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दो ब्लॉक के 32 हजार सैंपल भरकर हिसार प्रदेश में प्रथम

Sat, 05 Dec 2015 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार Updated Sat, 05 Dec 2015 10:31 PM IST
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32 thousand samples of soil distributed

कृषि विभाग का हिसार ऑफिस दो ब्लॉकों में 32 हजार मिट्टी के सैंपल भरकर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। विभाग ने यहां के अधिकारियों को दो ब्लॉकों से किसानों के खेतों से मिट्टी के 32 हजार सैंपल लेने का लक्ष्य दिया था, जिसे निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया है।

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विश्व मृदा दिवस पर शनिवार को पंचायत भवन में विभाग की ओर से सॉयल हेल्थ कार्ड बांटना शुरू किया गया। बतौर मुख्य अतिथि आए मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता ने कार्यक्रम में सात किसानों को हेल्थ कार्ड देकर शुरुआत की।
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डॉ. गुप्ता ने किसानों को संबोधित किया कि जिलावासी सौभाग्यशाली हैं, क्योंकि यहां तो एशिया का जाना-पहचाना हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय बना हुआ है।

किसान छोटे से लेकर बड़ी समस्या के समाधान के लिए कृषि अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिकों तक की सहायता ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके खेत की मिट्टी जांचने के आदेश दिए हैं। साथ ही हर किसान को सॉयल हेल्थ कार्ड देने की परंपरा शुरू की है। इससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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यूरिया ने कर दिया नाश  
विश्व मृदा दिवस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के सामने कई मुद्दे रखे। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि किसानों द्वारा फसलों में अंधाधुंध डाले जा रहे यूरिया ने नाश कर दिया है।

अन्न पैदा करने वाली धरती बीमार हो गई है। धरती में कृषि के लिए 17 प्रकार के तत्व होते हैं, अगर इनमें से एक भी कम हो जाए तो उत्पादन पर असर पड़ता है। मगर यूरिया के प्रयोग से 17 में से 6-7 तत्व कम हो गए हैं। इसके नकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को इस बारे में जागरूक होने की जरूरत है।

खुले की बजाय गड्डा खोदकर डालें खाद
एचएयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामकुमार ने किसानों को बताया कि हम गोबर की खाद खुले में डालते रहते हैं। मगर खुले में डालने से उसमें शामिल नाइट्रोजन हवा में उड़ जाती है और वह खाद ज्यादा कामयाब नहीं रहती है।

इसलिए गड्डा खोदकर उसमें गोबर व पशुओं का मूत्र डालना चाहिए, ताकि नाइट्रोजन खाद में बरकरार रहे। यह खाद खुली पड़ी खाद से ज्यादा लाभकारी साबित होगी। उन्होंने किसानों से फसल चक्र में बदलाव करने की भी अपील की।

तीन साल में सभी खेतों से लेंगे सैंपल
सॉयल टेस्टिंग ऑफिसर डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि तीन साल में जिले के नौ ब्लॉकों के किसानों के मिट्टी सैंपल लिए जाएंगे। पहले चरण में आदमपुर से 14 हजार, जबकि 18 हजार बरवाला ब्लॉक से सैंपल भरे गए हैं।

इनका हांसी स्थित लैब में विश्लेषण किया जाएगा। पोर्टल के माध्यम से इन सैंपलों की रिपोर्ट को ऑनलाइन भी किया जाएगा।

10 दिसंबर तक कृषि यंत्रों पर मिल रही सब्सिडी
कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि 10 दिसंबर तक कृषि यंत्रों पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही बायोगैस प्लांट लगाने के लिए भी अनुदान मिलेगा। सब्सिडी लेने के लिए किसान कृषि विभाग के अधिकारियों के जरिये फाइल लगा सकते हैं।


समारोह में इनको मिले हेल्थ कार्ड
सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता व कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विनोद फौगाट ने बहबलपुर के किसान जगमाल सिंह व बंसीलाल, धिकताना के राजेश व कृष्ण, लाडवी के महेंद्र, चूली खुर्द के विनोद कुमार व मोडाखेड़ा के बलवंत सिंह को सॉयल हेल्थ कार्ड बांटकर इस अभियान का शुभारंभ किया। मंच संचालन करते हुए एडीओ डॉ. राजीव भाटिया ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से किसानों को अवगत करवाया।

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