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रामपाल के केस नंबर 429-430 में फैसले की उम्मीद लगी तो पुलिस ने किया अलर्ट जारी, अब फाइनल हियरिंग कल
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। रामपाल के केस नंबर 429-430 (हत्या से जुड़े मामले) फैसले के कगार पर हैं। शनिवार को इसमें सुनवाई चल रही थी तो करीब तीन बजे शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर अचानक पुलिस कर्मचारियों की बड़ी संख्या में तैनाती कर दी गई। किसी फैसले की संभावना के मद्देनजर शहर में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस की तैनाती की गई। हालांकि कर्मचारियों की कम संख्या के चलते पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से पूछ-पूछकर उनकी वापस रवानगी करवा दी गई। जिला जेल के आसपास एकत्रित रामपाल समर्थकों को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। टाउन पार्क, पीएलए क्षेत्र, कृष्णा नगर, निरंकारी भवन रोड, क्रांतिमान पार्क आदि क्षेत्रों में डेरा जमाए रामपाल समर्थकों को पुलिस ने वहां से भगा दिया। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर यात्रियों से पुलिस ने हिसार आने का कारण पूछा। जो यात्री स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था, उसे ट्रेन या बस में बैठाकर वापस भेज दिया गया।
ये हैं केस नंबर 429-430
रामपाल पर हत्या, देशद्रोह के तीन मुकदमे चल रहे हैं। कोर्ट में केस नंबर 428 देशद्रोह से जुड़ा है, जिसमें रामपाल समेत कुल 937 आरोपी हैं।
अभियोग नंबर-429
बरवाला पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को अभियोग नंबर 429 दर्ज किया था। इसमें आश्रम में एक महिला का शव मिलने के बारे में हत्या और षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने धारा 302, 343 व 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम, बिल्लू, राजेंद्र, बिजेंद्र, सावित्री, बबीता पूनम आदि के खिलाफ केस दर्ज किया था।
अभियोग नंबर-430
इस केस में धारा 302, 343, 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम उर्फ राजकपूर, राजेंद्र सहित 14 के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें पांच महिलाओं की मौत का मामला था, जिसमें एक बच्चे की मौत भी शामिल है। इसके अलावा क्षमता से ज्यादा गैस सिलिंडर भंडारण का अलग केस 443 नंबर है। इन केसों में लगातार सुनवाई चल रही है। केसों की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश अजय पराशर का 29 सितंबर को जींद तबादला हो चुका है। उसके बाद से इन केस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की कोर्ट सुनवाई कर रही है।
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सतलोक आश्रम प्रकरण में इनकी हुई थी मौत
सतलोक आश्रम प्रकरण हिंसा में 16 नवंबर को पांच महिला व एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। मृतकों में रोहतक के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष, दिल्ली निवासी 31 वर्षीय कविता, यूपी की बिजनौर निवासी 70 वर्षीय राजबाला, पंजाब के संगरूर की 50 वर्षीय मलकीत कौर, 20 साल की रजनी व डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में बरवाला पुलिस की तरफ से रामपाल व उसके 14 सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट में पेश होने के बजाय अपने आश्रम में छिप गया था रामपाल
रोहतक के करौंथा आश्रम हिंसा केस की हिसार कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। जब रामपाल इस सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश हुआ तो उसके प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया। इन लोगों ने वकीलों को भी कोर्ट में नहीं जाने दिया। इस बात को लेकर हिसार बार ने हाईकोर्ट में अपील कर दी। हाईकोर्ट में लगातार दो सुनवाई पर भी रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो अदालत ने उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। रामपाल कोर्ट में पेश होने के बजाय अपने आश्रम में छिप गया। इसके बाद 14 नवंबर 2014 से लेकर तीन दिन तक पुलिस और रामपाल समर्थकों का हंगामा चला, जिसमें सात महिलाओं समेत एक बच्चा मारा गया था। तीन दिन की हिंसा के बाद 18 हजार समर्थकों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। उसके बाद पुलिस ने रामपाल व करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं मामलों को लेकर रामपाल पर हत्या व देशद्रोह के तीन केस चल रहे हैं।
समर्थकों पर नजर
रामपाल के ज्यादातर समर्थक यूपी, दिल्ली व मध्यप्रदेश की तरफ से आते हैं, इसलिए पुलिस इन स्टेशनों की तरफ से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखे हुए है। संदिग्ध लोगों को रेलवे स्टेशन पर ही रोककर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। दिल्ली की तरफ से आने वाली बसों की भी लगातार चेकिंग की जा रही है। शहर की सभी धर्मशालाओं, होटलों के संचालकों को बाहरी लोगों के ठहराने पर रोक लगा दी है। पुलिस टीमें धर्मशालाओं में ठहरे लोगों की भी चेकिंग कर रही है। पंचकूला हिंसा मामले के मद्देनजर पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। आला अधिकारी भी स्थिति पर बराबर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग
सिविल लाइन थाना इंचार्ज ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी अनजान को शरण न लेने दें। ये लोग शहर की शांति व्यवस्था को खराब कर सकते हैं। अगर किसी जगह पर ज्यादा संख्या में लोग एकत्रित हुए दिखाई देते हैं तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस बल की संख्या कम
केस के फैसले की नजदीकी के समय पर जिले में पुलिस बल की संख्या पहले से कम है। एक डीएसपी समेत करीबन 150 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नौ अक्तूबर को रोहतक के सांपला में होने वाले प्रधानमंत्री कार्यक्रम में लगाई गई है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए हिसार से पुलिस फोर्स मंगवाई गई है।
