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डेरा सच्चा सौदा और सतलोक आश्रम प्रमुखों पर फैसले से शांतपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस की अग्निपरीक्षा
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के मुकदमे में 25 अगस्त को आने वाले फैसले से पहले ही सरकार और प्रशासन के लिए रामपाल चुनौती बन गया। सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल के दो मामलों में गवाही पूरी हो चुकी है। निचली अदालत ने दो मामलों में फैसले की तारीख 24 अगस्त रखी है। मामला संवेदनशील होने के चलते सरकार और प्रशासन के अब हाथ-पांव फूल गए हैं। देर रात तक कहीं-कहीं रामपाल के अनुयायी शहर में डेरा डाले हुए हैं। डेरा मुखी के फैसले से सरकार और पुलिस पहले सांसत में थी। इन दो फैसलों के बाद शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।
डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम पर पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में साध्वी यौन शोषण का ट्रायल चल रहा है। सीबीआई कोर्ट ने 25 अगस्त को इस केस के फैसले की तारीख निर्धारित की है। कोर्ट के मुकदमे की तारीख घोषित करने के बाद सरकार ने हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया था। केंद्र सरकार ने राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य को पैरा मिलिट्री फोर्स की 35 कंपनी दी थीं। इनमें दो कंपनी हिसार को मिली हैं। सरकार और प्रशासन डेरा मुखी के फैसले के बाद माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। वहीं इसी माहौल में हिसार की कोर्ट द्वारा सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल पर दर्ज दो मुकदमों के फैसले का दिन 24 अगस्त मुकर्रर करने से सरकार और प्रशासन की सांसें फूल गई हैं। इन दो मुकदमों में एक सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और दूसरा रास्ता रोककर बंधक बनाने का है। सरकार और प्रशासन के लिए डेरा मुखी के समर्थक पंचकूला में उमड़ना पहले से चुनौती बने हुए हैं। अब रामपाल के समर्थकों के उमड़ने की भनक से पुलिस सकते में है। पुलिस ने बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर एहतियात के तौर पर सादी वर्दी में जवान तैनात कर दिए हैं।
- पर फैसले की तारीख ने सरकार प्रशासन की और फूली सांसें
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हिसार।
डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के मुकदमे में 25 अगस्त को आने वाले फैसले से पहले ही सरकार और प्रशासन के लिए रामपाल चुनौती बन गया। सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल के दो मामलों में गवाही पूरी हो चुकी है। निचली अदालत ने दो मामलों में फैसले की तारीख 24 अगस्त रखी है। मामला संवेदनशील होने के चलते सरकार और प्रशासन के अब हाथ-पांव फूल गए हैं। देर रात तक कहीं-कहीं रामपाल के अनुयायी शहर में डेरा डाले हुए हैं। डेरा मुखी के फैसले से सरकार और पुलिस पहले सांसत में थी। इन दो फैसलों के बाद शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।
डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम पर पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में साध्वी यौन शोषण का ट्रायल चल रहा है। सीबीआई कोर्ट ने 25 अगस्त को इस केस के फैसले की तारीख निर्धारित की है। कोर्ट के मुकदमे की तारीख घोषित करने के बाद सरकार ने हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया था। केंद्र सरकार ने राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य को पैरा मिलिट्री फोर्स की 35 कंपनी दी थीं। इनमें दो कंपनी हिसार को मिली हैं। सरकार और प्रशासन डेरा मुखी के फैसले के बाद माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। वहीं इसी माहौल में हिसार की कोर्ट द्वारा सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल पर दर्ज दो मुकदमों के फैसले का दिन 24 अगस्त मुकर्रर करने से सरकार और प्रशासन की सांसें फूल गई हैं। इन दो मुकदमों में एक सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और दूसरा रास्ता रोककर बंधक बनाने का है। सरकार और प्रशासन के लिए डेरा मुखी के समर्थक पंचकूला में उमड़ना पहले से चुनौती बने हुए हैं। अब रामपाल के समर्थकों के उमड़ने की भनक से पुलिस सकते में है। पुलिस ने बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर एहतियात के तौर पर सादी वर्दी में जवान तैनात कर दिए हैं।
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- पर फैसले की तारीख ने सरकार प्रशासन की और फूली सांसें