Haryana News: विधानसभा में गलत आंकड़े पेश करने पर घिरी सरकार, दो अधिकारी निलंबित और दो चार्जशीट
गलत आंकड़े पेश करने पर दो मंत्री घिरे तो स्पीकर भड़क गए। कहा कि सदन के साथ मजाक करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। विधानसभा स्पीकर की कड़ी चेतावनी है कि सदन में सही डाटा ही पेश करें, मंत्री इसकी पहले तस्दीक कर लें।
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अधिकारियों की लापरवाही से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार की जबरदस्त किरकिरी हुई। विपक्ष के सवालों पर सदन के पटल पर गलत आंकड़े रखे जाने से विपक्ष के सामने अड़े रहने वाले प्रदेश सरकार के मंत्री झेंपते नजर आए। यहां तक की फ्रंटफुट पर खेलने वाले गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी बैकफुट पर आ गए। गलत आंकड़े पेश करने पर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष भी गुस्सा गए।
उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है। गलत आंकड़े देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सदन में फजीहत से नाराज शिक्षा मंत्री ने शाम होते-होते चार विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी। शिक्षा मंत्री ने संबंधित शाखा के उपाधीक्षक और सहायक को निलंबित करने के साथ सहायक निदेशक और एक अन्य सहायक को नियम-7 के तहत चार्जशीट किया है।
बाढ़ड़ा से जजपा विधायक और डिप्टी सीएम की मां नैना चौटाला ने प्रश्नकाल के दौरान हलके के स्कूलों में अध्यापकों की कमी का मुद्दा सदन में रखा। अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मुझे शर्म आती है कि हमारी सरकार होते हुए भी स्कूलों में शिक्षक नहीं दे पा रहे हैं।
हंसावास कला स्कूल में केवल एक मुख्य अध्यापक है, जबकि चार पद खाली हैं। इसके अलावा भी नैना चौटाला ने कई स्कूलों के नाम गिनाए। जवाब देने खड़े हुए शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने आंकड़े पढ़ते हुए कहा कि हंसावास स्कूल में चार पद स्वीकृत हैं और एक अतिरिक्त अध्यापक के साथ वहां कुल पांच अध्यापक हैं। इस पर पलटवार करते हुए नैना चौटाला ने कहा कि मंत्री जी आपके आंकड़े गलत हैं।
वह खुद दो-दो बार स्कूलों का मुआयना करके आई हैं और पद खाली हैं। आरोपों से घिरे मंत्री ने फिर से फाइल देखी और कहा कि उनके पास यही आंकड़े हैं। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने टोकते हुए कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। जिस भी अधिकारी ने गलत आंकड़े दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कार्रवाई इतनी कड़ी हो कि दूसरे अधिकारियों को भी सबक मिले और सदन में गलत जानकारी देने से पहले दस बार सोचें।
स्पीकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सभी मंत्री सदन में डाटा पेश करने से पहले यह तय कर लें कि जानकारी गलत नहीं हो। सदन में पूरी तरह से सही जानकारी पेश की जानी होनी चाहिए। शिक्षा मंत्री ने सदन को आस्वस्त किया कि वह इस मामले की जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीवरमैन की मौत के आंकड़ों में फंसे कमल गुप्ता
प्रश्नकाल के दौरान ही एनआईटी फरीदाबाद के विधायक नीरज शर्मा ने सवाल किया कि सीवर में डूबने से फरीदाबाद में कितने लोगों की मौत हुई है। जवाब में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि फरीदाबाद में 2015 से लेकर अब तक तीन लोगों की मौत हुई है। 2015 में 1 और 2022 में दो लोगों की जान गई थी।
पलटवार करते हुए नीरज शर्मा ने कहा कि मंत्री जी सदन को गुमराह कर रहे हैं। फरीदाबाद में इसी साल क्यूआरजी अस्पताल में सफाई करते समय चार कर्मचारियों की मौत हुई है। शर्मा ने सवाल उठाया कि अधिकारी जो रिपोर्ट दे रहे हैं, वह गलत है। इस पर डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि वह इसकी जांच कराएंगे और गलत आंकड़े देने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नीरज शर्मा ने नौ नवंबर को गड्ढे में गिरने से हुई बच्चे की मौत के मामले में भी नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिक शराब पीने से हुई मौतों को जहरीली शराब से मरने वालों में जोड़ने से हुई गलती
शिक्षा मंत्री के गलत आंकड़े देने पर चार अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब शहरी स्थानीय निकाय मंत्री और गृह मंत्री अनिल विज की बारी है। सदन के पहले ही दिन अभय चौटाला ने जहरीली शराब से मौत के आंकड़े मांगे थे तो विज ने 36 बताए थे, जबकि संसद में पेश रिपोर्ट में 489 बताए गए थे। इस मामले में भी विज ने जांच कराने की बात कही थी।
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार सोमवार को जांच शुरू कर दी गई थी। अभी तक जांच में पता चला है कि कई जिलों से शराब अधिक पीने से हुई मौतों को भी जहरीली शराब के साथ जोड़कर आंकड़ा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को भेज दिया गया। जिससे संसद में पेश हुई रिपोर्ट में जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा अधिक हो गया। इन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
अभय चौटाला के सवाल में विध्वंसक शब्द जोड़ने वालों पर गिरेगी गाज
विधानसभा कर्मियों ने इनेलो विधायक अभय चौटाला के सवाल में विध्वंसक शब्द अपनी ओर से ही जोड़ दिया। उन्होंने जो मूल सवाल भेजा था, उसमें विध्वंसक शब्द कहीं नहीं था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को इस शब्द को लेकर अभय पर निशाना भी साधा था। बुधवार को अभय ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में यह मुद्दा उठाया और कहा कि विध्वंसक शब्द उनके सवाल में नहीं था। किसने जोड़ा इसकी जांच होनी चाहिए। उसको लेकर मुख्यमंत्री माफी मांगें या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से कहा कि इसकी जांच कर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्पीकर ने अभय को आश्वस्त किया कि जल्दी उन्हें दोषी के खिलाफ की गई कार्रवाई से अवगत करवा दिया जाएगा।