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हिसार। रामपाल के केस नंबर 429-430 (हत्या से जुड़े मामले) फैसले के कगार पर हैं। शनिवार को इसमें सुनवाई चल रही थी तो करीब तीन बजे शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर अचानक पुलिस कर्मचारियों की बड़ी संख्या में तैनाती कर दी गई। किसी फैसले की संभावना के मद्देनजर शहर में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस की तैनाती की गई। हालांकि कर्मचारियों की कम संख्या के चलते पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से पूछ-पूछकर उनकी वापस रवानगी करवा दी गई। जिला जेल के आसपास एकत्रित रामपाल समर्थकों को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। टाउन पार्क, पीएलए क्षेत्र, कृष्णा नगर, निरंकारी भवन रोड, क्रांतिमान पार्क आदि क्षेत्रों में डेरा जमाए रामपाल समर्थकों को पुलिस ने वहां से भगा दिया। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर यात्रियों से पुलिस ने हिसार आने का कारण पूछा। जो यात्री स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था, उसे ट्रेन या बस में बैठाकर वापस भेज दिया गया।
ये हैं केस नंबर 429-430
रामपाल पर हत्या, देशद्रोह के तीन मुकदमे चल रहे हैं। कोर्ट में केस नंबर 428 देशद्रोह से जुड़ा है, जिसमें रामपाल समेत कुल 937 आरोपी हैं।
अभियोग नंबर-429
बरवाला पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को अभियोग नंबर 429 दर्ज किया था। इसमें आश्रम में एक महिला का शव मिलने के बारे में हत्या और षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने धारा 302, 343 व 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम, बिल्लू, राजेंद्र, बिजेंद्र, सावित्री, बबीता पूनम आदि के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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अभियोग नंबर-430
इस केस में धारा 302, 343, 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम उर्फ राजकपूर, राजेंद्र सहित 14 के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें पांच महिलाओं की मौत का मामला था, जिसमें एक बच्चे की मौत भी शामिल है। इसके अलावा क्षमता से ज्यादा गैस सिलिंडर भंडारण का अलग केस 443 नंबर है। इन केसों में लगातार सुनवाई चल रही है। केसों की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश अजय पराशर का 29 सितंबर को जींद तबादला हो चुका है। उसके बाद से इन केस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की कोर्ट सुनवाई कर रही है।
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सतलोक आश्रम प्रकरण में इनकी हुई थी मौत
सतलोक आश्रम प्रकरण हिंसा में 16 नवंबर को पांच महिला व एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। मृतकों में रोहतक के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष, दिल्ली निवासी 31 वर्षीय कविता, यूपी की बिजनौर निवासी 70 वर्षीय राजबाला, पंजाब के संगरूर की 50 वर्षीय मलकीत कौर, 20 साल की रजनी व डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में बरवाला पुलिस की तरफ से रामपाल व उसके 14 सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट में पेश होने के बजाय अपने आश्रम में छिप गया था रामपाल
रोहतक के करौंथा आश्रम हिंसा केस की हिसार कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। जब रामपाल इस सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश हुआ तो उसके प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया। इन लोगों ने वकीलों को भी कोर्ट में नहीं जाने दिया। इस बात को लेकर हिसार बार ने हाईकोर्ट में अपील कर दी। हाईकोर्ट में लगातार दो सुनवाई पर भी रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो अदालत ने उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। रामपाल कोर्ट में पेश होने के बजाय अपने आश्रम में छिप गया। इसके बाद 14 नवंबर 2014 से लेकर तीन दिन तक पुलिस और रामपाल समर्थकों का हंगामा चला, जिसमें सात महिलाओं समेत एक बच्चा मारा गया था। तीन दिन की हिंसा के बाद 18 हजार समर्थकों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। उसके बाद पुलिस ने रामपाल व करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं मामलों को लेकर रामपाल पर हत्या व देशद्रोह के तीन केस चल रहे हैं।
समर्थकों पर नजर
रामपाल के ज्यादातर समर्थक यूपी, दिल्ली व मध्यप्रदेश की तरफ से आते हैं, इसलिए पुलिस इन स्टेशनों की तरफ से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखे हुए है। संदिग्ध लोगों को रेलवे स्टेशन पर ही रोककर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। दिल्ली की तरफ से आने वाली बसों की भी लगातार चेकिंग की जा रही है। शहर की सभी धर्मशालाओं, होटलों के संचालकों को बाहरी लोगों के ठहराने पर रोक लगा दी है। पुलिस टीमें धर्मशालाओं में ठहरे लोगों की भी चेकिंग कर रही है। पंचकूला हिंसा मामले के मद्देनजर पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। आला अधिकारी भी स्थिति पर बराबर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग
सिविल लाइन थाना इंचार्ज ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी अनजान को शरण न लेने दें। ये लोग शहर की शांति व्यवस्था को खराब कर सकते हैं। अगर किसी जगह पर ज्यादा संख्या में लोग एकत्रित हुए दिखाई देते हैं तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस बल की संख्या कम
केस के फैसले की नजदीकी के समय पर जिले में पुलिस बल की संख्या पहले से कम है। एक डीएसपी समेत करीबन 150 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नौ अक्तूबर को रोहतक के सांपला में होने वाले प्रधानमंत्री कार्यक्रम में लगाई गई है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए हिसार से पुलिस फोर्स मंगवाई गई है।