{"_id":"5c647893bdec2273923c2525","slug":"31550088339-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेम में धोखा मिलने पर जीजा के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या मामले में जीजा-साली दोषी करार, सजा 16 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेम में धोखा मिलने पर जीजा के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या मामले में जीजा-साली दोषी करार, सजा 16 को
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रेम में धोखा दिए जाने के बाद युवती ने अपने रिश्ते के जीजा के साथ मिलकर प्रेमी जांडली खुर्द निवासी जयपाल उर्फ सोनू की हत्या की साजिश रची और वर्ष 2016 में उसकी हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। इस मामले में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने बुधवार को पाबड़ा निवासी रोबिना उर्फ बीनू और जींद के खरल गांव निवासी उसके जीजा 28 वर्षीय सुरेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत उन्हें 16 फरवरी को सजा सुनाएगी। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।
यूं दिया हत्या की वारदात को अंजाम
सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि रोबिना उसकी ससुराल के पड़ोस में रहती है और रिश्ते में साली लगती है। रोबिना ने उसे बताया कि एक लड़का सुरेंद्र है। वह अब धोखा देते हुए शादी से इनकार कर रहा है, उससे बदला लेना है। सुरेंद्र के अनुसार वह उसकी बातों में आ गया और 27 अक्तूबर को हिसार आ गया। वहां रोबिना को लेकर वह एक होटल में तीन घंटे तक रुका। फिर सोनू का फोन आया, जिसने उन्हें अग्रोहा बुुलाया। वहां जाकर पहले होटल में रुकने लगे तो होटल वाले ने तीन लोगों को एक कमरा देने से मना कर दिया। सुरेंद्र के अनुसार उसने कहा कि बरवाला की तरफ उसके दोस्त की ढाणी है, वहां चलते हैं। रास्ते में बालक चौक से सोनू ने अपनी मोटरसाइकिल सरसौद की तरफ मोड़ दी। तीन किलोमीटर चलने के बाद सोनू के पीछे बैठी रोबिना ने बाइक रुकवा ली। वहां पर पहले उन्होंने शराब पी। सुरेंद्र के अनुसार उसके बाद जब चलने लगे तो रोबिना ने उसे सोनू को गोली मारने का इशारा किया। इस पर सुरेंद्र ने सोनू की पीठ में गोली मार दी। सोनू वहीं गिर गया। उसके बाद वह रोबिना को हिसार छोड़कर अपने गांव चला गया।
ब्लाइंड था मर्डर केस
जिस दिन मर्डर हुआ, उस समय यह केस ब्लाइंड था। पुलिस को 27 अक्तूबर को बरवाला के जेवरा के निकट जब शव मिला तो वह अज्ञात था। 28 अक्तूबर को मृतक जयपाल उर्फ सोनू के चाचा सतबीर ने अस्पताल पहुंचकर शव की शनाख्त की थी। उस समय भी यह केस पुलिस के लिए ब्लाइंड था, क्योंकि सतबीर ने अपनी शिकायत में किसी का नाम नहीं दिया था और न ही किसी पर शक जाहिर किया था। उसने शिकायत में कहा था कि सोनू 27 अक्तूबर की रात 9-10 बजे घर से खाना खाकर बाइक लेकर निकला था। पुलिस ने इस आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
गवाही और सूबूत बना अहम
इस ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को उस समय सफलता मिली थी, जब जयपाल उर्फ सोनू के परिवार के एक सदस्य ने सामने आकर गवाही दी कि घटना के दिन उसने इन तीनों को एक साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी से 315 बोर की पिस्तौल बरामद की थी। उस पिस्तौल के चेंबर में गोली का खोल फंस गया था। इस खोल और मौके से मिले खोल का मैच होने के कारण यह केस में अहम सुबूत बना। इसमें रोबिना और सुरेंद्र का नाम आने के बाद इस केस की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
दोषी करार सुनने के बाद रोबिना की बिगड़ी तबीयत
हत्या के इस मामले में अदालत द्वारा सुरेंद्र और रोबिना को दोषी ठहराए जाने के बाद सुरेंद्र को बख्शीखाना भेज दिया गया, लेकिन रोबिना की तबीयत बिगड़ गई। न्यायाधीश का फैसला सुनकर शाम करीब 4:30 बजे रोबिना को चक्कर आ गए। उसे वहीं अदालत परिसर में लेटाया गया और न्यायाधीश ने उसे तुरंत अस्पताल लेकर जाने के आदेश दिए। एंबुलेंस को फोन करके अदालत परिसर में बुलाया गया और महिला पुलिस को भी मौके पर पहुंचने को कहा गया। करीब 15-20 मिनट में नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस पहुंच गई, लेकिन ड्यूटी खत्म करके जा चुकी महिला पुलिस को वापस पहुंचने में थोड़ा समय लग गई। करीब आधे घंटे बाद जब महिला पुलिस पहुंची तो रोबिना की हालत सामान्य हो चुकी थी।
