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आखिरकार निगम प्रशासन ने रद किया स्ट्रीट लाइट कंपनी का टेंडर
Updated Sun, 20 May 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आखिरकार नगर निगम प्रशासन ने स्ट्रीट लाइट कंपनी का टेंडर 18 दिन बाद ही रद्द कर दिया है। कंपनी शहरवासियों की लगातार आ रही शिकायतों का समय पर समाधान नहीं कर पाई। वहीं आठ मई को हुई हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने कंपनी का ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पास किया था। अब नए सिरे से टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि एक मई को नासिक की कंपनी विरतुओसो इलेक्ट्रॉनिक्स को शहर में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का टेंडर जारी किया गया था। कंपनी ने अपना टोल फ्री नंबर भी जारी किया था। पार्षदों का आरोप था कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत देने के बावजूद भी तय समय में स्ट्रीट लाइटों के हालात नहीं सुधारे गए।
सांसद और डीसी ने भी की शिकायत
कंपनी को टेंडर रद करने के लिए भेजे गए लेटर में इसका बात का भी जिक्र किया गया है कि सांसद दुष्यंत चौटाला और उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने भी स्ट्रीट लाइटों को लेकर कंपनी के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की है। इसके अलावा सेक्टरों की रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी सेक्टरों में कई-कई दिन तक स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं कर पाने की शिकायत दी गई थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अब टेंडर रद करने के आदेश जारी किए हैं।
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चार दिन तक बंद रहीं सेक्टरों की लाइटें
सेक्टर-13, सेक्टर 16-17, पीएलए, अर्बन एस्टेट आदि पॉश एरिया में भी स्ट्रीट लाइटों की संभाल समय पर नहीं की गई। सेक्टरवासियों का आरोप था कि चार दिन तक सेक्टरों की लाइटें खराब रही। कहीं पर दिन में भी लाइटें जलती रही तो कहीं पर कंपनी के कर्मचारी फाल्ट ही नहीं ढूंढ पाए। मात्र 18 दिनों में ही सैकड़ों शिकायतें जेई से लेकर निगम कमिश्नर तक को की गई।
नई लाइटों के लिए कंपनी को ही करना था सर्वे
शहर में 20 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों के प्वाइंट है। नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए भी इसी कंपनी को सर्वे करना था। मगर अब सर्वे कार्य भी नहीं हो सकेगा। निगम प्रशासन द्वारा नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद ही स्ट्रीट लाइटों के हालात सुधर पाएंगे।
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हिसार।
आखिरकार नगर निगम प्रशासन ने स्ट्रीट लाइट कंपनी का टेंडर 18 दिन बाद ही रद्द कर दिया है। कंपनी शहरवासियों की लगातार आ रही शिकायतों का समय पर समाधान नहीं कर पाई। वहीं आठ मई को हुई हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने कंपनी का ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पास किया था। अब नए सिरे से टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि एक मई को नासिक की कंपनी विरतुओसो इलेक्ट्रॉनिक्स को शहर में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का टेंडर जारी किया गया था। कंपनी ने अपना टोल फ्री नंबर भी जारी किया था। पार्षदों का आरोप था कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत देने के बावजूद भी तय समय में स्ट्रीट लाइटों के हालात नहीं सुधारे गए।
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सांसद और डीसी ने भी की शिकायत
कंपनी को टेंडर रद करने के लिए भेजे गए लेटर में इसका बात का भी जिक्र किया गया है कि सांसद दुष्यंत चौटाला और उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने भी स्ट्रीट लाइटों को लेकर कंपनी के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की है। इसके अलावा सेक्टरों की रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी सेक्टरों में कई-कई दिन तक स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं कर पाने की शिकायत दी गई थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अब टेंडर रद करने के आदेश जारी किए हैं।
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चार दिन तक बंद रहीं सेक्टरों की लाइटें
सेक्टर-13, सेक्टर 16-17, पीएलए, अर्बन एस्टेट आदि पॉश एरिया में भी स्ट्रीट लाइटों की संभाल समय पर नहीं की गई। सेक्टरवासियों का आरोप था कि चार दिन तक सेक्टरों की लाइटें खराब रही। कहीं पर दिन में भी लाइटें जलती रही तो कहीं पर कंपनी के कर्मचारी फाल्ट ही नहीं ढूंढ पाए। मात्र 18 दिनों में ही सैकड़ों शिकायतें जेई से लेकर निगम कमिश्नर तक को की गई।
नई लाइटों के लिए कंपनी को ही करना था सर्वे
शहर में 20 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों के प्वाइंट है। नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए भी इसी कंपनी को सर्वे करना था। मगर अब सर्वे कार्य भी नहीं हो सकेगा। निगम प्रशासन द्वारा नये सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद ही स्ट्रीट लाइटों के हालात सुधर पाएंगे।