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वार्डर मर्डर में आजीवन कारावास---
Updated Fri, 25 Aug 2017 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे आरके जैन की अदालत ने जेल वार्डर विजय गुलाटी की हत्या और हेड कांस्टेबल गुमाना राम पर जानलेवा हमला करने पर झज्जर के गांव गोच्छी के सतबीर उर्फ ढील्लू को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 7 अप्रैल 2003 को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन वार्डर विजय गुलाटी सेंट्रल जेल वन परिसर के क्वार्टर से सुबह पौने दस बजे पैदल जेल में जा रहे थे। उनकी 10 बजे ड्यूटी शुरू होनी थी। वह जेल के मेन गेट के पास बड़ के पेड़ के सामने पहुंचे तो सफेद रंग की एक मारुति कार से उतरकर चार-पांच युवकों ने उन पर यह कहते हुए पिस्तौल से फायरिंग कर दी थी कि इसे जेल में गैंगस्टर राजबीर राठी को थप्पड़ मारने का मजा चखाते हैं। गोलियां लगने से गुलाटी गिर गए थे। बदमाशों को पकड़ने के लिए हेडकांस्टेबल गुमाना राम आगे बढे़ तो एक बदमाश ने उन पर गोली दाग दी थी। गोली हेडकांस्टेबल की हथेली में लगी थी। यह देख सिपाही युद्धबीर सिंह ने सरकारी असलाह से गोलियां चला दी थी। तब एक गोली चुलियाना निवासी बदमाश उपेश को लगी थी। बदमाश घायल साथी उपेश को छोड़कर कार में फरार हो गए थे। पुलिस ने उपेश को काबू कर लिया था।
सिविल लाइन पुलिस ने जेल वार्डर हवासिंह की शिकायत पर रोहतक के गांव चुलियाना के उपेश, भैंसवाल के विक्रम, मोरखेड़ी के मनोज, गोच्छी के सतबीर उर्फ ढील्लू, रोहतक के ईश्वर, बागनवाला के वजीर और लाखन माजरा के राजबीर राठी के खिलाफ केस दर्ज किया था। राजबीर राठी की मौत हो चुकी है। अदालत इस मुकदमे में तीन दोषियों को पहले सजा सुना चुकी है। एडीजे कंचन माही की कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2006 को सतबीर उर्फ ढील्लू को भगौड़ा घोषित किया था। झज्जर पुलिस ने सतबीर को एक मुकदमे में 12 सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया था। हिसार पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर शामिल तफ्तीश किया था।
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वार्डर विजय गुलाटी मर्डर में दोषी को उम्रकैद
--झज्जर जिले के गांव गोच्छी का है बदमाश, 14 साल पहले जेल के गेट के पास गोलियों से भूना था वार्डर को
--तीन को पहले हो चुकी है उम्रकैद
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हिसार।
एडीजे आरके जैन की अदालत ने जेल वार्डर विजय गुलाटी की हत्या और हेड कांस्टेबल गुमाना राम पर जानलेवा हमला करने पर झज्जर के गांव गोच्छी के सतबीर उर्फ ढील्लू को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 7 अप्रैल 2003 को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन वार्डर विजय गुलाटी सेंट्रल जेल वन परिसर के क्वार्टर से सुबह पौने दस बजे पैदल जेल में जा रहे थे। उनकी 10 बजे ड्यूटी शुरू होनी थी। वह जेल के मेन गेट के पास बड़ के पेड़ के सामने पहुंचे तो सफेद रंग की एक मारुति कार से उतरकर चार-पांच युवकों ने उन पर यह कहते हुए पिस्तौल से फायरिंग कर दी थी कि इसे जेल में गैंगस्टर राजबीर राठी को थप्पड़ मारने का मजा चखाते हैं। गोलियां लगने से गुलाटी गिर गए थे। बदमाशों को पकड़ने के लिए हेडकांस्टेबल गुमाना राम आगे बढे़ तो एक बदमाश ने उन पर गोली दाग दी थी। गोली हेडकांस्टेबल की हथेली में लगी थी। यह देख सिपाही युद्धबीर सिंह ने सरकारी असलाह से गोलियां चला दी थी। तब एक गोली चुलियाना निवासी बदमाश उपेश को लगी थी। बदमाश घायल साथी उपेश को छोड़कर कार में फरार हो गए थे। पुलिस ने उपेश को काबू कर लिया था।
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सिविल लाइन पुलिस ने जेल वार्डर हवासिंह की शिकायत पर रोहतक के गांव चुलियाना के उपेश, भैंसवाल के विक्रम, मोरखेड़ी के मनोज, गोच्छी के सतबीर उर्फ ढील्लू, रोहतक के ईश्वर, बागनवाला के वजीर और लाखन माजरा के राजबीर राठी के खिलाफ केस दर्ज किया था। राजबीर राठी की मौत हो चुकी है। अदालत इस मुकदमे में तीन दोषियों को पहले सजा सुना चुकी है। एडीजे कंचन माही की कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2006 को सतबीर उर्फ ढील्लू को भगौड़ा घोषित किया था। झज्जर पुलिस ने सतबीर को एक मुकदमे में 12 सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया था। हिसार पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर शामिल तफ्तीश किया था।
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वार्डर विजय गुलाटी मर्डर में दोषी को उम्रकैद
--झज्जर जिले के गांव गोच्छी का है बदमाश, 14 साल पहले जेल के गेट के पास गोलियों से भूना था वार्डर को
--तीन को पहले हो चुकी है उम्रकैद