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दुष्यंत चौटाला लोकसभा में बोले जीएसटी का मतलब घणा सारा टैक्स
Updated Thu, 28 Dec 2017 01:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
इनेलो संसदीय दल के नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर के टायर, कलपूर्जों पर लगाए गए भारी भरकम टैक्स के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने जीएसटी को घणे सारे टैक्स की संज्ञा दी।
बुधवार को जीएसटी पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए दुष्यंत ने कृषि में काम आने वाले सभी उपकरणों, ट्रैक्टर व कलपूर्जों को टैक्स मुक्त करने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने खेल के सामान पर एक समान टैक्स लगाने और व्यापारियों को इनवायस के मिलान न होने के चलते आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर करने की मांग भी आवाज लोकसभा में उठाई। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत ट्रैक्टर के टायर पर 28 प्रतिशत, ट्रैक्टर के कलर्जों पर 18 प्रतिशत और कृषि उपकरणों पर 12 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। इतने भारी भरकम टैक्स के चलते कर्ज की मर्ज में डूबे किसान बुरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कृषि में काम आने वाले ट्रैक्टर सहित कलपूर्जों और कृषि उपकरणों को टैक्स मुक्त रखे। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार इन पर टैक्स लगाना ही चाहती है तो सभी को केवल 5 प्रतिशत के दायरे में रखे।
खेल के सामान पर एक सामान और कम से कम टैक्स लगाने की मांग
युवा सांसद ने भविष्य में होने वाले कॉमनवेल्थ खेल और ओलंपिक को देखते हुए कहा कि केंद्र सरकार को खेल के सामान पर एक समान टैक्स लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के बैट पर 5 प्रतिशत टैक्स है तो कुश्ती में काम आने वाले मैट और टेबल टेनिस के रैकेट पर 28 प्रतिशत टैक्स लगा रखा है। उन्होंने खेल के सामान पर एक समान और कम से कम जीएसटी लागू करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों के हितों की बात करते हुए कहा कि व्यापारियों के सामान के बिलों के मिलान न होने के कारण उसका रिफंड नहीं हो पा रहा है और रिफंड में छह माह का समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अपने रिफंड के लिए लंबा इंतजार करने से भारी दिक्कतें हो रही हैं क्योंकि छह माह में भारी पूंजी तीन गुना टैक्स के रूप में सरकार के खजाने में पड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि सरकार समय पर रिफंड सुनिश्चित करे जिससे कि व्यापारियों बर्बाद न हो।
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लोकसभा में दुष्यंत चौटाला बोले-जीएसटी का मतलब घणा सारा टैक्स
खेलों के सामान पर समान टैक्स लगे, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों को टैक्समुक्त करे सरकार
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हिसार।
इनेलो संसदीय दल के नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर के टायर, कलपूर्जों पर लगाए गए भारी भरकम टैक्स के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने जीएसटी को घणे सारे टैक्स की संज्ञा दी।
बुधवार को जीएसटी पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए दुष्यंत ने कृषि में काम आने वाले सभी उपकरणों, ट्रैक्टर व कलपूर्जों को टैक्स मुक्त करने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने खेल के सामान पर एक समान टैक्स लगाने और व्यापारियों को इनवायस के मिलान न होने के चलते आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर करने की मांग भी आवाज लोकसभा में उठाई। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत ट्रैक्टर के टायर पर 28 प्रतिशत, ट्रैक्टर के कलर्जों पर 18 प्रतिशत और कृषि उपकरणों पर 12 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। इतने भारी भरकम टैक्स के चलते कर्ज की मर्ज में डूबे किसान बुरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कृषि में काम आने वाले ट्रैक्टर सहित कलपूर्जों और कृषि उपकरणों को टैक्स मुक्त रखे। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार इन पर टैक्स लगाना ही चाहती है तो सभी को केवल 5 प्रतिशत के दायरे में रखे।
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खेल के सामान पर एक सामान और कम से कम टैक्स लगाने की मांग
युवा सांसद ने भविष्य में होने वाले कॉमनवेल्थ खेल और ओलंपिक को देखते हुए कहा कि केंद्र सरकार को खेल के सामान पर एक समान टैक्स लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के बैट पर 5 प्रतिशत टैक्स है तो कुश्ती में काम आने वाले मैट और टेबल टेनिस के रैकेट पर 28 प्रतिशत टैक्स लगा रखा है। उन्होंने खेल के सामान पर एक समान और कम से कम जीएसटी लागू करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों के हितों की बात करते हुए कहा कि व्यापारियों के सामान के बिलों के मिलान न होने के कारण उसका रिफंड नहीं हो पा रहा है और रिफंड में छह माह का समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अपने रिफंड के लिए लंबा इंतजार करने से भारी दिक्कतें हो रही हैं क्योंकि छह माह में भारी पूंजी तीन गुना टैक्स के रूप में सरकार के खजाने में पड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि सरकार समय पर रिफंड सुनिश्चित करे जिससे कि व्यापारियों बर्बाद न हो।
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लोकसभा में दुष्यंत चौटाला बोले-जीएसटी का मतलब घणा सारा टैक्स
खेलों के सामान पर समान टैक्स लगे, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों को टैक्समुक्त करे सरकार