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प्रदेश के पहले गो अभ्यारणय में भूख से तीन बछड़ों की मौत
Updated Sat, 16 Jun 2018 02:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। ठसका में गायों की मौत के बाद अब ढंढूर स्थित नगर निगम की नंदीशाला में नंदियों की मौत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं। नंदीशाला में पशु चारा उपलब्ध न होने के चलते शुक्रवार को तीन बछड़ों ने दम तोड़ दिया। इससे पहले दो बीते सप्ताह दो नंदी भूख के कारण मर गए थे।
नंदीशाला में शुक्रवार को भी तीन बछड़ों की मौत हो गई। कुछ सामाजिक संगठनों ने बछड़ों की मौत पर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। यह नंदीशाला निगम की निगरानी में चलाई जा रही है। नंदीशाला में सैकड़ों की संख्या में नंदी तथा बछड़े हैं। जिनकी लगातार मौत हो रही है। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर विरोध जताया। दस जून को भी तूड़ी का स्टॉक समाप्त होने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। जिसके बाद नगर अधिकारियों ने नंदीशाला के केयर टेकर को निगम में तलब भी किया था। इसके बाद भी कोई रिजल्ट नहीं निकला। नंदीशाला की देखरेख के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष व ढंढूर के सरपंच मनोज शर्मा ने कहा कि गोसेवा आयोग व नगर निगम प्रशासन को चारे की किल्लत के बारे में कई बार बता चुके हैं। अधिकारी इस बारे में कोई जवाब नहीं दे पा रहे। अब भी पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है।
एक सप्ताह में 7 पशुओं की मौत
नंदीशाला में पहले 130 के करीब पशु थे। पिछले सप्ताह में चार से पांच पशुओं की मौत हो गई। इसके बाद शुक्रवार को तीन बछड़ों ने दम तोड़ दिया। गांव के लोगों का आरोप है कि नंदी भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं।
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दो ट्रॉली तूड़ी भेजी थी
दस जून को विरोध होने के बाद निगम प्रशासन ने दो ट्रॉली तूड़ी नंदीशाला में भेजी थी। यह तूड़ी पशुओं का तीन दिन ही पेट भर सका था। अब पिछले चार दिन से चारे का भंडार फिर से खाली है। पशुओं के लिए हरे चारे की भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। पशुओं के पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं।
प्रदेश का पहला गो अभ्यारण ही बन रहा गोवंश की कब्र
सीएम मनोहरलाल ने पहली बार हिसार पहुंचने पर गो अभ्यारण बनाने का एलान किया था। प्रदेश में पहला गो अभ्यारण बनाने के लिए 50 एकड़ जमीन दी गई है।
अब तक केवल 12.50 एकड़ मेें ही शेड बनाया गया है। प्रदेश का सबसे पहला गो अभ्यारण अब गोवंश की कब्रगाह बन रहा है।
डीसी भी नहीं दिला पाए पशु चारा
कुछ महीने पहले डीसी ने पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए संगठनों से बातचीत की थी। इसके लिए एचएयू से भी बातचीत की गई थी। राजकीय पशुधन फार्म से भी पशु चारे को लेकर बातचीत की गई थी। आज तक पशुओं को हरा चारा नहीं दिया जा सका।
बछडों की मौत की जानकारी नहीं है। अधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी लेंगे। नंदीशाला में चारे का प्रबंध करवाया जाएगा। नंदीशाला प्रबंधन वाले कर्मचारियों की मीटिंग बुलाकर कार्रवाई करेंगे।
-डॉ. जयवीर यादव, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम , हिसार।
हिसार। ठसका में गायों की मौत के बाद अब ढंढूर स्थित नगर निगम की नंदीशाला में नंदियों की मौत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं। नंदीशाला में पशु चारा उपलब्ध न होने के चलते शुक्रवार को तीन बछड़ों ने दम तोड़ दिया। इससे पहले दो बीते सप्ताह दो नंदी भूख के कारण मर गए थे।
नंदीशाला में शुक्रवार को भी तीन बछड़ों की मौत हो गई। कुछ सामाजिक संगठनों ने बछड़ों की मौत पर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। यह नंदीशाला निगम की निगरानी में चलाई जा रही है। नंदीशाला में सैकड़ों की संख्या में नंदी तथा बछड़े हैं। जिनकी लगातार मौत हो रही है। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर विरोध जताया। दस जून को भी तूड़ी का स्टॉक समाप्त होने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। जिसके बाद नगर अधिकारियों ने नंदीशाला के केयर टेकर को निगम में तलब भी किया था। इसके बाद भी कोई रिजल्ट नहीं निकला। नंदीशाला की देखरेख के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष व ढंढूर के सरपंच मनोज शर्मा ने कहा कि गोसेवा आयोग व नगर निगम प्रशासन को चारे की किल्लत के बारे में कई बार बता चुके हैं। अधिकारी इस बारे में कोई जवाब नहीं दे पा रहे। अब भी पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है।
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एक सप्ताह में 7 पशुओं की मौत
नंदीशाला में पहले 130 के करीब पशु थे। पिछले सप्ताह में चार से पांच पशुओं की मौत हो गई। इसके बाद शुक्रवार को तीन बछड़ों ने दम तोड़ दिया। गांव के लोगों का आरोप है कि नंदी भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं।
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दो ट्रॉली तूड़ी भेजी थी
दस जून को विरोध होने के बाद निगम प्रशासन ने दो ट्रॉली तूड़ी नंदीशाला में भेजी थी। यह तूड़ी पशुओं का तीन दिन ही पेट भर सका था। अब पिछले चार दिन से चारे का भंडार फिर से खाली है। पशुओं के लिए हरे चारे की भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। पशुओं के पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं।
प्रदेश का पहला गो अभ्यारण ही बन रहा गोवंश की कब्र
सीएम मनोहरलाल ने पहली बार हिसार पहुंचने पर गो अभ्यारण बनाने का एलान किया था। प्रदेश में पहला गो अभ्यारण बनाने के लिए 50 एकड़ जमीन दी गई है।
अब तक केवल 12.50 एकड़ मेें ही शेड बनाया गया है। प्रदेश का सबसे पहला गो अभ्यारण अब गोवंश की कब्रगाह बन रहा है।
डीसी भी नहीं दिला पाए पशु चारा
कुछ महीने पहले डीसी ने पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए संगठनों से बातचीत की थी। इसके लिए एचएयू से भी बातचीत की गई थी। राजकीय पशुधन फार्म से भी पशु चारे को लेकर बातचीत की गई थी। आज तक पशुओं को हरा चारा नहीं दिया जा सका।
बछडों की मौत की जानकारी नहीं है। अधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी लेंगे। नंदीशाला में चारे का प्रबंध करवाया जाएगा। नंदीशाला प्रबंधन वाले कर्मचारियों की मीटिंग बुलाकर कार्रवाई करेंगे।
-डॉ. जयवीर यादव, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम , हिसार।