फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   एडीसी ने संभाला जीएम का कार्यभार, रोडवेज और समिति की 95 बसों को रूटों पर भेजा

एडीसी ने संभाला जीएम का कार्यभार, रोडवेज और समिति की 95 बसों को रूटों पर भेजा

Fri, 26 Oct 2018 12:15 AM IST
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
एडीसी ने संभाला जीएम का कार्यभार, रोडवेज और समिति की 95 बसों को रूटों पर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार। आखिरकार आदेशों के एक सप्ताह बाद अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने वीरवार शाम को रोडवेज महाप्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है। वहीं पंचकूला से ट्रांसफर होकर आए ट्रैफिक मैनेजर अरविंद शर्मा ने भी ज्वाइन कर लिया है। अधिकारियों की संख्या बढ़ने के साथ ही रूटों पर भेजी जाने वाली रोडवेज और परिवहन समिति की बसों में इजाफा होने लगा है। हड़ताल के 11वें दिन 95 बसों को रूटों पर भेजा गया। 40 रोडवेज और 55 परिवहन समिति की बसों ने 200 से भी अधिक फेरे लगाकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया।
मगर अभी भी ग्रामीण रूटों की सवारियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जिन गांवों में प्राइवेट बसों के रूट नहीं है, उनके ग्रामीण लगातार निजी वाहनों में ही सवार होकर शहर पहुंच रहे हैं। उधर, रोडवेज यूनियनों द्वारा चार दिन के लिए हड़ताल और बढ़ाने से जनता की समस्याएं और बढ़ गई है। सरकार और यूनियनों की खींचतान के बीच जनता को पूरी तरह राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन


खुले पैसों को लेकर हो रहा झगड़ा
फिलहाल रोडवेज की बसें दूसरे विभागों के ड्राइवरों और होमगार्डों के हवाले हैं। मगर हर रोज उनका सवारियों के साथ खुले पैसों को लेकर झगड़ा हो रहा है। रोडवेज के नियमित कंडक्टर के पास उसका थैला होता है, जिसमें वह खुले पैसे लेकर चलता है। मगर होम गार्ड्स के पास कोई थैला नहीं है। उन्हें हाथ में ही पैसे रखने पड़ते हैं। इससे टिकट काटने में भी अधिक समय लग रहा है और खुले पैसों को लेकर सवारियों के साथ तनातनी भी होने लगती है। हर रोज इसकी मौखिक जानकारी होमगार्ड्स रोडवेज अधिकारियों को दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीनियर सिटीजन की आधी टिकट को लेकर भी विवाद
इसके अलावा होमगार्ड्स को उन श्रेणियों की भी जानकारी नहीं है, जिनका रोडवेज की बसों में आधा किराया लगता है या पूरी टिकट की माफी होती है। कहीं सीनियर सिटीजन को भी पूरी टिकट लेनी पड़ रही है तो कहीं दिव्यांगों के पास भी नहीं माने जा रहे हैं। हालांकि जैसे ही शिकायत सामने आती है तो रोडवेज अधिकारी रियायती टिकट संबंधी जानकारी दे देते हैं।

बिना पास वाले भी उड़ा रहे मौज
रोडवेज की बसों में पास धारक विद्यार्थियों के अलावा बिना पास वाले युवा भी बेखौफ यात्रा कर रहे हैं। रोडवेज के इंस्पेक्टरों व सब इंस्पेक्टरों के भी हड़ताल में शामिल होने के कारण फ्लाइंग का डर नहीं है। पिछले दस दिन से फ्लाइंग दस्तों की चेकिंग बंद पड़ी है। अब 30 से 40 रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है लेकिन उनमें बिना टिकट यात्रियों की चेकिंग करने वाला कोई नहीं है।

अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने जीएम का कार्यभार संभाल लिया है। नए ट्रैफिक मैनेजर भी ज्वाइन कर चुके हैं। हर रोज रोडवेज की बसों के संचालन में इजाफा हो रहा है। वीरवार को भी 40 बसें चलाई गई हैं। सवारियों को काफी हद तक राहत मिल रही है।

-जितेंद्र यादव, वर्कशॉप मैनेजर, रोडवेज

प्रदेश सरकार 720 प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने पर हठधर्मिता अपनाए हुए हैं। मगर हम भी जनता के सहयोग से रोडवेज का निजीकरण नहीं होने देंगे। जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। चार दिन के लिए और हड़ताल बढ़ा दी गई है।
-राजपाल नैन, प्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed