों ने पंचायत के जबरदस्ती बीच में बैठा लिया।
यह है मामला
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली निगम को गांव के लोगों ने पावर हाउस के लिए निशुल्क जमीन दे रखी है। उस समय हमसे 24 घंटे बिजली का वादा किया गया था। गर्मी के मौसम में गांव के लोगों का बिना बिजली बुरा हाल है। बिजली आपूर्ति में दिक्कत होने के कारण पीने का पानी ठीक से नहीं मिल रहा है। सारे काम चौपट हो गए। ग्रामीणों ने सवाल किया कि चार साल पहले हमें 22 घंटे बिजली मिलती थी। अब दिन के समय में कट पर कट लग रहे हैं। हमारी समस्या का समाधान किया जाए, अन्यथा हम आपको आज यहां से नहीं जाने देंगे। करीब चार घंटे तक काफी देर तक हंगामा होता रहा। एसडीओ, जेई पंचायत के बीच में बैठे रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक दोनों एसडीओ, जेई को ग्राम पंचायत ने बैठाए रखा।दोनों एसडीओ की तरफ से खाप पंचायत और ग्रामीण से निवेदन किया गया कि प्लीज आप बिजली घर का ताला खोल दीजिए, हमें जाने दीजिए। ग्रामीणों ने कहा कि पहले समाधान इसके बाद ही घर जाने देंगे। इसके बाद एसडीओ की तरफ से कहा गया कि आप लोगों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी। बशर्ते कि आपको जगमग योजना से जोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने कहा, अगर इस शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिली तो फिर से ताला जड़ देंगे। हाईवे पर तंबू गाड़ देंगे।
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बुगाना गांव के पूर्व सरपंच दीपक सूरा ने अपने क्षेत्र के गांव के लिए भी 16 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग उठाई। पूर्व सरपंच दीपक सूरा ने कहा कि सरसौद फीडर के तहत सुलखनी, बुगाना, और राजली भी आते हैं। उनको भी इसी से शेड्यूल के मुताबिक बिजली दी जाए। पंचायत से रेजुलेशन कर विभाग को दिया जाएगा हम ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। बिचपड़ी गांव के सरपंच सुनील भ्याण, सरसौद गांव के सरपंच किताब सिंह, भ्याण खाप के प्रेस प्रवक्ता बलवान सुंडा, राजू भगत सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अब वादा निभाए सरकार
बरवाला के गांव में खेदड़ थर्मल प्लांट के लिए गांव की जमीन ली गई थी। जिस पर सरकार ने प्लांट के दस किलोमीटर दायरे में आने वाले गांवों को 24 घंटे बिजली का वादा किया था। कांग्रेस की सरकार के समय में इन गांवों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति दी गई थी। बाद में यह आपूर्ति कम होती चल गई।
वर्जन
हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया गया। पावर हाउस पर ताला लगाने की जानकारी के बाद पर मौके पर गए थे। पंचायत में बैठकर बातचीत हुई थी। बंधक तो कमरे में रोककर बनाया जाता है। हमें कमरे में बंद नहीं किया गया।
-विनय कुमार, एसडीओ, बरवाला
वर्जन
बिजली की समस्या को लेकर लोगों ने निगम को चेताया था। इसके बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं किया, जिसके चलते बुधवार को लोगों ने ताला जड़ दिया था। बाद में एसडीओ मौके पर आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया है। अगर समाधान नहीं किया तो फिर सड़क पर उतरेंगे। बंधक तो नहीं बनाया, गर्मी की समस्या से अवगत कराने के लिए अधिकारियों को कुछ घंटे बैठाया था।
-राजकुमार, प्रधान, भ्याण खाप, हिसार
हिसार।
बिजली कटौती की समस्या से गुस्साई 14 गांवों की पंचायत ने सरसौद गांव के बिजली घर पर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंचे बरवाला बिजली निगम के एसडीओ जेई रामगोपाल वर्मा, विनय कुमार, संजय कुमार को ग्रामीणों ने जबरदस्ती बैठा लिया। करीब चार घंटे तक पंचायत ने अधिकारियों को मौके से जाने दिया। अधिकारियों की ओर से गांवों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति के आश्वासन पर छोड़ा गया। पंचायत का कहना है कि पावर हाउस के लिए निशुल्क जमीन दे रखी है। उस समय निगम ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब मात्र आ रही पांच से छह घंटे बिजली।
