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मारवल सिटी निवासियों का आरोप- पुलिस ने समझौते का दबाव बनाया, पुलिस का कहना- बाहरी लोग बढ़ा रहे विवाद
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मारवल सिटी प्रबंधन और कॉलोनीवासियों में विवाद निपटने के बजाय उलझता ही जा रहा है। विवाद को निपटाने के लिए सोमवार को डीएसपी के बुलावे पद दोनों पक्षों के लोग डीएसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन समझौता नहीं हो पाया। कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर समझौता करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि मारवल सिटी विवाद दो बाहरी लोगों की वजह से पनपा है, जिनका मारवल सिटी से लेना-देना नहीं है।
मारवल सिटी प्रबंधन और कॉलोनी वासियों के विवाद को निपटाने के लिए पुलिस की ओर से दोनों पक्षों को सोमवार सुबह डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया के कार्यालय में बुलाया गया था। इसमें मारवल सिटी निवासियों की ओर से नवीन अग्रवाल, विजेंद्र, सुभाष जागलान, प्रवीन गर्ग, मयंक बंसल, राजबीर, मनीष पहुंचे। नवीन अग्रवाल ने कहा उन्हें रविवार को कहा गया था कि 5-7 लोग आ जाना और दूसरे पक्ष के भी 5-7 लोगों को बुला लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वे तो सात लोग ही गए थे, जबकि दूसरे पक्ष के करीब 70 लोग वहां पहुंचे हुए थे। वहां पर उनके ऊपर समझौते का दबाव बनाया गया और हमले के आरोपी भी उनमें शामिल थे, जिनको पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है और पूछने पर उनको फरार बताती है। मीटिंग में दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो सका और बेनतीजा ही खत्म हो गई
कॉलोनीवासियों ने देर शाम की मीटिंग
मारवल सिटी कॉलोनी वासियों ने देर शाम मीटिंग की। नवीन अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में प्रस्ताव पास कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ उनके रवैये की कड़ी आलोचना की गई। उनके साथ चोरी और ऊपर से सीना जोरी वाली बात हो रही है। मीटिंग में उन लोगों को बुलाया गया, जिन्होंने उनके ऊपर हमला किया और उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि मीटिंग में फैसला लिया गया है कि अब प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। प्रबंधन ने सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है, जिसका मीडिया के सामने खुलासा किया जाएगा। नवीन ने कहा कि जल्द ही सबूतों के साथ मीडिया के सामने आएंगे और करोड़ों रुपये के घोटाले का सबूतों के साथ खुलासा करेंगे।
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डीएसपी देर शाम पहुंचे कॉलोनी में
डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया शाम छह बजे कॉलोनी में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुबह कॉलोनीवासियों ने उन्हें बुलाया था, लेकिन एक घंटे पहले यहां पहुंचा था और कई बार कॉलोनीवासियों को मैसेज दे चुके हैं, लेकिन कोई मिलने नहीं आया। इस बारे में नवीन अग्रवाल से बात की तो उसका कहना था कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया, लेकिन अब मैसेज आया था। अब उन्होंने जाने से मना कर दिया है, क्योंकि उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है, जो कॉलोनी वासियों ने करने से मना कर दिया है।
ये कहा डीएसपी ने
इस बारे में डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया का कहना है कि यह विवाद दो बाहरी लोगों द्वारा पैदा किया गया है। अरुण गर्ग पहले मारवल सिटी प्रबंधन में काम करता था, चोरी करने के आरोप में प्रबंधन ने उसे हटा दिया था। उसने अपनी कंपनी बनाई हुई है। दूसरा व्यक्ति सुभाष जुगलान है, जिसका यहां केवल प्लॉट है। ये लोग प्रशासन को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं, जिसके चलते इन्होंने मामले को भड़काया हुआ है। इन दोनों ने यहां पर पर्चे छपवा दिए कि पानी ज्यादा टीडीएस का है, बिजली महंगी दी जा रही है आदि। कॉलोनी के केवल 7-8 परिवार खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि पहली मीटिंग में जो मारपीट हुई, उसमें दोनों तरफ के लोगों को चोट आई है। धरने में भी मारवल सिटी का कोई नागरिक शामिल नहीं है। सुबह की मीटिंग में दूसरे पक्ष के भले ज्यादा लोग आए होंगे, लेकिन अंदर मीटिंग में दोनों तरफ के 6-7 लोगों को ही बुलाकर आमने-सामने बात हुई थी।
झगड़ा दो ग्रुप का हुआ था, जिससे मारवल कंपनी का लेना-देना नहीं है। नवीन का भाई अरुण कंपनी में काम करता था। उसको कंपनी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से नवीन रंजिश रखता था। पहले भी वह 2-3 बार शिकायत कर चुका है और पुलिस में माफीनामा भी दिया था। हमारी ओर से कॉलोनी में सुविधाओं में कमी नहीं आने दी जाएगी। नरेश यादव गए थे।
