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यूएसए का स्टडी वीजा लगवाने के नाम पर 11 लाख की ठगी
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नारनौंद। युवक से यूएसए का स्टडी वीजा लगवाने के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित सचिन को ठग ने खुद को अमेरिका में इमिग्रेशन अट्रॉनी बताया था और वीजा संबंधी दस्तावेज भी भेज दिए थे। जब सचिन का एंबेसी में इंटरव्यू के लिए कॉल नहीं आई तो मालूम हुआ कि उसको भेजे गए दस्तावेज जाली हैं और इस नाम का भी कोई शख्स उनके पैनल पर नहीं है। पुलिस ने इस मामले में सचिन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी के साथ उसकी पहचान ट्वीटर पर हुई थी। आरोपी ने खुद का नाम रेंडियर होल्ड बताया था और खुद को इमिग्रेशन अट्रॉनी बताया था। उसके साथ दो साल तक इस बारे में बातचीत होती रही और यूएसए के लिए स्टडी वीजा एप्लाई किया था। सचिन ने बैचलर ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स में टॉपसन यूनिवर्सिटी मैरिलेंड के लिए एप्लाई किया था। मार्च 2021 में सचिन ने पहली बार इसके लिए आरोपी द्वारा मांगे हुए पैसे उसके खाते में ट्रांसफर करवाए थे। सचिन के अनुसार उससे दो महीने में ही अलग-अलग तरीकों से करीबन 11 लाख रुपये खातों में ट्रांसफर करवा लिए। यह पैसा उसने मनी एक्सचेंज के लिए डॉलर में बदलकर उससे ट्रांसफर करवाए गए थे। पैसे भेजने के बाद उसके पास वीजा संबंधी कागजात तो आ गए लेकिन यूएसए एंबेसी से इंटरव्यू के लिए कोई कॉल नहीं आई। काफी इंतजार के बाद उसने खुद ही इस बारे में पूछने के लिए एंबेसी में संपर्क किया तो उसे बताया गया कि उनकी तरफ से ऐसे कोई कागजात उसको नहीं भेजे गए हैं। इसके बाद एंबेसी ने उससे कागजात मंगवाए जो उसको ऐंडियर होल्ड ने उसको भेजे थे। एंबेसी ने बताया कि उसको भेजे गए सभी कागजात फर्जी हैं और रेंडियर होल्ड नाम का कोई भी इमिग्रेशन अट्रॉनी उनके पैनल पर नहीं है। इसके बाद सचिन को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। जब सचिन ने आरोपी से इस बारे में संपर्क किया तो आरोपी ने उसे लालच दिया कि वह इस तरीके से और लोगों के साथ ठगी करवाने में उसका सहयोग देगा तो उसके पैसे वापिस हो सकते हैं। जब सचिन ने आरोपी को मना किया तो उसको धमकी दी व आरोपी ने खुद का नंबर बंद कर लिया। इसके बाद उसने इसकी शिकायत नारनौंद पुलिस को दी।
वर्जन :::
युवक के बयान पर एक नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
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उमेद सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद।
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सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी के साथ उसकी पहचान ट्वीटर पर हुई थी। आरोपी ने खुद का नाम रेंडियर होल्ड बताया था और खुद को इमिग्रेशन अट्रॉनी बताया था। उसके साथ दो साल तक इस बारे में बातचीत होती रही और यूएसए के लिए स्टडी वीजा एप्लाई किया था। सचिन ने बैचलर ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स में टॉपसन यूनिवर्सिटी मैरिलेंड के लिए एप्लाई किया था। मार्च 2021 में सचिन ने पहली बार इसके लिए आरोपी द्वारा मांगे हुए पैसे उसके खाते में ट्रांसफर करवाए थे। सचिन के अनुसार उससे दो महीने में ही अलग-अलग तरीकों से करीबन 11 लाख रुपये खातों में ट्रांसफर करवा लिए। यह पैसा उसने मनी एक्सचेंज के लिए डॉलर में बदलकर उससे ट्रांसफर करवाए गए थे। पैसे भेजने के बाद उसके पास वीजा संबंधी कागजात तो आ गए लेकिन यूएसए एंबेसी से इंटरव्यू के लिए कोई कॉल नहीं आई। काफी इंतजार के बाद उसने खुद ही इस बारे में पूछने के लिए एंबेसी में संपर्क किया तो उसे बताया गया कि उनकी तरफ से ऐसे कोई कागजात उसको नहीं भेजे गए हैं। इसके बाद एंबेसी ने उससे कागजात मंगवाए जो उसको ऐंडियर होल्ड ने उसको भेजे थे। एंबेसी ने बताया कि उसको भेजे गए सभी कागजात फर्जी हैं और रेंडियर होल्ड नाम का कोई भी इमिग्रेशन अट्रॉनी उनके पैनल पर नहीं है। इसके बाद सचिन को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। जब सचिन ने आरोपी से इस बारे में संपर्क किया तो आरोपी ने उसे लालच दिया कि वह इस तरीके से और लोगों के साथ ठगी करवाने में उसका सहयोग देगा तो उसके पैसे वापिस हो सकते हैं। जब सचिन ने आरोपी को मना किया तो उसको धमकी दी व आरोपी ने खुद का नंबर बंद कर लिया। इसके बाद उसने इसकी शिकायत नारनौंद पुलिस को दी।
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युवक के बयान पर एक नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
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उमेद सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद।