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पेन-पेंसिल और किताबों को हथियार बनाकर आत्मरक्षा करना सीखेंगी 245 सरकारी स्कूल की बेटियां
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हिसार। जिले के 245 सरकारी स्कूल की बेटियां अब पेन-पेंसिल और किताबों को हथियार बनाकर अपनी आत्मरक्षा कर सकेगी। इसके अलावा उन्हें ऐसे गुर सिखाए जाएंगे, जिससे वह इन सामग्री के न होने पर भी हाथ व पैरों की तकनीक से भी खुद को असामाजिक तत्वों से बचाएगी।
शिक्षा निदेशालय ने इस कार्यक्रम को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण का नाम दिया है। इसमें मुख्यालय स्तर पर मास्टर ट्रेनर आएंगे। प्रति मास्टर ट्रेनर तीन सरकारी स्कूलों का चयन करेगा। जिसमें वह प्रार्थना समय, अर्ध-अवकाश व पूर्ण अवकाश के बाद लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगे। मुख्यालय ने इस कार्यक्रम को 8 नवंबर से शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस योजना के अंतर्गत प्रति स्कूल में 30 से 35 लड़कियों का ग्रुप बनेगा। जिसमें वह मास्टर ट्रेनर से आत्मरक्षा का गुर सीख सकेंगी। मास्टर ट्रेनर 3 माह या फिर 75 दिन तक बेटियों को ट्रेंड करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान स्कूल हेड, महिला शिक्षिका व एक पीटीआई की उपस्थिति होनी अनिवार्य है, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो।
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जिले के 245 सरकारी स्कूलों की लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए मुुख्यालय से मास्टर ट्रेनर आएंगे। विशेष बात है कि लड़कियों को पेन, पेंसिल व किताबों से बचाव कर अपनी सुरक्षा करना भी ट्रेनर की ओर से सीखाया जाएगा। - सुरेंद्र कैरो, सहायक परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार
शिक्षा निदेशालय की मुहिम काबिले तारीफ है। क्योंकि आजकल बेटियों के प्रति शारीरिक व मानसिक शोषण बढ़ रहा है। इसको देखते हुए मुख्यालय ने उन्हें आत्मरक्षा गुर सिखाने का फैसला लिया है। - ज्ञानसिंह, जिला परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार
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शिक्षा निदेशालय ने इस कार्यक्रम को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण का नाम दिया है। इसमें मुख्यालय स्तर पर मास्टर ट्रेनर आएंगे। प्रति मास्टर ट्रेनर तीन सरकारी स्कूलों का चयन करेगा। जिसमें वह प्रार्थना समय, अर्ध-अवकाश व पूर्ण अवकाश के बाद लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगे। मुख्यालय ने इस कार्यक्रम को 8 नवंबर से शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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इस योजना के अंतर्गत प्रति स्कूल में 30 से 35 लड़कियों का ग्रुप बनेगा। जिसमें वह मास्टर ट्रेनर से आत्मरक्षा का गुर सीख सकेंगी। मास्टर ट्रेनर 3 माह या फिर 75 दिन तक बेटियों को ट्रेंड करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान स्कूल हेड, महिला शिक्षिका व एक पीटीआई की उपस्थिति होनी अनिवार्य है, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो।
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जिले के 245 सरकारी स्कूलों की लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए मुुख्यालय से मास्टर ट्रेनर आएंगे। विशेष बात है कि लड़कियों को पेन, पेंसिल व किताबों से बचाव कर अपनी सुरक्षा करना भी ट्रेनर की ओर से सीखाया जाएगा। - सुरेंद्र कैरो, सहायक परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार
शिक्षा निदेशालय की मुहिम काबिले तारीफ है। क्योंकि आजकल बेटियों के प्रति शारीरिक व मानसिक शोषण बढ़ रहा है। इसको देखते हुए मुख्यालय ने उन्हें आत्मरक्षा गुर सिखाने का फैसला लिया है। - ज्ञानसिंह, जिला परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार