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सुरेश कोथ रिहा, 22 घंटे बाद खोला जाम,सरकार के खिलाफ नारेबाजी
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौंद (हिसार)।
किसानों का दिल्ली कूच को लेकर आंदोलन सरकार ने बिखेरने में कामयाब रही। एक रणनीति के तहत देशभर के किसानों को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए किसानों ने रास्ते जाम कर दिए और नेताओं को रिहा करने की मांग की। आखिरकार प्रशासन ने किसान नेता सुरेश कोथ को रिहा करना पड़ा और बरवाला-जींद मार्ग पर खेड़ी चौपटा पर लगाए गए जाम को 22 घंटे बाद खुलवाया। सुरेश कोथ ने एलान किया कि दोबारा से संगठित होकर किसान एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उसके लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। इस दौरान भारी पुलिस बल सहित आरएएफ की कंपनी को भी तैनात किया गया।
किसान नेता सुरेश कोथ को हिरासत में लेने को लेकर गुस्साए किसान रातभर बरवाला-जींद मार्ग पर जाम लगाए बैठे रहे और शुक्रवार की सुबह से ही प्रदेश भर के गांवों से किसान खेड़ी चौपटा पहुंचे। किसानों की मांग थी कि जब तक सुरेश कोथ को रिहा नहीं किया जाएगा, वे जाम नहीं खोलेंगे। इस दौरान प्रशासन ने भारी पुलिस बल व आरएएफ की टुकड़ी को भी तैनात किया गया। प्रशासन ने किसानों की कमेटी के साथ कई बार बात की, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ा तो आखिरकार प्रशासन ने दोपहर तीन बजे सुरेश कोथ को रिहा कर खेड़ी चौपटा धरनास्थल पर छोड़ दिया।
किसानों से डर गई सरकार, इसलिए लिया हिरासत में
रिहाई के बाद सुरेश कोथ ने किसानों को संबोधित किया कि सरकार किसानों से डर गई है। देश के गृह मंत्री राजनाथ ने आदेश दिए थे कि अगर किसान दिल्ली में घुस गए तो स्थिति ठीक नहीं रहेगी। इस डर की वजह से पुलिस ने किसानों को हिरासत में लिया था। ये लोकतंत्र का गला घोंटने का काम है। हमने कोई गलत काम नहीं किया था। पुलिस ने बिना किसी कारण हमें हिरासत में लिया। प्रधानमंत्री मोदी किसानों से डर चुके हैं। सरकार ने इस आंदोलन को तो साजिश के तहत कुचलने का काम किया है। लेकिन किसान अब साजिश करके सरकार को कुचलने का काम करेंगे। हम आंदोलन को बिखरने नहीं देंगे, बल्कि पहले से ज्यादा एकता बनाकर दिल्ली की ईंट से ईंट बजाएंगे। सरकार जल्द हमारे नेताओं को रिहा करे, अन्यथा इसके परिणाम गंभीर होंगे।
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पूरे क्षेत्र में शांति : एसडीएम
एसडीएम राजीव अहलावत ने बताया कि किसान नेता सुरेश कोथ को रिहा कर दिया गया है और बरवाला-जींद मार्ग से जाम खुलवा दिया गया है। पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल कायम है।
केस दर्ज किसानों को जल्द करेंगे गिरफ्तार : डीएसपी
डीएसपी जोगेंद्र राठी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल सहित आरएएफ की कंपनी को तैनात किया गया है। 300 अज्ञात किसानों पर सड़क जाम करने का मामला दर्ज किया गया है। उनकी पहचान करके उनको जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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नारनौंद (हिसार)।
किसानों का दिल्ली कूच को लेकर आंदोलन सरकार ने बिखेरने में कामयाब रही। एक रणनीति के तहत देशभर के किसानों को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए किसानों ने रास्ते जाम कर दिए और नेताओं को रिहा करने की मांग की। आखिरकार प्रशासन ने किसान नेता सुरेश कोथ को रिहा करना पड़ा और बरवाला-जींद मार्ग पर खेड़ी चौपटा पर लगाए गए जाम को 22 घंटे बाद खुलवाया। सुरेश कोथ ने एलान किया कि दोबारा से संगठित होकर किसान एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उसके लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। इस दौरान भारी पुलिस बल सहित आरएएफ की कंपनी को भी तैनात किया गया।
किसान नेता सुरेश कोथ को हिरासत में लेने को लेकर गुस्साए किसान रातभर बरवाला-जींद मार्ग पर जाम लगाए बैठे रहे और शुक्रवार की सुबह से ही प्रदेश भर के गांवों से किसान खेड़ी चौपटा पहुंचे। किसानों की मांग थी कि जब तक सुरेश कोथ को रिहा नहीं किया जाएगा, वे जाम नहीं खोलेंगे। इस दौरान प्रशासन ने भारी पुलिस बल व आरएएफ की टुकड़ी को भी तैनात किया गया। प्रशासन ने किसानों की कमेटी के साथ कई बार बात की, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ा तो आखिरकार प्रशासन ने दोपहर तीन बजे सुरेश कोथ को रिहा कर खेड़ी चौपटा धरनास्थल पर छोड़ दिया।
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किसानों से डर गई सरकार, इसलिए लिया हिरासत में
रिहाई के बाद सुरेश कोथ ने किसानों को संबोधित किया कि सरकार किसानों से डर गई है। देश के गृह मंत्री राजनाथ ने आदेश दिए थे कि अगर किसान दिल्ली में घुस गए तो स्थिति ठीक नहीं रहेगी। इस डर की वजह से पुलिस ने किसानों को हिरासत में लिया था। ये लोकतंत्र का गला घोंटने का काम है। हमने कोई गलत काम नहीं किया था। पुलिस ने बिना किसी कारण हमें हिरासत में लिया। प्रधानमंत्री मोदी किसानों से डर चुके हैं। सरकार ने इस आंदोलन को तो साजिश के तहत कुचलने का काम किया है। लेकिन किसान अब साजिश करके सरकार को कुचलने का काम करेंगे। हम आंदोलन को बिखरने नहीं देंगे, बल्कि पहले से ज्यादा एकता बनाकर दिल्ली की ईंट से ईंट बजाएंगे। सरकार जल्द हमारे नेताओं को रिहा करे, अन्यथा इसके परिणाम गंभीर होंगे।
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पूरे क्षेत्र में शांति : एसडीएम
एसडीएम राजीव अहलावत ने बताया कि किसान नेता सुरेश कोथ को रिहा कर दिया गया है और बरवाला-जींद मार्ग से जाम खुलवा दिया गया है। पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल कायम है।
केस दर्ज किसानों को जल्द करेंगे गिरफ्तार : डीएसपी
डीएसपी जोगेंद्र राठी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल सहित आरएएफ की कंपनी को तैनात किया गया है। 300 अज्ञात किसानों पर सड़क जाम करने का मामला दर्ज किया गया है। उनकी पहचान करके उनको जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।