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बीएएमएस की फर्जी डिग्री पर अस्पताल चला रहे महिला सहित दो गिरफ्तार
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी।
तोशाम चुंगी के निकट सीएम फ्लाइंग स्कवायड हरियाणा की टीम ने मंगलवार को दो अस्पतालों पर छापेमार कार्रवाई कर फर्जी डिग्री पर उपचार कर रहे एक महिला सहित दो चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। दोनों चिकित्सक बिना बीएएमस की डिग्री के अस्पताल चला रहे थे और मरीजों का उपचार कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में श्री नारायण अस्पताल की संचालिका उषा रानी और राज कुमार के खिलाफ आईपीसी व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
मौके पर मचा हंगामा, चिकित्सकों के चेहरे हुए लाल
तोशाम चुंगी के निकट मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीएम फ्लाइंग की टीम नारायण अस्पताल में पहुंची। दोनों अस्पतालों में दो से तीन दुकान का फासला है। दोनों अस्पतालों का नाम नारायण अस्पताल है। टीम की कार्रवाई के दौरान दोनों चिकित्सकों के चेहरे लाल पड़ गए और हस्ताक्षर करते समय दोनों के हाथ कांपने लगे। मौके पर हड़कंप मच गया, सभी हक्के-बक्के रह गए। सीएम फ्लाइंग की टीम की कार्रवाई के चलते मौके पर कई घंटों तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
मौके पर पहुंची टीम के ड्रग इंस्पेक्टर जगदेव ने बताया कि टीम में कंट्रोलर कृष्ण चंद, सिविल अस्पताल से विजय मलिक, आयुर्वेदिक इंस्पेक्टर डॉ. जितेंद्र, सीआईडी इंस्पेक्टर कपिल सिहाग आदि शामिल थे। टीम ने बताया कि उन्हें सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी कि हांसी में फर्जी डिग्री के अस्पताल खुले हुए है। इस पर टीम ने सोमवार को मौके पर कर पहुंच कार्रवाई की। अस्पताल की एक ब्रांच में होम्योपैथिक और दूसरी ब्रांच में आयुर्वेदिक से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाता था।
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हरियाणा से होनी चाहिए थी रजिस्टर्ड, जबकि पंजाब से रजिस्टर्ड मिली: डॉक्टर
सबसे पहले एक टीम डॉक्टर जितेंद्र की अगुवाई में श्री नारायण अस्पताल में पहुंची। जहां उन्हें श्वेता शर्मा की बीएएमस डिग्री की फोटोस्टेट अस्पताल में फ्रेम में लगी हुई मिली। इस पर उन्होंने शर्मा को मौके पर बुलाया। जहां शर्मा ने अपने बयान में बताया कि वह एक माह पूर्व ही यह अस्पताल छोड़ चुकी है। अब वह जैन औषधायल में बतौर चिकित्सक कार्य कर रही है। पहले भी वह अस्पताल में कभी-कभी ही विजिट किया करती थी। वैसे भी उनके पास बीएएमस की असली डिग्री है।
इस पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने अस्पताल की संचालिका उषा रानी से उन्हें डिग्री दिखाने को कहा। डॉक्टरों ने बताया कि उषा रानी द्वारा जो डिग्री दिखाई गई है, वह फर्जी है। असली डिग्री हरियाणा से रजिस्टर्ड होती है, जबकि उनके पास अल्टरनेटिव मेडिसन का सर्टिफिकेट है, जोकि पंजाब से रजिस्टर्ड है। इस पर टीम ने मौके पर अपनी कार्रवाई की।
चिकित्सक बदल कर की बचने की कोशिश, पकड़ा गया
उधर दो दुकान छोड़ कर एक अन्य नारायण अस्पताल पर जब टीम कार्रवाई करने पहुंची तो पहले तो डॉक्टर राज कुमार अस्पताल में बैठे हुए मिले। इसी बीच उन्होंने किसी दूसरे डॉक्टर को मौके पर बुला लिया। जब कुछ देर बाद टीम पहुंची तो डॉक्टर को बदला देख उन्होंने मौके पर ही उनकी चाल पकड़ ली। इस पर टीम ने सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में राज के खिलाफ कार्रवाई की। डॉक्टरों ने बताया कि जब राज की डिग्री चैक की गई तो वह भी फर्जी निकली। उनके पास भी अल्टरनेटिव मेडिसन का सर्टिफिकेट है, जोकि राजस्थान से रजिस्टर्ड था। पुलिस ने महिला चिकित्सक उषा रानी और दूसरे चिकित्सक राज कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
