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शामलात भूमि को लेकर हुए विवाद में हुई थी दो लोगों की हत्या, 12 दोषियों को उम्रकैद

Tue, 23 Feb 2021 01:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 01:16 AM IST
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12 culprit of murder lifetime imprisonment in Hisar
हिसार। बड़छप्पर गांव में वर्ष 2010 में शामलात भूमि पर कब्जे को लेकर दो गुटों में संघर्ष हुआ था, जिसमें दो लोगों की हत्या की गई थी। इस मामले में 12 दोषियों को सोमवार को एडीजे गुरविंद्र सिंह वधवा की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा उन सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की आधी राशि मृतकों और घायलों के परिजनों को दिए जाने का भी अदालत ने फैसला सुनाया।
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सोमवार सुबह करीब 11 बजे अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से वकील मौजूद रहे। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से वकील ने फैसले को अनुचित बताया है। उनका कहना है कि उनके पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई जाएगी।
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अदालत ने 11 फरवरी को बड़छप्पर निवासी भोलू, सुरेंद्र, देवीराम, मोहन उर्फ मोहिनी, विजेंद्र, गंगादत्त, कमल सिंह, माला, कृष्ण, परसराम, जींद के गांगोली निवासी सोनू और निदाना निवासी जीवन को दोषी करार दिया था। इस मामले में सजा के लिए 15 फरवरी निर्धारित की गई थी। उसके बाद 19 फरवरी और फिर 22 फरवरी निर्धारित की गई थी। 28 फरवरी 2010 को बड़छप्पर निवासी रामकेश की शिकायत पर नारनौंद थाने में केस दर्ज किया गया था। बाद में बास थाना बनने के कारण केस को बास थाने में शिफ्ट कर दिया गया था।
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यह था मामला
नारनौंद थाने में दी शिकायत में बड़छप्पर निवासी रामकेश ने बताया था कि गांव बड़छप्पर में हाई स्कूल के सामने शामलात भूमि है। रामकेश ने बताया था कि उस भूमि के साथ उसके परिवार की कड़ी लगती है। रामकेश का आरोप था कि उसके गांव के ही परसराम और ओमप्रकाश उसकी कड़ियों व शामलात भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। भूमि को लेकर पंचायत हुई थी, जिसमें इन्हें भूमि पर कब्जा करने से मना किया गया था। रामकेश का आरोप था कि 27 फरवरी 2010 की रात करीब 10 बजे परसराम, ओमप्रकाश, विजेंद्र उर्फ काकू, माला, मोहनी, भोलू, कृष्ण, सुरेंद्र, देवीराम, नवीन, सोनू, चांद, गंगादत्त, परसराम का बहनोई व चार-पांच अन्य ने शामलात भूमि व उसकी कड़ियों पर कब्जा करना चाहा। उस दौरान उनके हाथ में पिस्तौल, डंडे, जेली व कस्सी थी। रामकेश ने बताया था कि जब उसे इस बात का पता चला तो वह अपने भाई बलराज, पिता भवासी राम, चचेरे भाई संजय, मनोज उर्फ विनोद, कुलदीप, सुरेंद्र, पृथ्वी, परवेल के साथ वहां पहुंचे और उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उस दौरान वहां मौजूद कमल ने ललकारते हुए मजा चखाने की बात कही। इसके बाद सभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान हुई फायरिंग में रामकेश, संजय और मनोज उर्फ विनोद, सुंदर, कुलदीप, महिपाल, परवेल, पृथ्वी बुरी तरह जख्मी हो गए थे। गोलियों की आवाज सुनकर गांववासी मौके पर पहुंचे तो आरोपी मौके से फरार हो गए थे। उस दौरान संजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। बाकी सभी को जख्मी हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। पीजीआई में इलाज के दौरान मनोज उर्फ विनोद ने भी दम तोड़ दिया था। रामकेश ने बताया था कि हमले में उसके पैरों व घुटनों पर कई जगह छर्रे लगे थे। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 148, 149, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

किस धारा में कितनी सजा और जुर्माना
परसराम
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
27 आर्म्स एक्ट पांच वर्ष दो हजार रुपये चार माह
148 तीन वर्ष --- ---
कृष्ण
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
25 आर्म्स एक्ट तीन वर्ष 500 रुपये दो माह
148 तीन वर्ष --- ---
माला राम
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
27 आर्म्स एक्ट पांच वर्ष दो हजार रुपये चार माह
148 तीन वर्ष --- ---
कलम सिंह
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
सोनू
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
गंगादत्त
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
बिजेंद्र
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
जीवन
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
मोहन उर्फ मोहिनी
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
सुरेंद्र उर्फ छांगा
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
देवी राम
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
भोलू
धारा सजा जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
302 उम्रकैद 10 हजार रुपये एक वर्ष
307/149 10 वर्ष पांच हजार रुपये छह माह
148 तीन वर्ष --- ---
उचित फैसला नहीं
अदालत ने मामले में उचित फैसला नहीं सुनाया है। आरोपियों में से आरोपी भोलू जन्म से आंखों से दिव्यांग है और कलम सिंह वर्ष 2008 में आंखों से दिव्यांग हुआ था। दोनों आंखों से 100 फीसदी दिव्यांग हैं। इसके अलावा केस फाइल में इनका कोई रोल भी नहीं था। मामले में पिस्तौल भी परसराम और मालाराम से बरामद हुई थी। अदालत की ओर से कानून के हिसाब से फैसला नहीं सुनाया है। अब हम जल्द हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
-जितेंद्र कुश, आरोपी पक्ष से अधिवक्ता।
12 को उम्रकैद
मामले में 15 आरोपी थे। इनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है और एक जुवेनाइल है। इसके अलावा 12 दोषियों को आज उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
-महेंद्र नैन, पीड़ित पक्ष से अधिवक्ता।
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