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नगर निगम सदन की 10 घंटे की मैराथन बैठक, निष्कर्ष : शोरगुल और आरोप-प्रत्यारोप
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नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में मेयर, सांसद व पार्षद।
हिसार। नगर निगम चुनाव के बाद वीरवार को सदन की पहली और करीब 10 घंटे चली मैराथन बैठक में ज्यादातर मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकल पाया। शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में शुमार बरसाती नाले, सीवर, पानी, बिजली और सड़कों की दुर्दशा के अलावा 593 एजेंडों पर बैठक में चर्चा होनी थी ताकि एकराय से कोई समाधान निकल सके, लेकिन शोरगुल और अधिकारियों-पार्षदों में आरोप-प्रत्यारोप में ही सुबह 10 से रात 8 बज गए। दस घंटों में महज 261 एजेंडों पर चर्चा हो पाई। दिल्ली रोड बरसाती नाले सहित अधिकतर बड़े मुद्दे किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाए। बैठक का दौर शुक्रवार को भी चलेगा।
मेयर प्रवीण पोपली की अध्यक्षता और निगमायुक्त नीरज की मौजूदगी में सुबह 10 बजे शुरू हुई बैठक में शहर की सभी 20 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके की समस्याएं लेकर पहुंचे। दिल्ली रोड बरसाती नाले का मुद्दा उठा तो निगम व बीएंडआर ने इस नाले को अपने अधीन लेने से मना कर दिया। पार्षद जगमोहन मित्तल ने पूछा कि इस नाले के रखरखाव की जिम्मेदार किस विभाग की है। बीएंडआर के एक्सईएन जतिन खुराना ने जवाब दिया कि यह नाला विभाग ने वर्ष 2023 में ही नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया था। यह सुन निगमायुक्त नीरज ने कहा, आपके पत्र भेजे जाने से ही यह नाला कैसे हस्तांतरित हो गया। एक्सईएन ने कहा कि रखरखाव की जो समय सीमा तय की गई थी, तब तक ही यह नाला हमारा था। मित्तल ने सवाल उठाया कि इस नाले को बने 6 साल हो चुके हैं। आज तक यह फैसला ही नहीं हो सका है कि आखिर यह किसका है, इसकी सफाई की जिम्मेदारी किसकी है। इस पर नगर निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग ने कहा, आज तक बीएंडआर ने नाले की ड्राइंग ही हमें नहीं दी है और न ही इसके इनलेट व आउटलेट बताए हैं। अभी नाले के 600 मीटर हिस्से को नया बनवा रहा है। इसकी स्लैब जगह-जगह से टूटी पड़ी है। इस पर मेयर पोपली ने कहा, अगर कोई भी इस नाले को लेने को तैयार नहीं है तो मैं यह प्रस्ताव लिखकर भिजवा देता हूं कि यह सफेद हाथी है, जिसका कोई उपयोग नहीं है। ऊपर से बीएंडआर इस पर और पैसा खर्च कर रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई पर फूटा पार्षदों का गुस्सा
जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े एजेंडों पर चर्चा शुरू हुई तो माहौल गर्मा गया। पार्षदों ने विभाग के अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। जेई सतविंद्र की काफी पार्षदों ने शिकायत की। पार्षद हरि सिंह ने कहा, इन्हें हमारे वार्ड से हटा दाे। वार्ड 2 के पार्षद माेहित सिंघल ने कहा, मंत्री से मिलकर इन्हें यहां से बदलवाएं। सभी पार्षदों ने आरोप लगाया कि जेई का व्यवहार बिल्कुल ठीक नहीं है। इस पर मेयर ने कहा, उच्चाधिकारी इनकी रिपाेर्ट लें कि पिछले 15 दिन में क्या काम किया है। उन्होंने जेई से ही पूछा कि कल आपने क्या किया था, वाे ही बता दाे। इस पर जेई ने कहा, मेरे पास 8 कर्मचारी है। विजय नगर में पाइप लाइन में लीकेज ठीक कराई है। आपके पास पिछले 24 घंटे में क्या काम किया है, वाे दिखाने के लिए कुछ नहीं है। 8 कर्मचारी और एक जेई ने एक दिन पहले क्या काम किया वो बता नहीं पाए।
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यह बताएं कि आपका सिस्टम क्यों खराब है, सुनवाई क्यों नहीं हो रही: मेयर
मेयर पोपली ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा, यह बताएं कि आपका सिस्टम क्यों खराब है। सुनवाई क्यों नहीं हो रही। सीवर की कोई शिकायत आती है तो फट्टी मारकर खोल देते हो, लेकिन अगले ही दिन फिर ठप हो जाता है। लोगों की मुझे गालियां खानी पड़ती है। पार्षद सत्यवान पान्नू ने कहा, जनस्वास्थ्य विभाग ने तो हमारा खून पी रखा है। सीवर ओवरफ्लो है, लेकिन सफाई नहीं करवाते। केवल बिल बना लेते हैं। मुझे तो आज तक सीवर सिस्टम समझ में नहीं आया। इसी बीच सांसद जयप्रकाश भी बोल पड़े, उन्होंने कहा, मेरे घर के पास ही सीवर ठप रहता है। बारिश से पहले इंतजाम कर लो, वरना जनता फिर नेताओं के घर आएगी। पार्षद भीम महाजन ने कहा, मुझे ताे कई बार ऐसा लगता है मैं पार्षद नहीं सीवरेमैन बन गया हूं। इतनी समस्याएं आती हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी काेई काम नहीं कर रहे। पार्षद माेहित ने कहा कि एक सीवर का ढक्कन बदलवाने के लिए हमें सीएम से फाेन कराना पड़ता है।
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15 दिन बाद दोबारा होगी विशेष बैठक
मेयर प्रवीण पोपली ने कहा, सबसे ज्यादा समस्याएं जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हैं। विभाग का एक अधिकारी हर राेज दाे वार्डों का पार्षदाें के साथ माैका निरीक्षण करें। 10 से 15 दिन में सभी वार्डों में पेयजल व सीवर संबंधित समस्याओं का पता लगाएं और एक रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए, यह भी तय करें। 15 दिन बाद दोबारा होने वाली विशेष बैठक में मैं इस रिपोर्ट पर चर्चा करूंगा।
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पार्षदों की सहमति के बाद ही होगा ठेकेदार को भुगतान
- आज से जीटी की सफाई का चलेगा अभियान
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। नगर निगम सदन की बैठक में बरसाती नालों की सफाई पर एक्सईएन बलकार सिंह ने बताया कि टेंडर खुल गए हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। पार्षद भीम महाजन ने कहा, नालों की सफाई का काम सिर्फ कागजों में ही होगा। इस पर मेयर प्रवीण पोपली ने कहा, बारिश से पहले सीवर व बरसाती लाइनें साफ होनीं चाहिए। जहां भी सफाई होती है, अधिकारी पार्षद को बताएंगे। उनकी अनुमति के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि शहर में जीटी की सफाई का काम शुक्रवार से शुरू हाे जाएगा। 25 जून से पहले सभी जीटी की चार जाेन में बांटकर सफाई की जाएगी। चार ठेकेदाराें काे इस कार्य का टेंडर दिया गया है। बैठक में सील्ट का मुद्दा उठा तो अधिकारी बोले कि सीवर की सफाई के दो दिन बाद सील्ट का उठान करवा दिया जाएगा। छोटे-छोटे टुकड़ाें में सीवर संबंधित समस्या के समाधान के लिए 4 कराेड़ का एस्टीमेट बनाया है।
