फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   हिसार के दो इंजीनियर को सिविल सर्विस में रैंकिंग

हिसार के दो इंजीनियर को सिविल सर्विस में रैंकिंग

Sat, 28 Apr 2018 01:28 AM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
हिसार के दो इंजीनियर को सिविल सर्विस में रैंकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
सेक्टर-14 निवासी दिपांशु खुराना ने सिविल सर्विस की परीक्षा में 120वीं रैंक हासिल की है। दिपांशु आईएएस बनकर देेश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए काम करना चाहते हैं। अगर आईएएस की रैंकिंग नहीं मिली तो इंडियन फॉरन सर्विस में जाएंगे।
दिपांशु ने बताया कि यह उसका पांचवां मौका था, जिसमें उसे यह रैंकिंग मिली। पिछले साल वह चार नंबर से चूक गया था। वर्ष 2015 में डेंगू होने के कारण तैयारी नहीं कर सका। अगर उन्हें आईएएस नहीं मिला तो वह इंडियन फॉरन सर्विस को चुनेंगे। इसमें चाइना और अफ्रीका की विदेश नीति पर काम करना चाहेंगे।
विज्ञापन

दिपांशु खुराना...
दिपांशु खुराना के पिता एसके खुराना केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र में प्रिंसिपल साइंटिस्ट हैं। दिपांशु की माता सुनीता देवी राजकीय कॉलेज नलवा में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनकी बहन दीपांजलि एमबीए कर चुकी हैं। दीपांजलि को बंगलूरू की कंपनी में 19 लाख रुपये का पैकेज मिला है। दिपांशु ने दसवीं तक की पढ़ाई हिसार के सेंट कबीर स्कूल से की। इसके बाद 12वीं कक्षा चंडीगढ़ के खालसा स्कूल से की। दिपांशु ने चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की। इसके बाद 2012 में गुरुग्राम में एक्सईएल कंपनी में आईटी की जॉब की। दो साल जॉब करते करते आईएएस की परीक्षा दी। इसके बाद 2014 में जॉब छोड़कर तैयारी शुरू की।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद अमित को चौथी बार में मिली सफलता
न्यू मॉडल टाउन निवासी अमित बेडवाल ने आईएएस की परीक्षा में 224वीं रैंक प्राप्त की है। उनको पांचवीं बार में सफलता प्राप्त हुई है। तीन बार वे आईएएस की मेन परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचे। चौथी बार इंटरव्यू में उनका चयन हुआ।
अमित मूल रूप से भिवानी जिले की तोशाम तहसील के गांव दरियापुर का निवासी है। उनका परिवार पिछले 20 साल से न्यू मॉडल टाउन में रहता है। अमित ने वर्ष 2011 में फरीदाबाद के वाईएमसीए से बीटेक मैकेनिकल किया। फिलहाल वे हरिद्वार में बीएचईएल में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता उमेद सिंह बेडवाल शहर के एक निजी अस्पताल में प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां चंद्रकला देवी हाउस वाइफ हैं। इंजीनियर की जॉब में रहते हुए अमित ने 2012 से आईएएस की तैयारी की। अमित बेडवाल ने बताया कि आईएएस परीक्षा के लिए उन्होंने किसी तरह की कोचिंग नहीं ली। वे सेल्फ स्टडी के जरिये तीन बार आईएएस के इंटरव्यू तक पहुंचे। चौथी बार में उन्होंने इंटरव्यू पास किया।

नौकरी से छुट्टी लेकर करते थे पढ़ाई
अमित बताते हैं कि ऑफिस से आने के बाद वे करीब 7 से 8 घंटे रोजाना पढ़ाई करते थे। इसके अलावा नौकरी से एक या दो महीने की छुट्टी लेकर भी आईएएस की तैयारी करते। उनका कहना है कि विषय पर पकड़ और आत्मविश्वास ही आईएएस में सफलता दिलवाता है। अमित के अनुसार वह दोस्तों के साथ ही विदेश में जॉब करना चाहता था। मगर उनकी मां ने इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने यहीं नौकरी करते हुए यह मुकाम हासिल किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed