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पंचकूला की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे शहर के पार्क, पीएलए में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
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हिसार। शहर के पार्कों को पंचकूला की तर्ज पर विकसित करने का प्लान बनाया गया है। इसकी शुरुआत पीएलए में बने पार्क से की जाएगी। पीएलए में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। यहां सफलता मिलने के बाद अन्य पार्कों में भी ऐसे ही प्रयास किए जाएंगे, ताकि शहर के पार्कों को और सुंदर बनाया जा सके। शहर में इस समय 138 पार्क हैं, जिनमें से अधिकतर पार्क विकास समितियां ही संभालती हैं।
मेयर गौतम सरदाना ने पंचकूला के सेक्टर-12 स्थित सबसे सुंदर पार्क का निरीक्षण कर उसकी विशेषताओं को जाना। उसके बाद अब वहां के पार्क के हिसाब से शहर के पार्कों में सुधार करवाया जाएगा।
यह है पंचकूला के पार्क की विशेषताएं
मेयर के अनुसार पंचकूला के सेक्टर-12 में दो एकड़ में बना पार्क अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देता है। इसकी तारीफ उन्होंने अपने दोस्त पवन असीजा से सुनी थी। उनके साथ पार्क का निरीक्षण किया तो देखने को मिला कि यह पार्क पूरी तरह आसपास में रहने वाले लोगों द्वारा ही मेंटेन किया जाता है। इसमें धोलपुर का पत्थर भी लगा हुआ है। उन्होंने पार्क विकास समिति बनाई हुई है, जिसे पंचकूला नगर निगम प्रशासन द्वारा मेंटेनेंस के लिए हर महीने 18 हजार रुपये मिलते हैं।
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निगम से मिलने वाले पैसों से रखे हैं तीन माली
गौतम सरदाना बताते हैं कि नगर निगम पंचकूला द्वारा दिए जाने वाले 18 हजार रुपयों से वहां की पार्क विकास समिति ने तीन माली रखे हुए हैं। प्रत्येक माली को छह हजार रुपये महीने के दिए जाते हैं। तीनों मालियों से अलग-अलग घंटों के अनुसार काम करवाया जाता है। इसके अलावा रंग-रोगन और अन्य जरूरतों से संबंधित कामकाज खुद सेक्टरवासी अपने खर्च से कर लेते हैं।
पीएलए का पार्क भी करीब दो एकड़ में ही बना
जिस पीएलए के पार्क में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, वह भी दो एकड़ में ही बना हुआ है। इसकी संभाल पीएलए सेक्टर एसोसिएशन के प्रधान रवि महता और उनकी टीम द्वारा की जाती है। इस पार्क में पंचकूला के पार्क जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए आसपास के लोगों का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा, ताकि पार्क को अच्छे से मेंटेन किया जा सके।
शहरवासियों की भागीदारी के बिना नहीं बनेगी बात
पंचकूला के सेक्टर-12 के पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह पूरी तरह लोगों के सहयोग से मेंटेन होता है। इसीलिए हिसार में भी अगर उसी तर्ज पर पार्क बनेगा तो उसमें शहरवासियों की भागीदारी के बिना सफलता नहीं मिलेगी। पंचकूला के पार्क में किसी भी तरह के कार्यक्रम नहीं करने दिए जाते, क्योंकि कार्यक्रमों की वजह से पार्क बदहाल हो जाते हैं। इसलिए सबकी सहमति से वहां पार्क में कार्यक्रमों पर पाबंदी है। पार्क सिर्फ सैर और प्रकृति का नजारा लेने के लिए ही तैयार किया गया है।
पंचकूला के सेक्टर-12 के पार्क की काफी तारीफ सुनी थी, इसलिए मैंने वहां का दौरा किया है। बेहद सुंदर पार्क है। हम उससे भी बेहतर हमारे पार्क बनाने की कोशिश करेंगे। इसकी शुरुआत पीएलए के पार्क से करेंगे, जहां शहरवासियों के सहयोग से काम होगा। उसके बाद प्रत्येक पार्क को उसी अनुरूप सुंदर बनाया जाएगा।
-गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
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मेयर गौतम सरदाना ने पंचकूला के सेक्टर-12 स्थित सबसे सुंदर पार्क का निरीक्षण कर उसकी विशेषताओं को जाना। उसके बाद अब वहां के पार्क के हिसाब से शहर के पार्कों में सुधार करवाया जाएगा।
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यह है पंचकूला के पार्क की विशेषताएं
मेयर के अनुसार पंचकूला के सेक्टर-12 में दो एकड़ में बना पार्क अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देता है। इसकी तारीफ उन्होंने अपने दोस्त पवन असीजा से सुनी थी। उनके साथ पार्क का निरीक्षण किया तो देखने को मिला कि यह पार्क पूरी तरह आसपास में रहने वाले लोगों द्वारा ही मेंटेन किया जाता है। इसमें धोलपुर का पत्थर भी लगा हुआ है। उन्होंने पार्क विकास समिति बनाई हुई है, जिसे पंचकूला नगर निगम प्रशासन द्वारा मेंटेनेंस के लिए हर महीने 18 हजार रुपये मिलते हैं।
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निगम से मिलने वाले पैसों से रखे हैं तीन माली
गौतम सरदाना बताते हैं कि नगर निगम पंचकूला द्वारा दिए जाने वाले 18 हजार रुपयों से वहां की पार्क विकास समिति ने तीन माली रखे हुए हैं। प्रत्येक माली को छह हजार रुपये महीने के दिए जाते हैं। तीनों मालियों से अलग-अलग घंटों के अनुसार काम करवाया जाता है। इसके अलावा रंग-रोगन और अन्य जरूरतों से संबंधित कामकाज खुद सेक्टरवासी अपने खर्च से कर लेते हैं।
पीएलए का पार्क भी करीब दो एकड़ में ही बना
जिस पीएलए के पार्क में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, वह भी दो एकड़ में ही बना हुआ है। इसकी संभाल पीएलए सेक्टर एसोसिएशन के प्रधान रवि महता और उनकी टीम द्वारा की जाती है। इस पार्क में पंचकूला के पार्क जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए आसपास के लोगों का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा, ताकि पार्क को अच्छे से मेंटेन किया जा सके।
शहरवासियों की भागीदारी के बिना नहीं बनेगी बात
पंचकूला के सेक्टर-12 के पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह पूरी तरह लोगों के सहयोग से मेंटेन होता है। इसीलिए हिसार में भी अगर उसी तर्ज पर पार्क बनेगा तो उसमें शहरवासियों की भागीदारी के बिना सफलता नहीं मिलेगी। पंचकूला के पार्क में किसी भी तरह के कार्यक्रम नहीं करने दिए जाते, क्योंकि कार्यक्रमों की वजह से पार्क बदहाल हो जाते हैं। इसलिए सबकी सहमति से वहां पार्क में कार्यक्रमों पर पाबंदी है। पार्क सिर्फ सैर और प्रकृति का नजारा लेने के लिए ही तैयार किया गया है।
पंचकूला के सेक्टर-12 के पार्क की काफी तारीफ सुनी थी, इसलिए मैंने वहां का दौरा किया है। बेहद सुंदर पार्क है। हम उससे भी बेहतर हमारे पार्क बनाने की कोशिश करेंगे। इसकी शुरुआत पीएलए के पार्क से करेंगे, जहां शहरवासियों के सहयोग से काम होगा। उसके बाद प्रत्येक पार्क को उसी अनुरूप सुंदर बनाया जाएगा।
-गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम