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जिले में डेंगू की दस्तक,सामने आया पहला मामला--
Updated Sat, 14 Jul 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मानसून की दूसरी बरसात से पहले ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। जिले का पहला मामला शुक्रवार को सामने आया है। गांव बहबलपुर के किसान दलीप सिंह को लगातार तीन दिन से बुखार की शिकायत थी। बुखार की वजह से उनके पूरे बदन में तेज दर्द था। गांव में इलाज के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उनको हिसार के निजी अस्पताल में लेेेकर पहुंचे। डॉ. अजय महाजन ने ब्लड रिपोर्ट के आधार पर उनको डेेंगू बुखार से पीड़ित होने की पुष्टि की।
अस्पताल में इलाज के बाद देर रात उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। दलीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में अन्य भी कई लोगों को बुखार की शिकायत है। अभी तक उन्होंने टेस्ट नहीं करवाया है। जब डेंगू के मामले के बारे में जिला मलेरिया विभाग में संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी मामला सामने आने से मना कर दिया। डेंगू के अलावा जिले में मलेरिया के 22 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिला मलेरिया रोकथाम अधिकारी डॉ. जया गोयल के अनुसार स्थिति कंट्रोल में है। अभी तक मलेरिया व डेंगू के दर्ज मामले पिछले साल की तुलना में काफी कम है। रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा पिछले साल जहां मलेरिया व डेंगू का ज्यादा प्रकोप था, उन जगहों पर फॉगिंग करवाई जा रही है।
साफ पानी है डेंगू फैलने की मुख्य वजह
डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। अपने घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। कूलर, गमला सहित अन्य जगह पानी को बदलते रहें। डेंगू का मच्छर 100 मीटर से अधिक दूरी तक नहीं उड़ता। इस कारण डेंगू का सबसे अधिक खतरा घर के पास ही है। डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है।
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हिसार। मानसून की दूसरी बरसात से पहले ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। जिले का पहला मामला शुक्रवार को सामने आया है। गांव बहबलपुर के किसान दलीप सिंह को लगातार तीन दिन से बुखार की शिकायत थी। बुखार की वजह से उनके पूरे बदन में तेज दर्द था। गांव में इलाज के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उनको हिसार के निजी अस्पताल में लेेेकर पहुंचे। डॉ. अजय महाजन ने ब्लड रिपोर्ट के आधार पर उनको डेेंगू बुखार से पीड़ित होने की पुष्टि की।
अस्पताल में इलाज के बाद देर रात उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। दलीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में अन्य भी कई लोगों को बुखार की शिकायत है। अभी तक उन्होंने टेस्ट नहीं करवाया है। जब डेंगू के मामले के बारे में जिला मलेरिया विभाग में संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी मामला सामने आने से मना कर दिया। डेंगू के अलावा जिले में मलेरिया के 22 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिला मलेरिया रोकथाम अधिकारी डॉ. जया गोयल के अनुसार स्थिति कंट्रोल में है। अभी तक मलेरिया व डेंगू के दर्ज मामले पिछले साल की तुलना में काफी कम है। रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा पिछले साल जहां मलेरिया व डेंगू का ज्यादा प्रकोप था, उन जगहों पर फॉगिंग करवाई जा रही है।
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साफ पानी है डेंगू फैलने की मुख्य वजह
डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। अपने घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। कूलर, गमला सहित अन्य जगह पानी को बदलते रहें। डेंगू का मच्छर 100 मीटर से अधिक दूरी तक नहीं उड़ता। इस कारण डेंगू का सबसे अधिक खतरा घर के पास ही है। डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है।
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