{"_id":"5be9d249bdec22695b77ad6e","slug":"181542050377-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक महीने और झेलना होगा जाम, 15 दिसंबर तक पूरा होगा डाबड़ा चौक पुल का काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक महीने और झेलना होगा जाम, 15 दिसंबर तक पूरा होगा डाबड़ा चौक पुल का काम
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। डाबड़ा चौक पुल से गुजरने वाले शहरवासियों को एक महीना और जाम झेलना होगा। पीडब्ल्यूडी की ओर से 15 दिसंबर तक पुल निर्माण का काम पूरा करवाया जाएगा। इसके बाद ही पुल को आम जनता के लिए खोला जाएगा, तभी जाम की समस्या से पूरी तरह निजात मिलेगी। फिलहाल पुल के दोनों तरफ 10 ट्रैफिक कर्मचारी तैनात होने के बाद भी ट्रैफिक काबू नहीं आ रहा है। हर रोज लोगों को भयंकर जाम से जूझना पड़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय तो हालात ज्यादा बदतर हो रहे हैं।
जून 2017 में शुरू हुआ था फोरलेन का काम
डाबड़ा चौक पुल के फोरलेन का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले साल किया था। जून 2017 में फोरलेन का काम शुरू हुआ था। इस पुल के दो टेंडर लगाए गए थे। पहले टेंडर का काम अप्रैल तक पूरा हो चुका है। दूसरा टेंडर रेलवे के हिस्से का था, जिसका टेंडर बाद में लगाया गया। फोरलेन काम काफी दिन पहले पूरा होना था, लेकिन रेलवे के हिस्से का काम पूरा होने में काफी समय लग गया। रेलवे ने स्टील के गार्डर उपलब्ध करवा दिए हैं। अब निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं, जिसे पीडब्ल्यूडी पूरा करवाने में लगा है।
15 करोड़ रुपये हुए हैं खर्च
डाबड़ा चौक पुल को फोरलेन करने पर 15 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है। नए पुल की लंबाई 613 मीटर, जबकि चौड़ाई साढ़े आठ मीटर है। नया पुल पुराने पुल से 1.89 मीटर ऊंचा है। रेलवे के हिस्से में स्टील के गार्डर लगाए जाने थे। इन गार्डर की टेस्टिंग में अधिक समय लगा था। इसलिए देरी से गार्डर हिसार पहुंच पाए। मगर पिछले महीने गार्डर आने के बाद गार्डर पुल में फिट किए जा चुके हैं। पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से इस कार्य को 15 अगस्त तक पूरा करना था। मगर बार-बार हो रही देरी से आम जनता की परेशानी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन
हर रोज गुजरते हैं 40 हजार से अधिक वाहन
डाबड़ा चौक पुल शहर के मुख्य पुलों में से एक हैं। इस पर रोजाना औसतन 40 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। मगर बार-बार जाम के हालातों से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा इसे फोरलेन करने का प्रपोजल बनाया गया। जिसे सरकार की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य 2017 में शुरू करवाया गया।
यह सारा कार्य हरियाणा सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से ही हो रहा है। रेलवे की ओर से तो स्टील के गार्डर उपलब्ध करवाने थे। वह हम दे चुके हैं। अब पूरे काम का सुपर विजन पीडब्ल्यूडी ही कर रहा है।
-एचसी चितरोल, डिप्टी चीफ इंजीनियर, रेलवे बीकानेर मंडल
रेलवे की ओर से गार्डर उपलब्ध करवाने में काफी समय लग गया। डाबड़ा चौक पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 15 दिसंबर तक काम पूरा कर पुल को आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
-एचएन सिंगला, एसई, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
हिसार। डाबड़ा चौक पुल से गुजरने वाले शहरवासियों को एक महीना और जाम झेलना होगा। पीडब्ल्यूडी की ओर से 15 दिसंबर तक पुल निर्माण का काम पूरा करवाया जाएगा। इसके बाद ही पुल को आम जनता के लिए खोला जाएगा, तभी जाम की समस्या से पूरी तरह निजात मिलेगी। फिलहाल पुल के दोनों तरफ 10 ट्रैफिक कर्मचारी तैनात होने के बाद भी ट्रैफिक काबू नहीं आ रहा है। हर रोज लोगों को भयंकर जाम से जूझना पड़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय तो हालात ज्यादा बदतर हो रहे हैं।
जून 2017 में शुरू हुआ था फोरलेन का काम
डाबड़ा चौक पुल के फोरलेन का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले साल किया था। जून 2017 में फोरलेन का काम शुरू हुआ था। इस पुल के दो टेंडर लगाए गए थे। पहले टेंडर का काम अप्रैल तक पूरा हो चुका है। दूसरा टेंडर रेलवे के हिस्से का था, जिसका टेंडर बाद में लगाया गया। फोरलेन काम काफी दिन पहले पूरा होना था, लेकिन रेलवे के हिस्से का काम पूरा होने में काफी समय लग गया। रेलवे ने स्टील के गार्डर उपलब्ध करवा दिए हैं। अब निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं, जिसे पीडब्ल्यूडी पूरा करवाने में लगा है।
विज्ञापन
15 करोड़ रुपये हुए हैं खर्च
डाबड़ा चौक पुल को फोरलेन करने पर 15 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है। नए पुल की लंबाई 613 मीटर, जबकि चौड़ाई साढ़े आठ मीटर है। नया पुल पुराने पुल से 1.89 मीटर ऊंचा है। रेलवे के हिस्से में स्टील के गार्डर लगाए जाने थे। इन गार्डर की टेस्टिंग में अधिक समय लगा था। इसलिए देरी से गार्डर हिसार पहुंच पाए। मगर पिछले महीने गार्डर आने के बाद गार्डर पुल में फिट किए जा चुके हैं। पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से इस कार्य को 15 अगस्त तक पूरा करना था। मगर बार-बार हो रही देरी से आम जनता की परेशानी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन
हर रोज गुजरते हैं 40 हजार से अधिक वाहन
डाबड़ा चौक पुल शहर के मुख्य पुलों में से एक हैं। इस पर रोजाना औसतन 40 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। मगर बार-बार जाम के हालातों से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा इसे फोरलेन करने का प्रपोजल बनाया गया। जिसे सरकार की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य 2017 में शुरू करवाया गया।
यह सारा कार्य हरियाणा सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से ही हो रहा है। रेलवे की ओर से तो स्टील के गार्डर उपलब्ध करवाने थे। वह हम दे चुके हैं। अब पूरे काम का सुपर विजन पीडब्ल्यूडी ही कर रहा है।
-एचसी चितरोल, डिप्टी चीफ इंजीनियर, रेलवे बीकानेर मंडल
रेलवे की ओर से गार्डर उपलब्ध करवाने में काफी समय लग गया। डाबड़ा चौक पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 15 दिसंबर तक काम पूरा कर पुल को आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
-एचएन सिंगला, एसई, पीडब्ल्यूडी