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स्वच्छता जिंगल रिंगटोन लॉन्च, क्या रिंगटोन से स्वच्छ होगा शहर
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:24 AM IST
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हिसार। हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज के चेयरमैन व विधायक डॉ. कमल गुप्ता और उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता जिंगल की रिंगटोन की विधिवत लॉन्चिंग की। नगर निगम आयुक्त अशोक बंसल ने बताया कि यह शहरवासियों को स्वच्छता की मुहिम से जोड़ने के लिए निगम द्वारा की गई एक नई पहल है। इस जिंगल को नगर निगम के कर्मचारियों के अलावा आम शहरवासियों के मोबाइल में भी रिंगटोन के रूप में डलवाया जाएगा।
गांवों में चल रहा अभियान, शहर में गंदगी के अंबार
स्वच्छता मुहिम से जुड़े अधिकारियों ने इस अभियान में ग्रामीणों के बढ़-चढ़कर भाग लेने का दावा किया है, जबकि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। प्रशासन दो अक्तूबर को हर गांव में महा स्वच्छता मिशन चलाया जाएगा। अगर अधिकारी शहर की सड़कों से गुजरते वक्त आंखें खुली रखें तो यहीं साफ करने के लिए उन्हें बहुत सारा काम मिल सकता है।
शहरवासी भी नहीं कर रहे पूरा सहयोग
शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी जितनी प्रशासन की है, उतनी ही शहरवासियों की भी है। शहर के पॉश इलाकों में लगे कूड़े के ढेर निगम के धरातल के प्रयासों की कहानी बयां कर रहे हैं। सड़कों पर कूड़े के ढेर यदि नगर निगम नहीं उठा रहा है तो उनको बढ़ाने वाले शहरवासी हैं। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इसे सच पाया। रविवार को कूड़ा डालती युवतियों को कैमरे में कैद भी किया। दूसरी ओर नगर निगम के स्वच्छता को लेकर प्रयास नाकाफी हैं। टाउन पार्क के समीप एक बड़ा होर्डिंग स्वच्छता अभियान का लगाया गया। हालांकि रविवार को उसके ऊपर सीएम का बिजली बिलों में भारी कटौती की सौगात का लगा दिया गया। इस बोर्ड के नीचे ही कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
गांवों में चल रहा अभियान, शहर में गंदगी के अंबार
स्वच्छता मुहिम से जुड़े अधिकारियों ने इस अभियान में ग्रामीणों के बढ़-चढ़कर भाग लेने का दावा किया है, जबकि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। प्रशासन दो अक्तूबर को हर गांव में महा स्वच्छता मिशन चलाया जाएगा। अगर अधिकारी शहर की सड़कों से गुजरते वक्त आंखें खुली रखें तो यहीं साफ करने के लिए उन्हें बहुत सारा काम मिल सकता है।
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शहरवासी भी नहीं कर रहे पूरा सहयोग
शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी जितनी प्रशासन की है, उतनी ही शहरवासियों की भी है। शहर के पॉश इलाकों में लगे कूड़े के ढेर निगम के धरातल के प्रयासों की कहानी बयां कर रहे हैं। सड़कों पर कूड़े के ढेर यदि नगर निगम नहीं उठा रहा है तो उनको बढ़ाने वाले शहरवासी हैं। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इसे सच पाया। रविवार को कूड़ा डालती युवतियों को कैमरे में कैद भी किया। दूसरी ओर नगर निगम के स्वच्छता को लेकर प्रयास नाकाफी हैं। टाउन पार्क के समीप एक बड़ा होर्डिंग स्वच्छता अभियान का लगाया गया। हालांकि रविवार को उसके ऊपर सीएम का बिजली बिलों में भारी कटौती की सौगात का लगा दिया गया। इस बोर्ड के नीचे ही कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
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