हरियाणा: फसल मुआवजा बढ़ोतरी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित, एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट
हरियाणा सरकार ने फसलों के मुआवजे में इजाफा करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 2015 के बाद से सरकार लगातार मुआवजे को लेकर समीक्षा कर रही है। किसानों को जो नुकसान होता है, उससे बचाने के लिए निरंतर सरकार काम कर रही है। किसानों को अब ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा।
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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में 2015 के बाद फसल खराब के लिए दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा मिलेगा। डिप्टी सीएम अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय फसल खराब होने पर 12 से 14 हजार रुपये मुआवजा प्रति एकड़ दिया जा रहा है। इसे किसान के खर्च और लागत को देखते हुए बढ़ाया जायगा। उन्होंने माना कि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई की जाएगी।
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15 नवंबर तक किसानों की पेमेंट देने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि सरकार ने सक्षम रोजगार देने के लिए काम किया है। जल्द ही MSME के लिए भी योजना लेकर आएंगे। इसके तहत ब्लॉक लेवल पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। चौटाला ने कहा कि मंडी पर अवस्थाओं को दुरुस्त किया है। आज से फिर धान की खरीद शुरू की जाएगी। 15 नवंबर तक होगी खरीद। अब तक 8900 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
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नई कंपनियों को मिलेगी 2 साल की छूट
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में 75 फीसद नौकरी स्थानीय लोगों को दी जाएंगी। हर छोटा रोजगार इस एक्ट के अंदर है। नई कंपनियों को दो साल के लिए छूट रहेगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि 16000 कंपनियां हमें अपने कर्मचारियों की जानकारी दे चुकी हैं। आपत्तियां आएंगी तो उनको दूर किया जाएगा। उद्योगों से चर्चा के बाद एक्ट विधानसभा में लाए हैं, इसलिये उद्योगपति भी इससे सहमत हैं।