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दादा की उम्मीदों पर खरी उतरी तमन्ना
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की ओर से वीरवार को घोषित परीक्षा परिणाम में हिसार जिले के गांव मोहला निवासी तमन्ना मेहरा ने ऑल इंडिया एससी कैटेगरी में 47 रैंक प्राप्त कर जहां जिले का गौरव बढ़ाया वहीं अपने दादा का मान रखा। दादा मनीराम की तमन्ना थी उसकी पोती खूब पढ़े लिखे। इसके लिए उन्होंने कभी पैसों की कमी नहीं आने दी। तमन्ना के दादा मनीराम ने आर्थिक तंगी के चलते रिश्तेदारों व अन्य लोगों से दो लाख से अधिक रुपये ब्याज पर लेकर रोहतक के एक निजी संस्थान में कोचिंग के लिए भेजा। तमन्ना के पिता रमेश कुमार चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में बतौर चालक पद पर नियुक्त हैं। गरीब परिवार में पली बढ़ी तमन्ना की इस उपलब्धि से पूरे गांव में जश्र का माहौल है।
तमन्ना के चाचा कंवलजीत मेहरा ने बताया कि तमन्ना ने गत वर्ष नीट परीक्षा में ऑल इंडिया लेवल पर 101 रैंक प्राप्त की थी। जिसके आधार पर उसका चयन पीजीआई रोहतक के लिए हो गया था, लेकिन तमन्ना देश के बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में डॉक्टरी करना चाहती थी। इसलिए तमन्ना ने ड्रॉप करते हुए इस बार एम्स की परीक्षा दी। जिसमें उसकी 47वीं रैंक आई है। इसके आधार पर उसका चयन दिल्ली एम्स में होना लगभग तय है, क्योंकि एम्स में एससी वर्ग की 105 सीटें रिजर्व है।
शुरूआती पढ़ाई गांव से
तमन्ना ने अपनी शुरूआती पढ़ाई गांव में ही की, जिसके बाद 11वीं और 12वीं की परीक्षा पीजीएसडी स्कूल से पास की। डॉ. भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श मानने वाली तमन्ना की इच्छा बचपन से ही डाक्टर बनने की थी। तमन्ना की इस उपलब्धि पर दादी धनपति देवी, मां सीमा देवी, चाचा सुरेश, सतीश, जयभगवान, सुभाष, दादा श्रीकृष्ण, भाई साहिल, अखिल, आकाश सहित अन्य परिजनों ने खुशी जाहिर की है।
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12वीं में 94 प्रतिशत अंक किए हासिल
तमन्ना के चाचा कंवलजीत मेहरा ने बताया कि तमन्ना दो भाई बहनों में सबसे बड़ी है, वह हमेशा से पढ़ाई में होशियार रही है। गांव से 10 वीं के बाद की पढ़ाई उसने उनके पास ही रह कर की थी। 2015-16 सत्र में तमन्ना ने पीजीएसडी से 12वीं की परीक्षा पास की, जिसमें उसने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसकी बुआ बीपीएस खानपुर में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है। तमन्ना हमारे गांव की पहली ऐसी लड़की है जिसने एम्स की परीक्षा में सफलता हासिल की है।
सोशल मीडिया और टीवी से दूर
तमन्ना हमेशा से ही सोशल मीडिया, टीवी, इंटरनेट से दूर रही। यहां तक शादी और समारोह से भी दूर रही। 6 से 7 घंटे कोचिंग व रात को 2 बजे तक पढ़ाई कर तमन्ना ने अपनी तमन्ना पूरी की। तमन्ना का सपना था कि वह देश के टॉप दस इंस्टीट्यूट में चयन हो, जो पूरा हो गया।
फोटो संख्या -10 , 23 और 24
कर्ज लेकर पढ़ाया था पोती को, एम्स की परीक्षा में ऑल इंडिया एससी कैटेगरी में 47वीं रैंक मिली