- नितिन जैन, डायरेक्टर, मारवल सिटी, हिसार।
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हिसार। मारवल सिटी प्रबंधन और कॉलोनीवासियों में विवाद निपटने के बजाय उलझता ही जा रहा है। विवाद को निपटाने के लिए सोमवार को डीएसपी के बुलावे पद दोनों पक्षों के लोग डीएसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन समझौता नहीं हो पाया। कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर समझौता करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि मारवल सिटी विवाद दो बाहरी लोगों की वजह से पनपा है, जिनका मारवल सिटी से लेना-देना नहीं है।
मारवल सिटी प्रबंधन और कॉलोनी वासियों के विवाद को निपटाने के लिए पुलिस की ओर से दोनों पक्षों को सोमवार सुबह डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया के कार्यालय में बुलाया गया था। इसमें मारवल सिटी निवासियों की ओर से नवीन अग्रवाल, विजेंद्र, सुभाष जागलान, प्रवीन गर्ग, मयंक बंसल, राजबीर, मनीष पहुंचे। नवीन अग्रवाल ने कहा उन्हें रविवार को कहा गया था कि 5-7 लोग आ जाना और दूसरे पक्ष के भी 5-7 लोगों को बुला लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वे तो सात लोग ही गए थे, जबकि दूसरे पक्ष के करीब 70 लोग वहां पहुंचे हुए थे। वहां पर उनके ऊपर समझौते का दबाव बनाया गया और हमले के आरोपी भी उनमें शामिल थे, जिनको पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है और पूछने पर उनको फरार बताती है। मीटिंग में दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो सका और बेनतीजा ही खत्म हो गई
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कॉलोनीवासियों ने देर शाम की मीटिंग
मारवल सिटी कॉलोनी वासियों ने देर शाम मीटिंग की। नवीन अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में प्रस्ताव पास कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ उनके रवैये की कड़ी आलोचना की गई। उनके साथ चोरी और ऊपर से सीना जोरी वाली बात हो रही है। मीटिंग में उन लोगों को बुलाया गया, जिन्होंने उनके ऊपर हमला किया और उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि मीटिंग में फैसला लिया गया है कि अब प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। प्रबंधन ने सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है, जिसका मीडिया के सामने खुलासा किया जाएगा। नवीन ने कहा कि जल्द ही सबूतों के साथ मीडिया के सामने आएंगे और करोड़ों रुपये के घोटाले का सबूतों के साथ खुलासा करेंगे।
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डीएसपी देर शाम पहुंचे कॉलोनी में
डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया शाम छह बजे कॉलोनी में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुबह कॉलोनीवासियों ने उन्हें बुलाया था, लेकिन एक घंटे पहले यहां पहुंचा था और कई बार कॉलोनीवासियों को मैसेज दे चुके हैं, लेकिन कोई मिलने नहीं आया। इस बारे में नवीन अग्रवाल से बात की तो उसका कहना था कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया, लेकिन अब मैसेज आया था। अब उन्होंने जाने से मना कर दिया है, क्योंकि उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है, जो कॉलोनी वासियों ने करने से मना कर दिया है।
ये कहा डीएसपी ने
इस बारे में डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया का कहना है कि यह विवाद दो बाहरी लोगों द्वारा पैदा किया गया है। अरुण गर्ग पहले मारवल सिटी प्रबंधन में काम करता था, चोरी करने के आरोप में प्रबंधन ने उसे हटा दिया था। उसने अपनी कंपनी बनाई हुई है। दूसरा व्यक्ति सुभाष जुगलान है, जिसका यहां केवल प्लॉट है। ये लोग प्रशासन को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं, जिसके चलते इन्होंने मामले को भड़काया हुआ है। इन दोनों ने यहां पर पर्चे छपवा दिए कि पानी ज्यादा टीडीएस का है, बिजली महंगी दी जा रही है आदि। कॉलोनी के केवल 7-8 परिवार खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि पहली मीटिंग में जो मारपीट हुई, उसमें दोनों तरफ के लोगों को चोट आई है। धरने में भी मारवल सिटी का कोई नागरिक शामिल नहीं है। सुबह की मीटिंग में दूसरे पक्ष के भले ज्यादा लोग आए होंगे, लेकिन अंदर मीटिंग में दोनों तरफ के 6-7 लोगों को ही बुलाकर आमने-सामने बात हुई थी।
झगड़ा दो ग्रुप का हुआ था, जिससे मारवल कंपनी का लेना-देना नहीं है। नवीन का भाई अरुण कंपनी में काम करता था। उसको कंपनी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से नवीन रंजिश रखता था। पहले भी वह 2-3 बार शिकायत कर चुका है और पुलिस में माफीनामा भी दिया था। हमारी ओर से कॉलोनी में सुविधाओं में कमी नहीं आने दी जाएगी। नरेश यादव गए थे।
- नितिन जैन, डायरेक्टर, मारवल सिटी, हिसार।