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सांसद सैलजा ने दी थी मूकबधिर स्टूडेंट्स के कमरों के लिए ग्रांट, निगम ने चमका दिया प्रिंसिपल का कमरा
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अनाजमंडी स्थित मूक-बधिर स्कूल के लिए दी गई राज्यसभा सांसद की ग्रांट से छात्रों के कमरों में टाइल बिछाने की बजाय नगर निगम के अधिकारियों ने प्रिंसिपल का कमरा चमका दिया। मामले की शिकायत लेकर मंगलवार को सांसद से जुड़े कार्यकर्ता निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम अधिकारियों को कहा कि आखिर जो काम मैडम ने बोला था, उसे तो आपने करवाया ही नहीं। मूक-बधिर बच्चों के लिए तीन कमरे बनाकर उनमें टाइलें बिछाने के लिए पैसे दिए गए थे। आपने तो टाइलें प्रिंसिपल और क्लर्क के कमरों में बिछवा दीं। जहां टाइलें लगनी थीं, वहां साधारण सीमेंट का फर्श बना दिया।
एमई और एसई से मिले मीनू जैन
कार्यकर्ता मीनू जैन एसई रामजीलाल और एमई अमित कौशिक से मिला। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की और कहा कि मैडम ने जो काम कहा था, उसके हिसाब से स्कूल में एक भी काम नहीं हुआ। जो टाइलें कमरों में लगाई जानी थीं, वे प्रिंसिपल के रूम में लगा दीं। फर्श भी टूट गया है। उन्होंने एमई अमित कौशिक से प्रिंसिपल की बात भी करवाई। प्रिंसिपल ने फोन पर भी माना कि उनके रूम में टाइलें लगवाई गई हैं।
कल आएंगी मैडम, लिखेंगी डीसी को पत्र
मीनू जैन ने कहा कि कुमारी सैलजा वीरवार को हिसार आएंगी। उनके संज्ञान में मामला डाल दिया है। वे डीसी को इस बारे में चिट्ठी लिखेंगी। एक भी काम एस्टिमेट के अनुसार नहीं हुआ। ये किसके कहने पर हुआ और अधिकारियों की क्या रुचि है, इसकी जांच के लिए लिखा जाएगा।
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नहीं दिया एस्टिमेट
कार्यकर्ता ने मौके पर एस्टिमेट मांगा। अधिकारियों ने कहा कि एस्टिमेट के अनुसार काम हुआ है। जब उन्होंने कहा कि चलो मान लेते हैं आपने एस्टिमेट के अनुसार काम करवाया है, आप लोग एस्टिमेट की कॉपी दे दो। अभी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस पर अधिकारियों ने एस्टिमेट की कॉपी ही नहीं दी। उन्होंने कहा कि एस्टिमेट रिकॉर्ड रूम में जा चुका है, जहां से निकलवाने के लिए लेटर लिखकर कार्यालय में जमा करवाना होगा।
एमई बोले नहीं होगा गलत काम
मामले को लेकर कार्यकर्ता एमई अमित कौशिक से मिला। एमई ने कहा कि कोई गलत काम नहीं होने दूंगा। अगर एस्टिमेट के अनुसार कांट्रेक्टर ने काम नहीं किया तो उससे काम दोबारा करवाया जाएगा। उसकी सिक्योरिटी राशि जमा है। कांट्रेक्टर या तो ये काम कर देगा या फिर उसकी सिक्योरिटी राशि से निगम करवा लेगा।
टाइलें तो लगी हैं, लेकिन दूसरे कमरों में लगा दी। कुछ काम में बदलाव जरूर किया गया है, लेकिन गलत नहीं है। -सुरेंद्र शर्मा, डायरेक्टर मूक-बधिर स्कूल
सांसद सैलजा ने दी थी 25 लाख की ग्रांट
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हिसार।
अनाजमंडी स्थित मूक-बधिर स्कूल के लिए दी गई राज्यसभा सांसद की ग्रांट से छात्रों के कमरों में टाइल बिछाने की बजाय नगर निगम के अधिकारियों ने प्रिंसिपल का कमरा चमका दिया। मामले की शिकायत लेकर मंगलवार को सांसद से जुड़े कार्यकर्ता निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम अधिकारियों को कहा कि आखिर जो काम मैडम ने बोला था, उसे तो आपने करवाया ही नहीं। मूक-बधिर बच्चों के लिए तीन कमरे बनाकर उनमें टाइलें बिछाने के लिए पैसे दिए गए थे। आपने तो टाइलें प्रिंसिपल और क्लर्क के कमरों में बिछवा दीं। जहां टाइलें लगनी थीं, वहां साधारण सीमेंट का फर्श बना दिया।
एमई और एसई से मिले मीनू जैन
कार्यकर्ता मीनू जैन एसई रामजीलाल और एमई अमित कौशिक से मिला। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की और कहा कि मैडम ने जो काम कहा था, उसके हिसाब से स्कूल में एक भी काम नहीं हुआ। जो टाइलें कमरों में लगाई जानी थीं, वे प्रिंसिपल के रूम में लगा दीं। फर्श भी टूट गया है। उन्होंने एमई अमित कौशिक से प्रिंसिपल की बात भी करवाई। प्रिंसिपल ने फोन पर भी माना कि उनके रूम में टाइलें लगवाई गई हैं।
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कल आएंगी मैडम, लिखेंगी डीसी को पत्र
मीनू जैन ने कहा कि कुमारी सैलजा वीरवार को हिसार आएंगी। उनके संज्ञान में मामला डाल दिया है। वे डीसी को इस बारे में चिट्ठी लिखेंगी। एक भी काम एस्टिमेट के अनुसार नहीं हुआ। ये किसके कहने पर हुआ और अधिकारियों की क्या रुचि है, इसकी जांच के लिए लिखा जाएगा।
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नहीं दिया एस्टिमेट
कार्यकर्ता ने मौके पर एस्टिमेट मांगा। अधिकारियों ने कहा कि एस्टिमेट के अनुसार काम हुआ है। जब उन्होंने कहा कि चलो मान लेते हैं आपने एस्टिमेट के अनुसार काम करवाया है, आप लोग एस्टिमेट की कॉपी दे दो। अभी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस पर अधिकारियों ने एस्टिमेट की कॉपी ही नहीं दी। उन्होंने कहा कि एस्टिमेट रिकॉर्ड रूम में जा चुका है, जहां से निकलवाने के लिए लेटर लिखकर कार्यालय में जमा करवाना होगा।
एमई बोले नहीं होगा गलत काम
मामले को लेकर कार्यकर्ता एमई अमित कौशिक से मिला। एमई ने कहा कि कोई गलत काम नहीं होने दूंगा। अगर एस्टिमेट के अनुसार कांट्रेक्टर ने काम नहीं किया तो उससे काम दोबारा करवाया जाएगा। उसकी सिक्योरिटी राशि जमा है। कांट्रेक्टर या तो ये काम कर देगा या फिर उसकी सिक्योरिटी राशि से निगम करवा लेगा।
टाइलें तो लगी हैं, लेकिन दूसरे कमरों में लगा दी। कुछ काम में बदलाव जरूर किया गया है, लेकिन गलत नहीं है। -सुरेंद्र शर्मा, डायरेक्टर मूक-बधिर स्कूल
सांसद सैलजा ने दी थी 25 लाख की ग्रांट