{"_id":"5a6e1e954f1c1b80268b704c","slug":"61517166229-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"150 साल बाद दुर्लभ चंद्रग्रहण 31 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
150 साल बाद दुर्लभ चंद्रग्रहण 31 को
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। ऋषि नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पुजारी आचार्य राममेहर शास्त्री ने बताया कि साल का पहला और दुर्लभ चंद्र ग्रहण बुधवार 31 जनवरी को लगेगा। ग्रहण का सूतक 31 जनवरी को सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण का स्पर्श 5 बजकर 18 मिनट शाम को होगा। यहां चंद्रोदय 5 बजकर 18 मिनट पर होगा वहीं ग्रहण को इस समय देखा जा सकता है। शहर में चंद्रोदय का समय शाम छह बजकर एक मिनट पर है। पूर्ण चंद्र ग्रहण 6 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण का मध्य काल 6 बजकर 50 मिनट पर होगा और ग्रहण का समाप्त 7 बजकर 37 मिनट पर होगा। ग्रहण का मोक्ष 8 बजकर 41 मिनट पर होगा। देश के पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में चंद्र ग्रहण चंद्रोदय के तुरंत बाद देखने को मिलेगा।
इस साल का पूर्ण चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को
आचार्य राममेहर ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण 150 साल बाद लगेगा। यह चंद्र ग्रहण माघ मास में पड़ने वाली दूसरी पूर्णिमा पर लगेगा। इस साल के बाद 31 दिसंबर 2028 और 31 जनवरी 2037 को भी इस तरह का पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। साल 2018 में ही 27 जुलाई को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। ग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों, बीमार और वृद्धों को दवाई-भोजन वर्जित नहीं है। गर्भवती स्त्रियों को सब्जी काटना, पापड़ सेकना आदि उत्तेजित कार्यों से परहेज करना चाहिए। प्रसन्नचित्त रहना चाहिए। खाद्य पदार्थों में कुशातृण डालना चाहिए। सूखे खाद्य पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
इस साल का पूर्ण चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को
आचार्य राममेहर ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण 150 साल बाद लगेगा। यह चंद्र ग्रहण माघ मास में पड़ने वाली दूसरी पूर्णिमा पर लगेगा। इस साल के बाद 31 दिसंबर 2028 और 31 जनवरी 2037 को भी इस तरह का पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। साल 2018 में ही 27 जुलाई को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। ग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों, बीमार और वृद्धों को दवाई-भोजन वर्जित नहीं है। गर्भवती स्त्रियों को सब्जी काटना, पापड़ सेकना आदि उत्तेजित कार्यों से परहेज करना चाहिए। प्रसन्नचित्त रहना चाहिए। खाद्य पदार्थों में कुशातृण डालना चाहिए। सूखे खाद्य पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन