फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   डीईआईसी के तहत दी जा रही है जरूरत मंद बच्चों को निशुल्क दवाईयां

डीईआईसी के तहत दी जा रही है जरूरत मंद बच्चों को निशुल्क दवाईयां

Mon, 04 Sep 2017 12:39 AM IST
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
डीईआईसी के तहत दी जा रही है जरूरत मंद बच्चों को निशुल्क दवाईयां
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार
ग्रामीण एरिया में स्कूली बच्चों की आंखें धुंधली पड़ रही हैं। डीईआईसी (डिस्ट्रिक अरली इंटरवेंशन सेंटर) की सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डीईआईसी के स्कूल हेल्थ मिशन के तहत की जा रही जांच में सामने आया है कि पढ़ने वाले जीरो से 18 साल के छात्र-छात्राओं में से 50 से 60 प्रतिशत बच्चों को आंखों की समस्याएं हैं। हालांकि इस मिशन के तहत बच्चों को डीईआईसी केंद्र की तरफ से फ्री में चश्मे दिए जा रहे हैं।
चटपटी चीजें खाने से भी असर
डीईआईसी (जिला प्रारंभिक अन्वेंशन केंद्र) की मैनेजर एवं डॉक्टर ईशा का कहना है कि आंखों के रोग का मुख्य कारण ग्रामीण एरिया में मोबाइल फोन पर गेम खेलना, कार्टून देखना, टीवी नजदीक से देखना है। चटपटी चीजों से अथवा खानपान के कारण भी बच्चों में इसका असर दिख रहा है।
विज्ञापन

30 प्रतिशत बच्चों में दांतों की बीमारियां
ग्रामीण एरिया के स्कूली बच्चों में से 30 प्रतिशत बच्चों में दांतों की बीमारियां हैं। ये बच्चे दांतों की अच्छी तरह से सफाई नहीं करते। इसके कारण इनकी दांतों में कीड़ा लगने जैसी और अन्य तरह की बीमारियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नि:शुल्क दिए जाते हैं चश्मे और सुनने की मशीनें
डीईआईसी जरूरतमंद, गरीब, बेसहारा बच्चों की मदद के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। डीईआईसी के तहत एक से 18 साल तक के बच्चों के लिए नजरों के चश्मे, सुनने की मशीन नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं। बच्चों को होने वाली गंभीर बीमारियां जैसे हृदय रोग, दांतों की बीमारियां, नेत्र रोग, हकलाना, कमजोर दिमागी रोग की जांच और इलाज नि:शुल्क होता है।
दांत साफ करने की विधि से लेकर बताते हैं डाइट चार्ट भी
बीमारियों के नि:शुल्क इलाज के साथ डीईआईसी की टीमें अलग-अलग बीमारियों को लेकर बच्चों और उनके परिजनों को जागरूक करते हैं। बच्चों को दांत साफ करने की विधि से लेकर आंखों में होने वाले रोगों से बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं। कमजोर और अन्य खानपान की वजह से होने वाली बीमारियों को लेकर डाइट चार्ट दिया जाता है।
हर महीने होता है 400 बच्चों का चेकअप
नागरिक अस्पताल हिसार में चल रहे डीआईसी केंद्र में प्रतिमाह करीब 400 बच्चों का का चेकअप किया जाता है। इसमें दांतों के करीब 30 प्रतिशत, आंखों के 50 से 60 प्रतिशत बच्चे अपना चेकअप करवाने आते हैं।
जिले में 11 टीमें कर रहीं काम
जिलेभर में डीईआईसी के दो बीएएमएस डॉक्टरों सहित 11 टीमेें काम कर रहीं हैं, जो जिले से संबंधित हर ब्लॉक वाइज जरूरतमंद बच्चों की जांच करती हैं। अस्पताल तक उन बच्चों को लेकर आती और इलाज करवाती हैं। नागरिक अस्पताल में बने केंद्र में वर्तमान में ऑडियोलोजिस्ट डॉक्टर आशा, फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर पूजा मौजूद हैं, जो बच्चों का इलाज करती हैं।


हमारी ब्लॉक वाइज टीमें काम कर रही हैं। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में ग्रामीण एरिया में अधिक बीमारियां पाई जाती हैं। इनमें मुख्य बीमारी आंखों से संबंधित है, जिसका रेशो 50 से 60 प्रतिशत के बीच है। इसके बाद 30 प्रतिशत ऐसे बच्चे मिलते हैं, जिनको दांतों की बीमारियां हैं।
-डॉ. ईशा, मैनेजर डीईआईसी हिसार

मोबाइल पर कार्टून, गेम और टीवी बिगाड़ रहे बच्चों की सेहत
स्कूल में पढ़ने वाले 60 प्रतिशत ग्रामीण बच्चों की आंखें खराब
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed