{"_id":"5aef5ba34f1c1b60098b893e","slug":"31525636003-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टरों के 30 लाख लोग एन्हांसमेंट से प्रभावित, सरकार नहीं मानी तो करेंगे चुनावों में भाजपा का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टरों के 30 लाख लोग एन्हांसमेंट से प्रभावित, सरकार नहीं मानी तो करेंगे चुनावों में भाजपा का विरोध
Updated Mon, 07 May 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरियाणा स्टेेट सेक्टर कान्फीडरेशन के स्टेट कनवीनर यशवीर मलिक का कहना है कि एन्हांसमेंट के कारण प्रदेशभर के सेक्टरों में रहने वाले 30 लाख लोग प्रभावित हैं। अगर एन्हांसमेंट खत्म नहीं की गई तो सभी सेक्टरवासी आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध करेंगे। सेक्टरों में भाजपा प्रतिनिधियों को घुसने भी नहीं दिया जाएगा।
मलिक रविवार को हिसार के पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में हुई सेक्टरवासियों की राज्यस्तरीय सरकार जगाओ रैली को संबोधित कर रहे थे। मलिक ने कहा कि अब तक तो सरकार को जगाने का काम कर रहे थे। मगर सरकार नहीं जागी है। इसलिए अब सरकार भगाने के प्रयास शुरू करेंगे। इसी कड़ी में 27 मई से पानीपत में हर रोज प्रत्येक जिले से एक-एक आदमी आमरण अनशन पर बैठेेगा। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो फिर मुख्यमंत्री आवास पर चढ़ाई करेंगे।
दूसरी पार्टियों से समर्थन नहीं, घोषणा चाहिए
यशवीर मलिक ने कहा कि सेक्टरवासी किसी प्रकार की राजनीति नहीं कर रहे हैं। भाजपा के अलावा दूसरी पार्टियों के लोग उन्हें समर्थन दे रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी का भी समर्थन नहीं चाहिए। अगर पार्टियों को सच में ही सेक्टरवासियों की समस्या से सरोकार है तो वे घोषणा करे कि उनकी सरकार बनने पर एन्हांसमेंट पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।
विज्ञापन
सेक्टरवासियों से लिए 988 करोड़, किसानों को दिए 272 करोड़
यशवीर मलिक ने कहा कि उन्होंने आरटीआई और अन्य माध्यमों से सारी जानकारी जुटा ली है। हुडा अथॉरिटी की ओर से सेक्टर काटने के बाद किसानों को उनकी जमीन के 272 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि सेक्टरवासियों को प्लाट बेचकर 988 करोड़ रुपये कमाए गए हैं। ऐसे में बीच के 716 करोड़ रुपये कहां खर्च कि, इसको लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करे सरकार
मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार एन्हांसमेंट के मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करे। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया हुआ है कि एन्हांसमेंट पर ब्याज नहीं ले सकते। मगर फिर भी मुख्यमंत्री खुद ब्याज लेने की बात कह रहे हैं। यह कहां तक उचित है। इस पर सरकार गौर करे।
विज्ञापन
हिसार।
हरियाणा स्टेेट सेक्टर कान्फीडरेशन के स्टेट कनवीनर यशवीर मलिक का कहना है कि एन्हांसमेंट के कारण प्रदेशभर के सेक्टरों में रहने वाले 30 लाख लोग प्रभावित हैं। अगर एन्हांसमेंट खत्म नहीं की गई तो सभी सेक्टरवासी आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध करेंगे। सेक्टरों में भाजपा प्रतिनिधियों को घुसने भी नहीं दिया जाएगा।
मलिक रविवार को हिसार के पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में हुई सेक्टरवासियों की राज्यस्तरीय सरकार जगाओ रैली को संबोधित कर रहे थे। मलिक ने कहा कि अब तक तो सरकार को जगाने का काम कर रहे थे। मगर सरकार नहीं जागी है। इसलिए अब सरकार भगाने के प्रयास शुरू करेंगे। इसी कड़ी में 27 मई से पानीपत में हर रोज प्रत्येक जिले से एक-एक आदमी आमरण अनशन पर बैठेेगा। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो फिर मुख्यमंत्री आवास पर चढ़ाई करेंगे।
विज्ञापन
दूसरी पार्टियों से समर्थन नहीं, घोषणा चाहिए
यशवीर मलिक ने कहा कि सेक्टरवासी किसी प्रकार की राजनीति नहीं कर रहे हैं। भाजपा के अलावा दूसरी पार्टियों के लोग उन्हें समर्थन दे रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी का भी समर्थन नहीं चाहिए। अगर पार्टियों को सच में ही सेक्टरवासियों की समस्या से सरोकार है तो वे घोषणा करे कि उनकी सरकार बनने पर एन्हांसमेंट पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।
विज्ञापन
सेक्टरवासियों से लिए 988 करोड़, किसानों को दिए 272 करोड़
यशवीर मलिक ने कहा कि उन्होंने आरटीआई और अन्य माध्यमों से सारी जानकारी जुटा ली है। हुडा अथॉरिटी की ओर से सेक्टर काटने के बाद किसानों को उनकी जमीन के 272 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि सेक्टरवासियों को प्लाट बेचकर 988 करोड़ रुपये कमाए गए हैं। ऐसे में बीच के 716 करोड़ रुपये कहां खर्च कि, इसको लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करे सरकार
मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार एन्हांसमेंट के मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करे। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया हुआ है कि एन्हांसमेंट पर ब्याज नहीं ले सकते। मगर फिर भी मुख्यमंत्री खुद ब्याज लेने की बात कह रहे हैं। यह कहां तक उचित है। इस पर सरकार गौर करे।