गांव सरसौद में करीब 14 गांवों की पंचायत के लोग बिजली समस्या को लेकर पहुंचे। इन लोगों ने बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर बिजली दफ्तर पर ताला जड़ दिया। जानकारी मिलने पर बिजली निगम के जेई मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने जेई को पंचायत में ही बंधक बनाकर बैठा लिया। लोगों ने कहा कि अपने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाओ। जेई की ओर से फोन किए जाने के बाद एसडीओ विनय कुमार मौके पर पहुंचे। पंचायत के लोगों ने एसडीओ को भी जबरन पंचायत के बीच बैठा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक नहीं जाने देंगे। लोगों न ने बिजली विभाग उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर कहा। इसके बाद हिसार सातरोड़ सब डिविजन से एसडीओ संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों ने पंचायत के जबरदस्ती बीच में बैठा लिया।
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यह है मामला
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली निगम को गांव के लोगों ने पावर हाउस के लिए निशुल्क जमीन दे रखी है। उस समय हमसे 24 घंटे बिजली का वादा किया गया था। गर्मी के मौसम में गांव के लोगों का बिना बिजली बुरा हाल है। बिजली आपूर्ति में दिक्कत होने के कारण पीने का पानी ठीक से नहीं मिल रहा है। सारे काम चौपट हो गए। ग्रामीणों ने सवाल किया कि चार साल पहले हमें 22 घंटे बिजली मिलती थी। अब दिन के समय में कट पर कट लग रहे हैं। हमारी समस्या का समाधान किया जाए, अन्यथा हम आपको आज यहां से नहीं जाने देंगे। करीब चार घंटे तक काफी देर तक हंगामा होता रहा। एसडीओ, जेई पंचायत के बीच में बैठे रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक दोनों एसडीओ, जेई को ग्राम पंचायत ने बैठाए रखा।दोनों एसडीओ की तरफ से खाप पंचायत और ग्रामीण से निवेदन किया गया कि प्लीज आप बिजली घर का ताला खोल दीजिए, हमें जाने दीजिए। ग्रामीणों ने कहा कि पहले समाधान इसके बाद ही घर जाने देंगे। इसके बाद एसडीओ की तरफ से कहा गया कि आप लोगों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी। बशर्ते कि आपको जगमग योजना से जोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने कहा, अगर इस शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिली तो फिर से ताला जड़ देंगे। हाईवे पर तंबू गाड़ देंगे।
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बुगाना गांव के पूर्व सरपंच दीपक सूरा ने अपने क्षेत्र के गांव के लिए भी 16 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग उठाई। पूर्व सरपंच दीपक सूरा ने कहा कि सरसौद फीडर के तहत सुलखनी, बुगाना, और राजली भी आते हैं। उनको भी इसी से शेड्यूल के मुताबिक बिजली दी जाए। पंचायत से रेजुलेशन कर विभाग को दिया जाएगा हम ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। बिचपड़ी गांव के सरपंच सुनील भ्याण, सरसौद गांव के सरपंच किताब सिंह, भ्याण खाप के प्रेस प्रवक्ता बलवान सुंडा, राजू भगत सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अब वादा निभाए सरकार
बरवाला के गांव में खेदड़ थर्मल प्लांट के लिए गांव की जमीन ली गई थी। जिस पर सरकार ने प्लांट के दस किलोमीटर दायरे में आने वाले गांवों को 24 घंटे बिजली का वादा किया था। कांग्रेस की सरकार के समय में इन गांवों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति दी गई थी। बाद में यह आपूर्ति कम होती चल गई।
वर्जन
हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया गया। पावर हाउस पर ताला लगाने की जानकारी के बाद पर मौके पर गए थे। पंचायत में बैठकर बातचीत हुई थी। बंधक तो कमरे में रोककर बनाया जाता है। हमें कमरे में बंद नहीं किया गया।
-विनय कुमार, एसडीओ, बरवाला
वर्जन
बिजली की समस्या को लेकर लोगों ने निगम को चेताया था। इसके बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं किया, जिसके चलते बुधवार को लोगों ने ताला जड़ दिया था। बाद में एसडीओ मौके पर आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया है। अगर समाधान नहीं किया तो फिर सड़क पर उतरेंगे। बंधक तो नहीं बनाया, गर्मी की समस्या से अवगत कराने के लिए अधिकारियों को कुछ घंटे बैठाया था।
-राजकुमार, प्रधान, भ्याण खाप, हिसार