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कन्फेडरेशन का आरोप, एन्हांसमेंट की री कैलकुलेशन में अधिकारियों ने खुद ही बदल दिए नियम
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हिसार। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कन्फेडरेशन पदाधिकारियों ने सेक्टर 3, 5 व 4 पार्ट की एन्हांसमेंट की री कैलकुलेशन में अधिकारियों द्वारा खुद के स्तर पर ही नियम बदलने के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को हुडा कार्यालय में री कैलकुलेशन सीट लेने गए कन्फेडरेशन पदाधिकारियों को अधिकारियों ने सीट उपलब्ध करवाने से भी इंकार कर दिया। हालांकि इस दौरान पदाधिकारियों की हुडा के सीनियर अकाउंट ऑफिसर के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान कन्फेडरेशन के स्टेट कन्वीनर यशवीर मलिक, सेक्टर 3-5 आरडब्ल्यूए प्रधान बलवंत सिंह बूरा, सीएस गोयत, सुभाष कुंडू, बीरसिंह बामल, शमशेर सिंह, इंद्रसिंह मलिक, कुलबीर दूहन, सूरजाराम झाझड़िया, राजकुमार, दलीप सिंह खर्ब, राजकुमार दलाल, योगराज गर्ग आदि उपस्थित थे।
इन नियमों को बदलने के आरोप
कन्फेडरेशन के स्टेट कन्वीनर यशवीर मलिक ने आरोप लगाया कि कॉमनलैंड को लेकर गठित तीन जजों की कमेटी ने पार्क, ग्रीन बेल्ट, रोड्स, ट्यूबवेल्स, ओपन स्पेसिज, वाटर वर्क्स, बूस्टिंग स्टेशन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्टार्म वाटर ड्रेनेज, बस क्यू शेल्टर व चिल्ड्रन पार्क, कम्यूनिटी सेंटर आदि की एन्हांसमेंट रेजिडेंशियल, नॉन रेजिडेंशियल, कामर्शियल, लेसिस में अनुपात के अनुसार डाली जानी थी। मगर सेक्टर 3,5 व 4 पार्ट की री कैलकुलेशन में पूरी एन्हांसमेंट अलॉटिज पर ही डाली गई है। इसी तरह 14 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद नोटिफिकेशन जारी किया गया था। उसके निर्देश नंबर 58 में कहा गया था कि 15 प्रतिशत ब्याज नहीं लिया जाएगा जबकि सेक्टर की एन्हांसमेंट में अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही निर्देश नंबर 59 बनाकर उसमें 15 से 8 प्रतिशत ब्याज कर दिया है। पहले साल की एन्हांसमेंट पर 15 प्रतिशत, उसके बाद 8 प्रतिशत ब्याज लगाया गया है।
कोर्ट के नहीं करने पर भी लगाया 15 प्रतिशत ब्याज
मलिक ने बताया कि जमीन इक्वायर करने से लेकर कोर्ट द्वारा अवॉर्ड देने तक के समय में कहा गया था कि कोर्ट कहेगी तो ही 15 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा। अगर कोर्ट नहीं कहेगा तो 15 प्रतिशत ब्याज नहीं लेंगे। मगर कोर्ट के नहीं कहने के बावजूद 15 प्रतिशत ब्याज लिया गया है। वहीं प्रिंसिपल अमाउंट भी तीन जगह बनाया गया है, जबकि यह एक ही जगह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दूसरी व तीसरी एन्हांसमेंट को री कैलकुलेट करने पर सेक्टरवासियों की एन्हांसमेंट 6024 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर से घटकर 1306 हो गई है तो पहली बार में भरी गई एन्हांसमेंट की राशि घटा दें तो सेक्टरवासियों को कितना फायदा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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इन नियमों को बदलने के आरोप
कन्फेडरेशन के स्टेट कन्वीनर यशवीर मलिक ने आरोप लगाया कि कॉमनलैंड को लेकर गठित तीन जजों की कमेटी ने पार्क, ग्रीन बेल्ट, रोड्स, ट्यूबवेल्स, ओपन स्पेसिज, वाटर वर्क्स, बूस्टिंग स्टेशन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्टार्म वाटर ड्रेनेज, बस क्यू शेल्टर व चिल्ड्रन पार्क, कम्यूनिटी सेंटर आदि की एन्हांसमेंट रेजिडेंशियल, नॉन रेजिडेंशियल, कामर्शियल, लेसिस में अनुपात के अनुसार डाली जानी थी। मगर सेक्टर 3,5 व 4 पार्ट की री कैलकुलेशन में पूरी एन्हांसमेंट अलॉटिज पर ही डाली गई है। इसी तरह 14 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद नोटिफिकेशन जारी किया गया था। उसके निर्देश नंबर 58 में कहा गया था कि 15 प्रतिशत ब्याज नहीं लिया जाएगा जबकि सेक्टर की एन्हांसमेंट में अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही निर्देश नंबर 59 बनाकर उसमें 15 से 8 प्रतिशत ब्याज कर दिया है। पहले साल की एन्हांसमेंट पर 15 प्रतिशत, उसके बाद 8 प्रतिशत ब्याज लगाया गया है।
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कोर्ट के नहीं करने पर भी लगाया 15 प्रतिशत ब्याज
मलिक ने बताया कि जमीन इक्वायर करने से लेकर कोर्ट द्वारा अवॉर्ड देने तक के समय में कहा गया था कि कोर्ट कहेगी तो ही 15 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा। अगर कोर्ट नहीं कहेगा तो 15 प्रतिशत ब्याज नहीं लेंगे। मगर कोर्ट के नहीं कहने के बावजूद 15 प्रतिशत ब्याज लिया गया है। वहीं प्रिंसिपल अमाउंट भी तीन जगह बनाया गया है, जबकि यह एक ही जगह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दूसरी व तीसरी एन्हांसमेंट को री कैलकुलेट करने पर सेक्टरवासियों की एन्हांसमेंट 6024 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर से घटकर 1306 हो गई है तो पहली बार में भरी गई एन्हांसमेंट की राशि घटा दें तो सेक्टरवासियों को कितना फायदा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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