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खूब की पढ़ाई फिर भी नंबर के लिए लड़ाई
झज्जर/ब्यूरो।
Updated Sat, 21 Sep 2013 10:33 PM IST
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हरियाणा में स्नातक परीक्षाओं के चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम खराब आने से नाराज छात्राओं ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार संकल्प सिंह को ज्ञापन सौंपा।
इससे पूर्व छात्राएं कॉलेज प्रांगण में इकट्ठा होकर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचीं। छात्राओं का कहना है कि उनके पहले सेमेस्टर से लेकर तीसरे सेमेस्टर तक 60 प्रतिशत से अधिक अंक हैं। इस बार उन्हें 0 से पांच या दस अंक ही दिए गए हैं। नाराज छात्राओं ने कापियों की दोबारा जांच कराने की मां की है।
परीक्षा परिणाम ठीक न आने से परेशान छात्राएं शनिवार को सड़कों पर उतर आईं। सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन करती हुए लघु सचिवालय पहुंची और एमडीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंकिता यादव, नीतू, नीलम ने एमडीयू पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सेमेस्टर से लेकर तीसरे सेमेस्टर तक उनका परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।
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इस बार चेकिंग ठीक न होने के कारण उन्हें सिर्फ 0 से पांच या दस अंक दिए गए हैं। हालांकि उनके सारे प्रश्न ठीक है क्योंकि इस बारें में उन्होंने अपने प्राध्यापकों से भी बातचीत की है। उन्होंने एमडीयू प्रशासन से दोबारा चेकिंग की बात कही है। एक छात्रा सोनू का तो यहां तक कहना था कि एमडीयू प्रशासन ऐसा करके फीस इकट्ठा करना चाहता है।
ऐसा है तो वह एमडीयू प्रशासन को चंदा करके दान भी दे सकते हैं। उधर, कॉलेज की प्राचार्या साधना गुप्ता का कहना है कि जो बच्चे पहले इतने ज्यादा नंबर ले चुके हैं उनके नंबर भी जीरो दिए गये है। उन्होंने कहा कि पेपर जल्द से जल्द दोबारा चेक किए जाएं ताकि उनके भविष्य से खिलवाड़ न हो।
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इससे पूर्व छात्राएं कॉलेज प्रांगण में इकट्ठा होकर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचीं। छात्राओं का कहना है कि उनके पहले सेमेस्टर से लेकर तीसरे सेमेस्टर तक 60 प्रतिशत से अधिक अंक हैं। इस बार उन्हें 0 से पांच या दस अंक ही दिए गए हैं। नाराज छात्राओं ने कापियों की दोबारा जांच कराने की मां की है।
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परीक्षा परिणाम ठीक न आने से परेशान छात्राएं शनिवार को सड़कों पर उतर आईं। सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन करती हुए लघु सचिवालय पहुंची और एमडीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंकिता यादव, नीतू, नीलम ने एमडीयू पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सेमेस्टर से लेकर तीसरे सेमेस्टर तक उनका परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।
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इस बार चेकिंग ठीक न होने के कारण उन्हें सिर्फ 0 से पांच या दस अंक दिए गए हैं। हालांकि उनके सारे प्रश्न ठीक है क्योंकि इस बारें में उन्होंने अपने प्राध्यापकों से भी बातचीत की है। उन्होंने एमडीयू प्रशासन से दोबारा चेकिंग की बात कही है। एक छात्रा सोनू का तो यहां तक कहना था कि एमडीयू प्रशासन ऐसा करके फीस इकट्ठा करना चाहता है।
ऐसा है तो वह एमडीयू प्रशासन को चंदा करके दान भी दे सकते हैं। उधर, कॉलेज की प्राचार्या साधना गुप्ता का कहना है कि जो बच्चे पहले इतने ज्यादा नंबर ले चुके हैं उनके नंबर भी जीरो दिए गये है। उन्होंने कहा कि पेपर जल्द से जल्द दोबारा चेक किए जाएं ताकि उनके भविष्य से खिलवाड़ न हो।