विज्ञापन
हिसार। प्रेम में धोखा दिए जाने के बाद युवती ने अपने रिश्ते के जीजा के साथ मिलकर प्रेमी जांडली खुर्द निवासी जयपाल उर्फ सोनू की हत्या की साजिश रची और वर्ष 2016 में उसकी हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। इस मामले में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने बुधवार को पाबड़ा निवासी रोबिना उर्फ बीनू और जींद के खरल गांव निवासी उसके जीजा 28 वर्षीय सुरेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत उन्हें 16 फरवरी को सजा सुनाएगी। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।
यूं दिया हत्या की वारदात को अंजाम
सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि रोबिना उसकी ससुराल के पड़ोस में रहती है और रिश्ते में साली लगती है। रोबिना ने उसे बताया कि एक लड़का सुरेंद्र है। वह अब धोखा देते हुए शादी से इनकार कर रहा है, उससे बदला लेना है। सुरेंद्र के अनुसार वह उसकी बातों में आ गया और 27 अक्तूबर को हिसार आ गया। वहां रोबिना को लेकर वह एक होटल में तीन घंटे तक रुका। फिर सोनू का फोन आया, जिसने उन्हें अग्रोहा बुुलाया। वहां जाकर पहले होटल में रुकने लगे तो होटल वाले ने तीन लोगों को एक कमरा देने से मना कर दिया। सुरेंद्र के अनुसार उसने कहा कि बरवाला की तरफ उसके दोस्त की ढाणी है, वहां चलते हैं। रास्ते में बालक चौक से सोनू ने अपनी मोटरसाइकिल सरसौद की तरफ मोड़ दी। तीन किलोमीटर चलने के बाद सोनू के पीछे बैठी रोबिना ने बाइक रुकवा ली। वहां पर पहले उन्होंने शराब पी। सुरेंद्र के अनुसार उसके बाद जब चलने लगे तो रोबिना ने उसे सोनू को गोली मारने का इशारा किया। इस पर सुरेंद्र ने सोनू की पीठ में गोली मार दी। सोनू वहीं गिर गया। उसके बाद वह रोबिना को हिसार छोड़कर अपने गांव चला गया।
विज्ञापन
ब्लाइंड था मर्डर केस
जिस दिन मर्डर हुआ, उस समय यह केस ब्लाइंड था। पुलिस को 27 अक्तूबर को बरवाला के जेवरा के निकट जब शव मिला तो वह अज्ञात था। 28 अक्तूबर को मृतक जयपाल उर्फ सोनू के चाचा सतबीर ने अस्पताल पहुंचकर शव की शनाख्त की थी। उस समय भी यह केस पुलिस के लिए ब्लाइंड था, क्योंकि सतबीर ने अपनी शिकायत में किसी का नाम नहीं दिया था और न ही किसी पर शक जाहिर किया था। उसने शिकायत में कहा था कि सोनू 27 अक्तूबर की रात 9-10 बजे घर से खाना खाकर बाइक लेकर निकला था। पुलिस ने इस आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
गवाही और सूबूत बना अहम
इस ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को उस समय सफलता मिली थी, जब जयपाल उर्फ सोनू के परिवार के एक सदस्य ने सामने आकर गवाही दी कि घटना के दिन उसने इन तीनों को एक साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी से 315 बोर की पिस्तौल बरामद की थी। उस पिस्तौल के चेंबर में गोली का खोल फंस गया था। इस खोल और मौके से मिले खोल का मैच होने के कारण यह केस में अहम सुबूत बना। इसमें रोबिना और सुरेंद्र का नाम आने के बाद इस केस की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
दोषी करार सुनने के बाद रोबिना की बिगड़ी तबीयत
हत्या के इस मामले में अदालत द्वारा सुरेंद्र और रोबिना को दोषी ठहराए जाने के बाद सुरेंद्र को बख्शीखाना भेज दिया गया, लेकिन रोबिना की तबीयत बिगड़ गई। न्यायाधीश का फैसला सुनकर शाम करीब 4:30 बजे रोबिना को चक्कर आ गए। उसे वहीं अदालत परिसर में लेटाया गया और न्यायाधीश ने उसे तुरंत अस्पताल लेकर जाने के आदेश दिए। एंबुलेंस को फोन करके अदालत परिसर में बुलाया गया और महिला पुलिस को भी मौके पर पहुंचने को कहा गया। करीब 15-20 मिनट में नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस पहुंच गई, लेकिन ड्यूटी खत्म करके जा चुकी महिला पुलिस को वापस पहुंचने में थोड़ा समय लग गई। करीब आधे घंटे बाद जब महिला पुलिस पहुंची तो रोबिना की हालत सामान्य हो चुकी थी।