विधायक ने डी प्लान से डेढ़ करोड़ के एस्टीमेट तैयार करवाए
विधायक सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा ने बताया कि भारत नगर सहित अन्य इलाकों में छाेटी-छाेटी सीवर लाइनाें के लिए डेढ़ कराेड़ का एस्टीमेट भेजा गया है। डी प्लान से राशि पास करवाकर इन कार्यों को जल्द करवाया जाएगा। पार्षद जगमोहन मित्तल ने कहा, औद्योगिक क्षेत्र में डिस्पोजल बंद रहता है। 10 साल से सफाई नहीं हुई। इस पर अधिकारी बोले कि दो मोटरें लगा दी जाएंगी।
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मेयर प्रवीण पोपली की अध्यक्षता और निगमायुक्त नीरज की मौजूदगी में सुबह 10 बजे शुरू हुई बैठक में शहर की सभी 20 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके की समस्याएं लेकर पहुंचे। दिल्ली रोड बरसाती नाले का मुद्दा उठा तो निगम व बीएंडआर ने इस नाले को अपने अधीन लेने से मना कर दिया। पार्षद जगमोहन मित्तल ने पूछा कि इस नाले के रखरखाव की जिम्मेदार किस विभाग की है। बीएंडआर के एक्सईएन जतिन खुराना ने जवाब दिया कि यह नाला विभाग ने वर्ष 2023 में ही नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया था। यह सुन निगमायुक्त नीरज ने कहा, आपके पत्र भेजे जाने से ही यह नाला कैसे हस्तांतरित हो गया। एक्सईएन ने कहा कि रखरखाव की जो समय सीमा तय की गई थी, तब तक ही यह नाला हमारा था। मित्तल ने सवाल उठाया कि इस नाले को बने 6 साल हो चुके हैं। आज तक यह फैसला ही नहीं हो सका है कि आखिर यह किसका है, इसकी सफाई की जिम्मेदारी किसकी है। इस पर नगर निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग ने कहा, आज तक बीएंडआर ने नाले की ड्राइंग ही हमें नहीं दी है और न ही इसके इनलेट व आउटलेट बताए हैं। अभी नाले के 600 मीटर हिस्से को नया बनवा रहा है। इसकी स्लैब जगह-जगह से टूटी पड़ी है। इस पर मेयर पोपली ने कहा, अगर कोई भी इस नाले को लेने को तैयार नहीं है तो मैं यह प्रस्ताव लिखकर भिजवा देता हूं कि यह सफेद हाथी है, जिसका कोई उपयोग नहीं है। ऊपर से बीएंडआर इस पर और पैसा खर्च कर रहा है।
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जनस्वास्थ्य विभाग के जेई पर फूटा पार्षदों का गुस्सा
जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े एजेंडों पर चर्चा शुरू हुई तो माहौल गर्मा गया। पार्षदों ने विभाग के अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। जेई सतविंद्र की काफी पार्षदों ने शिकायत की। पार्षद हरि सिंह ने कहा, इन्हें हमारे वार्ड से हटा दाे। वार्ड 2 के पार्षद माेहित सिंघल ने कहा, मंत्री से मिलकर इन्हें यहां से बदलवाएं। सभी पार्षदों ने आरोप लगाया कि जेई का व्यवहार बिल्कुल ठीक नहीं है। इस पर मेयर ने कहा, उच्चाधिकारी इनकी रिपाेर्ट लें कि पिछले 15 दिन में क्या काम किया है। उन्होंने जेई से ही पूछा कि कल आपने क्या किया था, वाे ही बता दाे। इस पर जेई ने कहा, मेरे पास 8 कर्मचारी है। विजय नगर में पाइप लाइन में लीकेज ठीक कराई है। आपके पास पिछले 24 घंटे में क्या काम किया है, वाे दिखाने के लिए कुछ नहीं है। 8 कर्मचारी और एक जेई ने एक दिन पहले क्या काम किया वो बता नहीं पाए।
