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किसान मेला : कृषि मेले में जैविक खेती पर फोकस रहेगा
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 18 सितंबर से शुरू रहे दो दिवसीय कृषि मेले का फोकस जैविक खेती पर होगा। मेले में किसानों को जहरमुक्त जैविक खेती के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के कृषि कॉलेज के डीन डॉ. केएस ग्रेवाल ने बताया कि मेला स्थल पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विश्वविद्यालय के सभी विभाग कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए ईजाद की गई उन्नत टेक्नोलॉजी और उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी में एग्रो-इंडस्ट्रीज और बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। उन्नत बीज, कृषि रसायन (कीटनाशक दवाएं, उर्वरक आदि), कृषि यंत्र और मशीनरी प्रदर्शित करेंगी। मेले में किसानों को विभिन्न रबी की फसलों और सब्जियों के उन्नत बीज, फलदार पौधों की नर्सरी, जैव उर्वरक और कृषि साहित्य उपलब्ध करवाए जाएंगे। विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर आधुनिक तकनीक से उगाई गई खरीफ फसलों के प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। मिट्टी, सिंचाई जल और रोगी पौधों की जांच की जाएगी। किसानों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।
प्रदेश के किसानों का धीरे-धीरे जैविक खेती के प्रति रुझान बढ़ रहा है। काफी किसान जैविक विधि से फसल उत्पादन करके अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। मेले में ऐसे 18 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में हिसार का कोई किसान शामिल नहीं है।
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फसलों की इन किस्मों के मिलेंगे बीज
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सेठी ने बताया कि कृषि मेले में किसानों के लिए गेहूं की डब्ल्यूएच 711, 1105, 1080, 1124, 1142, सी 306, पीबी डब्ल्यू 343, एचडी 2967, 3086, 3059 और डीबी डब्ल्यू 88, 90 किस्मों, जौ की बीएच 393, 946, 902 किस्मों, सरसों की आरएच 30, 749 व 406, पीएम 25, आरबी 50, लक्ष्मी किस्मों और तोरिया की पीटी 303 उपलब्ध होंगे। किसान चने की एचसी 1, जीएनजी 1581, सीएसजे 515 किस्मों, मेथी की एमएच 57 किस्म, मसूर की एचएम 1 और सपना किस्मों के साथ बरसीम की एचबी 1 व 2 बी और मसकवी किस्मों, जई की कैंट और मक्का (ए टी) किस्म के बीज भी खरीद सकेंगे।
बाजरे के बिस्कुट, कुरकुरे बनाना सिखाएंगे
डॉ. आशा क्वात्रा ने बताया कि बाजरे से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे गृहणी कम लागत में स्वरोजगार हासिल कर सकती है। मेले में बाजरे से बनने वाले बिस्कुट, कुरकुरे जैसे पफ्स, बच्चों के नूडल्स, यहां तक कि पिज्जा बेस और बन भी बनाए जा सकते हैं। इन उत्पादों के बारे में बताया जाएगा।
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हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 18 सितंबर से शुरू रहे दो दिवसीय कृषि मेले का फोकस जैविक खेती पर होगा। मेले में किसानों को जहरमुक्त जैविक खेती के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के कृषि कॉलेज के डीन डॉ. केएस ग्रेवाल ने बताया कि मेला स्थल पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विश्वविद्यालय के सभी विभाग कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए ईजाद की गई उन्नत टेक्नोलॉजी और उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी में एग्रो-इंडस्ट्रीज और बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। उन्नत बीज, कृषि रसायन (कीटनाशक दवाएं, उर्वरक आदि), कृषि यंत्र और मशीनरी प्रदर्शित करेंगी। मेले में किसानों को विभिन्न रबी की फसलों और सब्जियों के उन्नत बीज, फलदार पौधों की नर्सरी, जैव उर्वरक और कृषि साहित्य उपलब्ध करवाए जाएंगे। विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर आधुनिक तकनीक से उगाई गई खरीफ फसलों के प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। मिट्टी, सिंचाई जल और रोगी पौधों की जांच की जाएगी। किसानों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।
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प्रदेश के किसानों का धीरे-धीरे जैविक खेती के प्रति रुझान बढ़ रहा है। काफी किसान जैविक विधि से फसल उत्पादन करके अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। मेले में ऐसे 18 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में हिसार का कोई किसान शामिल नहीं है।
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फसलों की इन किस्मों के मिलेंगे बीज
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सेठी ने बताया कि कृषि मेले में किसानों के लिए गेहूं की डब्ल्यूएच 711, 1105, 1080, 1124, 1142, सी 306, पीबी डब्ल्यू 343, एचडी 2967, 3086, 3059 और डीबी डब्ल्यू 88, 90 किस्मों, जौ की बीएच 393, 946, 902 किस्मों, सरसों की आरएच 30, 749 व 406, पीएम 25, आरबी 50, लक्ष्मी किस्मों और तोरिया की पीटी 303 उपलब्ध होंगे। किसान चने की एचसी 1, जीएनजी 1581, सीएसजे 515 किस्मों, मेथी की एमएच 57 किस्म, मसूर की एचएम 1 और सपना किस्मों के साथ बरसीम की एचबी 1 व 2 बी और मसकवी किस्मों, जई की कैंट और मक्का (ए टी) किस्म के बीज भी खरीद सकेंगे।
बाजरे के बिस्कुट, कुरकुरे बनाना सिखाएंगे
डॉ. आशा क्वात्रा ने बताया कि बाजरे से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे गृहणी कम लागत में स्वरोजगार हासिल कर सकती है। मेले में बाजरे से बनने वाले बिस्कुट, कुरकुरे जैसे पफ्स, बच्चों के नूडल्स, यहां तक कि पिज्जा बेस और बन भी बनाए जा सकते हैं। इन उत्पादों के बारे में बताया जाएगा।