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एन्हांसमेंट री-कैलकुलेशन की प्रक्रिया रूकी, एचएसवीपी अधिकारियों ने कमेटी के समक्ष नहीं दिया स्पष्ट जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सेक्टरों की कामॅनलैंड पर गठित तीन रिटायर्ड जजों की वजह से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पूरी री-कैलकुलेशन की प्रक्रिया को रोक दिया है। कमेटी से सेक्टरवासियों को बार-बार तारीखें ही मिल रही हैं। रविवार को भी एचएसवीपी के अधिकारियों ने कमेटी के समक्ष कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बाद रिटायर्ड जजों की कमेटी ने अगली तारीख 16 फरवरी निर्धारित कर दी है। सेक्टरवासियों का आरोप है कि यह कमेटी ही एचएसवीपी के लिए री कैलकुलेशन की प्रक्रिया को रोकने का सबसे बड़ा हथियार बन गई है। इससे सेक्टरवासियों में प्रदेश सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। सेक्टरवासियों ने लोकसभा चुनावों से पहले एन्हांसमेंट के नोटिसों को रद्द करने की मांग की है।
ऑल हरियाणा सेक्टर एन्हांसमेंट संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स का कहना है कि उनको शुरुआत से ही आशंका थी कि सरकार इस कमेटी की आड़ में री कैलकुलेशन की प्रक्रिया को लटका सकती है। इसलिए इसका विरोध किया था। मगर एक गुट की मांग पर सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया और अपनी चाल में कामयाब हो गई। वत्स ने कहा कि यह कोई ऐसा विषय नहीं है, जिस पर कमेटी का गठन किया जाए क्योंकि पीआर बंसल वर्सेस हुडा अथॉरिटी के मामले में हाईकोर्ट ने कॉमनलैंड के मामले में यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अलॉटी केवल सेक्टर के इंटरनल रोड व पार्क की ही एन्हांसमेंट अदा करेगा। हुडा अथॉरिटी सेक्टर की कोई भी जमीन किसी अन्य विभाग को फ्री गिफ्ट नहीं कर सकता। इस केस को एचएसवीपी सुप्रीम कोर्ट से भी हार चुका है। इसके बाद भी एक गुट की मांग पर इस विषय को लेकर कमेटी का गठन करना केवल री कैलकुलेशन की प्रक्रिया से बचने का प्रयास है।
तीनों रिटायर्ड जजों को लिखेंगे पत्र
वत्स ने कमेटी में शामिल तीनों न्यायाधीशों से आह्वान करते हुए कहा कि इस मामले को और लंबा न खींचने दें और 16 फरवरी को अपना अंतिम निर्णय दें। यदि एचएसवीपी अधिकारी कॉमनलैंड पर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो भी कमेटी को 16 फरवरी को अपना अंतिम निर्णय देना चाहिए। वत्स ने कहा कि इसके लिए वो एक अनुरोध पत्र तीनों न्यायाधीशों को भेजेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मांग करते हुए कहा कि सेक्टरों में रहने वाले लाखों परिवारों की परेशानियों को देखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले गलत एन्हांसमेंट नोटिसों को तुरंत रद्द कर अलॉटियों के खातों से एन्हांसमेंट राशि हटानी चाहिए।
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हिसार। सेक्टरों की कामॅनलैंड पर गठित तीन रिटायर्ड जजों की वजह से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पूरी री-कैलकुलेशन की प्रक्रिया को रोक दिया है। कमेटी से सेक्टरवासियों को बार-बार तारीखें ही मिल रही हैं। रविवार को भी एचएसवीपी के अधिकारियों ने कमेटी के समक्ष कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बाद रिटायर्ड जजों की कमेटी ने अगली तारीख 16 फरवरी निर्धारित कर दी है। सेक्टरवासियों का आरोप है कि यह कमेटी ही एचएसवीपी के लिए री कैलकुलेशन की प्रक्रिया को रोकने का सबसे बड़ा हथियार बन गई है। इससे सेक्टरवासियों में प्रदेश सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। सेक्टरवासियों ने लोकसभा चुनावों से पहले एन्हांसमेंट के नोटिसों को रद्द करने की मांग की है।
ऑल हरियाणा सेक्टर एन्हांसमेंट संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स का कहना है कि उनको शुरुआत से ही आशंका थी कि सरकार इस कमेटी की आड़ में री कैलकुलेशन की प्रक्रिया को लटका सकती है। इसलिए इसका विरोध किया था। मगर एक गुट की मांग पर सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया और अपनी चाल में कामयाब हो गई। वत्स ने कहा कि यह कोई ऐसा विषय नहीं है, जिस पर कमेटी का गठन किया जाए क्योंकि पीआर बंसल वर्सेस हुडा अथॉरिटी के मामले में हाईकोर्ट ने कॉमनलैंड के मामले में यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अलॉटी केवल सेक्टर के इंटरनल रोड व पार्क की ही एन्हांसमेंट अदा करेगा। हुडा अथॉरिटी सेक्टर की कोई भी जमीन किसी अन्य विभाग को फ्री गिफ्ट नहीं कर सकता। इस केस को एचएसवीपी सुप्रीम कोर्ट से भी हार चुका है। इसके बाद भी एक गुट की मांग पर इस विषय को लेकर कमेटी का गठन करना केवल री कैलकुलेशन की प्रक्रिया से बचने का प्रयास है।
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तीनों रिटायर्ड जजों को लिखेंगे पत्र
वत्स ने कमेटी में शामिल तीनों न्यायाधीशों से आह्वान करते हुए कहा कि इस मामले को और लंबा न खींचने दें और 16 फरवरी को अपना अंतिम निर्णय दें। यदि एचएसवीपी अधिकारी कॉमनलैंड पर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो भी कमेटी को 16 फरवरी को अपना अंतिम निर्णय देना चाहिए। वत्स ने कहा कि इसके लिए वो एक अनुरोध पत्र तीनों न्यायाधीशों को भेजेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मांग करते हुए कहा कि सेक्टरों में रहने वाले लाखों परिवारों की परेशानियों को देखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले गलत एन्हांसमेंट नोटिसों को तुरंत रद्द कर अलॉटियों के खातों से एन्हांसमेंट राशि हटानी चाहिए।
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