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छह लाख का लोन दिलाने के नाम पर ऐंठे साढ़े 35 लाख रुपये
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हिसार। फतेहाबाद के गांव हसंगा निवासी छबीला राम ने चार नामजद सहित 25 अन्य के खिलाफ 35 लाख 55 हजार 800 रुपये की धोखाधड़ी का केस साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराया है। पुलिस को दी शिकायत में छबीला राम ने बताया कि वह भूथनकलां में को-ऑपरेटिव सोसायटी में नौकरी करता है। 6 अगस्त 2018 को उसके पास बीर सिंह के नंबर व प्रमोद कुमार के नंबर से फोन आया। इन्होंने स्वयं को इंडिया फर्स्ट इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट बताया और कंपनी की पॉलिसी बारे बताया। उसे कहा कि कंपनी प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये 15 वर्ष में भरवाती है और 15 वर्ष बाद 6 लाख 43 हजार 530 रुपये वापस देती है।
पीड़ित ने बताया कि बीर सिंह और प्रमोद ने उसे इंडिया फर्स्ट इंश्योरेंस कंपनी का बैंक खाता नंबर दिया और उसमें 40 हजार रुपये डालने को कहा। 16 अक्तूबर 2018 उसने राशि आरटीजीएस के माध्यम से जमा करवा दी। उसके बाद बीर सिंह ने उसे फोन करके कहा कि उसकी पॉलिसी हो गई है। उसके बाद बीर सिंह ने उसे फोन करके कहा कि 6 लाख रुपये का लोन करवा देगा। आरोपी ने उसके दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए। उसके बाद छबीला राम के पास राजबीर नाम के युवक का फोन आया। राजबीर ने मुझे कहा कि 6 लाख की बजाय 24 लाख रुपये का लोन करवा देगा। इसके बदले में 80 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। छबीला राम ने विश्वास कर 7 दिसंबर 2018 को 80 हजार रुपये आरटीजीएसम करवा दिए।
पीड़ित ने बताया कि लोन पास कराने तक गिरोह के सदस्यों ने मिलकर उससे साढ़े 35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उससे लोन देने के नाम पर 35,55,800 रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोप है कि ये लोग अब भी उससे चेक की मांग कर रहे हैं व फोन कर एटीएम व फाइल क्लीयर करवाने के नाम पर और रुपये डलवाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने चार नामजद समेत 25 के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीड़ित ने बताया कि बीर सिंह और प्रमोद ने उसे इंडिया फर्स्ट इंश्योरेंस कंपनी का बैंक खाता नंबर दिया और उसमें 40 हजार रुपये डालने को कहा। 16 अक्तूबर 2018 उसने राशि आरटीजीएस के माध्यम से जमा करवा दी। उसके बाद बीर सिंह ने उसे फोन करके कहा कि उसकी पॉलिसी हो गई है। उसके बाद बीर सिंह ने उसे फोन करके कहा कि 6 लाख रुपये का लोन करवा देगा। आरोपी ने उसके दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए। उसके बाद छबीला राम के पास राजबीर नाम के युवक का फोन आया। राजबीर ने मुझे कहा कि 6 लाख की बजाय 24 लाख रुपये का लोन करवा देगा। इसके बदले में 80 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। छबीला राम ने विश्वास कर 7 दिसंबर 2018 को 80 हजार रुपये आरटीजीएसम करवा दिए।
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पीड़ित ने बताया कि लोन पास कराने तक गिरोह के सदस्यों ने मिलकर उससे साढ़े 35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उससे लोन देने के नाम पर 35,55,800 रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोप है कि ये लोग अब भी उससे चेक की मांग कर रहे हैं व फोन कर एटीएम व फाइल क्लीयर करवाने के नाम पर और रुपये डलवाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने चार नामजद समेत 25 के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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