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मेयर पोपली ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा, यह बताएं कि आपका सिस्टम क्यों खराब है। सुनवाई क्यों नहीं हो रही। सीवर की कोई शिकायत आती है तो फट्टी मारकर खोल देते हो, लेकिन अगले ही दिन फिर ठप हो जाता है। लोगों की मुझे गालियां खानी पड़ती है। पार्षद सत्यवान पान्नू ने कहा, जनस्वास्थ्य विभाग ने तो हमारा खून पी रखा है। सीवर ओवरफ्लो है, लेकिन सफाई नहीं करवाते। केवल बिल बना लेते हैं। मुझे तो आज तक सीवर सिस्टम समझ में नहीं आया। इसी बीच सांसद जयप्रकाश भी बोल पड़े, उन्होंने कहा, मेरे घर के पास ही सीवर ठप रहता है। बारिश से पहले इंतजाम कर लो, वरना जनता फिर नेताओं के घर आएगी। पार्षद भीम महाजन ने कहा, मुझे ताे कई बार ऐसा लगता है मैं पार्षद नहीं सीवरेमैन बन गया हूं। इतनी समस्याएं आती हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी काेई काम नहीं कर रहे। पार्षद माेहित ने कहा कि एक सीवर का ढक्कन बदलवाने के लिए हमें सीएम से फाेन कराना पड़ता है।
15 दिन बाद दोबारा होगी विशेष बैठक
मेयर प्रवीण पोपली ने कहा, सबसे ज्यादा समस्याएं जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हैं। विभाग का एक अधिकारी हर राेज दाे वार्डों का पार्षदाें के साथ माैका निरीक्षण करें। 10 से 15 दिन में सभी वार्डों में पेयजल व सीवर संबंधित समस्याओं का पता लगाएं और एक रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए, यह भी तय करें। 15 दिन बाद दोबारा होने वाली विशेष बैठक में मैं इस रिपोर्ट पर चर्चा करूंगा।
पार्षदों की सहमति के बाद ही होगा ठेकेदार को भुगतान
- आज से जीटी की सफाई का चलेगा अभियान
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। नगर निगम सदन की बैठक में बरसाती नालों की सफाई पर एक्सईएन बलकार सिंह ने बताया कि टेंडर खुल गए हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। पार्षद भीम महाजन ने कहा, नालों की सफाई का काम सिर्फ कागजों में ही होगा। इस पर मेयर प्रवीण पोपली ने कहा, बारिश से पहले सीवर व बरसाती लाइनें साफ होनीं चाहिए। जहां भी सफाई होती है, अधिकारी पार्षद को बताएंगे। उनकी अनुमति के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि शहर में जीटी की सफाई का काम शुक्रवार से शुरू हाे जाएगा। 25 जून से पहले सभी जीटी की चार जाेन में बांटकर सफाई की जाएगी। चार ठेकेदाराें काे इस कार्य का टेंडर दिया गया है। बैठक में सील्ट का मुद्दा उठा तो अधिकारी बोले कि सीवर की सफाई के दो दिन बाद सील्ट का उठान करवा दिया जाएगा। छोटे-छोटे टुकड़ाें में सीवर संबंधित समस्या के समाधान के लिए 4 कराेड़ का एस्टीमेट बनाया है।
विधायक ने डी प्लान से डेढ़ करोड़ के एस्टीमेट तैयार करवाए
विधायक सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा ने बताया कि भारत नगर सहित अन्य इलाकों में छाेटी-छाेटी सीवर लाइनाें के लिए डेढ़ कराेड़ का एस्टीमेट भेजा गया है। डी प्लान से राशि पास करवाकर इन कार्यों को जल्द करवाया जाएगा। पार्षद जगमोहन मित्तल ने कहा, औद्योगिक क्षेत्र में डिस्पोजल बंद रहता है। 10 साल से सफाई नहीं हुई। इस पर अधिकारी बोले कि दो मोटरें लगा दी जाएंगी।