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हांसी।
तोशाम चुंगी के निकट सीएम फ्लाइंग स्कवायड हरियाणा की टीम ने मंगलवार को दो अस्पतालों पर छापेमार कार्रवाई कर फर्जी डिग्री पर उपचार कर रहे एक महिला सहित दो चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। दोनों चिकित्सक बिना बीएएमस की डिग्री के अस्पताल चला रहे थे और मरीजों का उपचार कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में श्री नारायण अस्पताल की संचालिका उषा रानी और राज कुमार के खिलाफ आईपीसी व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
मौके पर मचा हंगामा, चिकित्सकों के चेहरे हुए लाल
तोशाम चुंगी के निकट मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीएम फ्लाइंग की टीम नारायण अस्पताल में पहुंची। दोनों अस्पतालों में दो से तीन दुकान का फासला है। दोनों अस्पतालों का नाम नारायण अस्पताल है। टीम की कार्रवाई के दौरान दोनों चिकित्सकों के चेहरे लाल पड़ गए और हस्ताक्षर करते समय दोनों के हाथ कांपने लगे। मौके पर हड़कंप मच गया, सभी हक्के-बक्के रह गए। सीएम फ्लाइंग की टीम की कार्रवाई के चलते मौके पर कई घंटों तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
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मौके पर पहुंची टीम के ड्रग इंस्पेक्टर जगदेव ने बताया कि टीम में कंट्रोलर कृष्ण चंद, सिविल अस्पताल से विजय मलिक, आयुर्वेदिक इंस्पेक्टर डॉ. जितेंद्र, सीआईडी इंस्पेक्टर कपिल सिहाग आदि शामिल थे। टीम ने बताया कि उन्हें सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी कि हांसी में फर्जी डिग्री के अस्पताल खुले हुए है। इस पर टीम ने सोमवार को मौके पर कर पहुंच कार्रवाई की। अस्पताल की एक ब्रांच में होम्योपैथिक और दूसरी ब्रांच में आयुर्वेदिक से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाता था।
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हरियाणा से होनी चाहिए थी रजिस्टर्ड, जबकि पंजाब से रजिस्टर्ड मिली: डॉक्टर
सबसे पहले एक टीम डॉक्टर जितेंद्र की अगुवाई में श्री नारायण अस्पताल में पहुंची। जहां उन्हें श्वेता शर्मा की बीएएमस डिग्री की फोटोस्टेट अस्पताल में फ्रेम में लगी हुई मिली। इस पर उन्होंने शर्मा को मौके पर बुलाया। जहां शर्मा ने अपने बयान में बताया कि वह एक माह पूर्व ही यह अस्पताल छोड़ चुकी है। अब वह जैन औषधायल में बतौर चिकित्सक कार्य कर रही है। पहले भी वह अस्पताल में कभी-कभी ही विजिट किया करती थी। वैसे भी उनके पास बीएएमस की असली डिग्री है।
इस पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने अस्पताल की संचालिका उषा रानी से उन्हें डिग्री दिखाने को कहा। डॉक्टरों ने बताया कि उषा रानी द्वारा जो डिग्री दिखाई गई है, वह फर्जी है। असली डिग्री हरियाणा से रजिस्टर्ड होती है, जबकि उनके पास अल्टरनेटिव मेडिसन का सर्टिफिकेट है, जोकि पंजाब से रजिस्टर्ड है। इस पर टीम ने मौके पर अपनी कार्रवाई की।
चिकित्सक बदल कर की बचने की कोशिश, पकड़ा गया
उधर दो दुकान छोड़ कर एक अन्य नारायण अस्पताल पर जब टीम कार्रवाई करने पहुंची तो पहले तो डॉक्टर राज कुमार अस्पताल में बैठे हुए मिले। इसी बीच उन्होंने किसी दूसरे डॉक्टर को मौके पर बुला लिया। जब कुछ देर बाद टीम पहुंची तो डॉक्टर को बदला देख उन्होंने मौके पर ही उनकी चाल पकड़ ली। इस पर टीम ने सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में राज के खिलाफ कार्रवाई की। डॉक्टरों ने बताया कि जब राज की डिग्री चैक की गई तो वह भी फर्जी निकली। उनके पास भी अल्टरनेटिव मेडिसन का सर्टिफिकेट है, जोकि राजस्थान से रजिस्टर्ड था। पुलिस ने महिला चिकित्सक उषा रानी और दूसरे चिकित्सक राज कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।