{"_id":"5bf9a818bdec224171674a38","slug":"31543088152-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धांसु गांव में जेसीबी से उखाड़े दर्जनभर हरे पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धांसु गांव में जेसीबी से उखाड़े दर्जनभर हरे पेड़
Updated Sun, 25 Nov 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। धांसु गांव में जेसीबी द्वारा दर्जनभर हरे पेड़ उखाड़ दिए गए। पेड़ उखाड़ने की शिकायत ग्रामीण अर्जुन गोदारा ने बीडीपीओ को की है और उसने आरोप गांव के पंच मनीष पर लगाया है। इस मामले में पंच-सरपंच किसी तरह की अनुमति होने से इनकार कर रहे हैं।
मामले के अनुसार शुक्रवार शाम को गांव में जोहड़ के निकट खड़े पेड़ों को जेसीबी के सहारे उखाड़ दिया। पेड़ कटने से नाराज ग्रामीण अर्जुन गोदारा ने कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ जिला उपायुक्त के कैंप ऑफिस पहुंचकर मामले की शिकायत की। मनीष ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से लगाई गई जेसीबी मशीन के पेड़ उखाड़ते हुए तैयार की गई वीडियो व पेड़ों के टुकड़े करते हुए मजदूरों के फोटोग्राफ भी जिला प्रशासन को सौंपे हैं। मनीष ने बताया कि गांव के मध्य स्थित सामान्य अस्पताल के पास स्थित पंचायती जमीन पर नीम, बबूल, बकैन, पीपल के करीब एक दर्जन पेड़ों को शुक्रवार रात ग्राम पंचायत ने जेसीबी के माध्यम से उखड़वा दिया।
बीडीपीओ को भी दी फोन पर जानकारी
शिकायतकर्ता अर्जुन गोदारा ने बताया कि छुट्टी होने के कारण उन्होंने पेड़ काटने की शिकायत बीडीपीओ को फोन पर की है। उन्होंने पेड़ काटने की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने की बात कही। साथ ही सोमवार को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
अनुमति किसी के पास नहीं
खास बात यह है कि इस मामले में किसी के पास भी पेड़ काटने के लिए वन विभाग की परमिशन नहीं थी। अमर उजाला ने जब पंच मनीष से पेड़ काटने के लिए वन विभाग की मंजूरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हमें तो पता नहीं कि वन विभाग से भी पूछना पड़ता है। सरपंच मनोहर लाल ने भी मंजूरी की बात से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यहां पर गंदगी थी और पेड़ व गंदगी हटाकर और पौधे लगाए जाएंगे। इस पर जब उनसे पूछा गया कि पेड़ काटकर फिर से पौधे लगाना कहां तक उचित है तो उन्होंने कहा कि पेड़ नहीं थे, छोटी झाड़ियां थीं।
यह पंचायत की जगह है और यहां गंदगी फैली रहती थी। इसे साफ करवाकर पौधे लगवाए जाएंगे। काटे गए पेड़ नहीं थे, बल्कि काबली कीकर थी। हमारे पास वन विभाग की परमिशन नहीं थी, पंचायत का फैसला था।
- मनीष, पंच, धांसु गांव।
मोहल्ले वालों की डिमांड थी, गंदगी हटाने की। दोपहर तक मैं वहां था और मनीष पंच को काम सौंपकर गया था। 7-8 छोटी झाड़ियां थीं, जिन्हें हटाकर गंदगी हटाकर और पौधे लगाए जाने हैं।
- मनोहर लाल भाकर, सरपंच, धांसु गांव।
मेरे पास लिखित शिकायत नहीं आई है। ग्रामीण का फोन आया था। छुट्टी के कारण मैं बाहर हूं। वापसी में सोमवार को चेक करेंगे और जो भी उचित कार्रवाई बनेगी की जाएगी।
- जयपाल तंवर, बीडीपीओ, हिसार-1 ब्लॉक।
विज्ञापन
हिसार। धांसु गांव में जेसीबी द्वारा दर्जनभर हरे पेड़ उखाड़ दिए गए। पेड़ उखाड़ने की शिकायत ग्रामीण अर्जुन गोदारा ने बीडीपीओ को की है और उसने आरोप गांव के पंच मनीष पर लगाया है। इस मामले में पंच-सरपंच किसी तरह की अनुमति होने से इनकार कर रहे हैं।
मामले के अनुसार शुक्रवार शाम को गांव में जोहड़ के निकट खड़े पेड़ों को जेसीबी के सहारे उखाड़ दिया। पेड़ कटने से नाराज ग्रामीण अर्जुन गोदारा ने कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ जिला उपायुक्त के कैंप ऑफिस पहुंचकर मामले की शिकायत की। मनीष ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से लगाई गई जेसीबी मशीन के पेड़ उखाड़ते हुए तैयार की गई वीडियो व पेड़ों के टुकड़े करते हुए मजदूरों के फोटोग्राफ भी जिला प्रशासन को सौंपे हैं। मनीष ने बताया कि गांव के मध्य स्थित सामान्य अस्पताल के पास स्थित पंचायती जमीन पर नीम, बबूल, बकैन, पीपल के करीब एक दर्जन पेड़ों को शुक्रवार रात ग्राम पंचायत ने जेसीबी के माध्यम से उखड़वा दिया।
विज्ञापन
बीडीपीओ को भी दी फोन पर जानकारी
शिकायतकर्ता अर्जुन गोदारा ने बताया कि छुट्टी होने के कारण उन्होंने पेड़ काटने की शिकायत बीडीपीओ को फोन पर की है। उन्होंने पेड़ काटने की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने की बात कही। साथ ही सोमवार को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
अनुमति किसी के पास नहीं
खास बात यह है कि इस मामले में किसी के पास भी पेड़ काटने के लिए वन विभाग की परमिशन नहीं थी। अमर उजाला ने जब पंच मनीष से पेड़ काटने के लिए वन विभाग की मंजूरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हमें तो पता नहीं कि वन विभाग से भी पूछना पड़ता है। सरपंच मनोहर लाल ने भी मंजूरी की बात से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यहां पर गंदगी थी और पेड़ व गंदगी हटाकर और पौधे लगाए जाएंगे। इस पर जब उनसे पूछा गया कि पेड़ काटकर फिर से पौधे लगाना कहां तक उचित है तो उन्होंने कहा कि पेड़ नहीं थे, छोटी झाड़ियां थीं।
यह पंचायत की जगह है और यहां गंदगी फैली रहती थी। इसे साफ करवाकर पौधे लगवाए जाएंगे। काटे गए पेड़ नहीं थे, बल्कि काबली कीकर थी। हमारे पास वन विभाग की परमिशन नहीं थी, पंचायत का फैसला था।
- मनीष, पंच, धांसु गांव।
मोहल्ले वालों की डिमांड थी, गंदगी हटाने की। दोपहर तक मैं वहां था और मनीष पंच को काम सौंपकर गया था। 7-8 छोटी झाड़ियां थीं, जिन्हें हटाकर गंदगी हटाकर और पौधे लगाए जाने हैं।
- मनोहर लाल भाकर, सरपंच, धांसु गांव।
मेरे पास लिखित शिकायत नहीं आई है। ग्रामीण का फोन आया था। छुट्टी के कारण मैं बाहर हूं। वापसी में सोमवार को चेक करेंगे और जो भी उचित कार्रवाई बनेगी की जाएगी।
- जयपाल तंवर, बीडीपीओ, हिसार-1 ब्लॉक।