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हिसार। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की ओर से वीरवार को घोषित परीक्षा परिणाम में हिसार जिले के गांव मोहला निवासी तमन्ना मेहरा ने ऑल इंडिया एससी कैटेगरी में 47 रैंक प्राप्त कर जहां जिले का गौरव बढ़ाया वहीं अपने दादा का मान रखा। दादा मनीराम की तमन्ना थी उसकी पोती खूब पढ़े लिखे। इसके लिए उन्होंने कभी पैसों की कमी नहीं आने दी। तमन्ना के दादा मनीराम ने आर्थिक तंगी के चलते रिश्तेदारों व अन्य लोगों से दो लाख से अधिक रुपये ब्याज पर लेकर रोहतक के एक निजी संस्थान में कोचिंग के लिए भेजा। तमन्ना के पिता रमेश कुमार चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में बतौर चालक पद पर नियुक्त हैं। गरीब परिवार में पली बढ़ी तमन्ना की इस उपलब्धि से पूरे गांव में जश्र का माहौल है।
तमन्ना के चाचा कंवलजीत मेहरा ने बताया कि तमन्ना ने गत वर्ष नीट परीक्षा में ऑल इंडिया लेवल पर 101 रैंक प्राप्त की थी। जिसके आधार पर उसका चयन पीजीआई रोहतक के लिए हो गया था, लेकिन तमन्ना देश के बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में डॉक्टरी करना चाहती थी। इसलिए तमन्ना ने ड्रॉप करते हुए इस बार एम्स की परीक्षा दी। जिसमें उसकी 47वीं रैंक आई है। इसके आधार पर उसका चयन दिल्ली एम्स में होना लगभग तय है, क्योंकि एम्स में एससी वर्ग की 105 सीटें रिजर्व है।
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शुरूआती पढ़ाई गांव से
तमन्ना ने अपनी शुरूआती पढ़ाई गांव में ही की, जिसके बाद 11वीं और 12वीं की परीक्षा पीजीएसडी स्कूल से पास की। डॉ. भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श मानने वाली तमन्ना की इच्छा बचपन से ही डाक्टर बनने की थी। तमन्ना की इस उपलब्धि पर दादी धनपति देवी, मां सीमा देवी, चाचा सुरेश, सतीश, जयभगवान, सुभाष, दादा श्रीकृष्ण, भाई साहिल, अखिल, आकाश सहित अन्य परिजनों ने खुशी जाहिर की है।
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12वीं में 94 प्रतिशत अंक किए हासिल
तमन्ना के चाचा कंवलजीत मेहरा ने बताया कि तमन्ना दो भाई बहनों में सबसे बड़ी है, वह हमेशा से पढ़ाई में होशियार रही है। गांव से 10 वीं के बाद की पढ़ाई उसने उनके पास ही रह कर की थी। 2015-16 सत्र में तमन्ना ने पीजीएसडी से 12वीं की परीक्षा पास की, जिसमें उसने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसकी बुआ बीपीएस खानपुर में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है। तमन्ना हमारे गांव की पहली ऐसी लड़की है जिसने एम्स की परीक्षा में सफलता हासिल की है।
सोशल मीडिया और टीवी से दूर
तमन्ना हमेशा से ही सोशल मीडिया, टीवी, इंटरनेट से दूर रही। यहां तक शादी और समारोह से भी दूर रही। 6 से 7 घंटे कोचिंग व रात को 2 बजे तक पढ़ाई कर तमन्ना ने अपनी तमन्ना पूरी की। तमन्ना का सपना था कि वह देश के टॉप दस इंस्टीट्यूट में चयन हो, जो पूरा हो गया।
फोटो संख्या -10 , 23 और 24
कर्ज लेकर पढ़ाया था पोती को, एम्स की परीक्षा में ऑल इंडिया एससी कैटेगरी में 47वीं रैंक मिली