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कमीशनखोरी के आरोपों से घिरा रहा नप प्रशासन

Sun, 29 Dec 2019 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2019 11:21 PM IST
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year ender, minicipl council administration surrounded by allegations of commissioning, fatehabad
नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। विकास की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का जिम्मा जिन स्थानीय सरकारों पर था वो सालभर अपने अंदरूनी विवादों में ही उलझे नजर आए। इसका सीधा असर शहर के विकास पर पड़ा। अनेक परियोजनाएं या तो शुरू नहीं हो सकी और कई शुरू हुई तो अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। जिला परिषद और नगर परिषद के पार्षद कभी प्रधानगी तो कभी कमीशनखोरी का आरोपों को लेकर आमने-सामने होते रहे।
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एक साल में विकास का कोई नया प्रोजेक्ट नहीं
फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो पिछले एक साल में विकास का कोई नया प्रोजेक्ट नहीं लगाया जा सका है। शहर में इंटरलॉक टाइलों के अलावा कोई नया प्रोजेक्ट नहीं आया है। इतना ही नहीं, पिछले प्रोजेक्ट्स भी लटके हुए हैं और हाल फिलहाल उनके आगे बढ़ने की संभावना भी कम ही दिखती है। इसमें बैंक स्कवायर को नॉन फिजिबल बताकर पल्ला झाड़ा चुका है तो कचरा प्रबंधन प्लांट का टेंडर एक बार फिर स्थगित हो चुका है।
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विधायक के सामने भी हो चुकी कहासुनी
नगर परिषद की मौजूदा कमेटी के लगभग चार साल पूरे हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद मौजूदा नप प्रशासन के हिस्से में एक भी उपलब्धि नहीं है। गलियां बनाने और तोड़ने को लेकर आए दिन विवादों की स्थिति रही है। नगर परिषद पार्षद सरेआम मीटिंग में प्रधान व उनके कुछ चहेतों पर कमीशनखोरी के आरोप तक लगा चुके हैं। बीते दिनों विधायक दुड़ाराम की पहली बैठक के दौरान भी पार्षद वजीर जाखड़ व नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल के बीच कहासुनी हुई।
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जिला परिषद को कस्वां के रूप में मिला नया सरताज, अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
पिछले साल तक फतेहाबाद जिला परिषद की तत्कालीन चेयरमैन गीता नांगली और जिला परिषद के पार्षदों में भी सारा साल नूरा कुश्ती चलती रही थी। इस साल उनकी जगह पर राजेश कस्वां को जिला प्रशासन की कमान सौंपी गई। दो माह तक चुप रहने के बाद आखिरकार उनका सब्र भी जवाब दे गया और उन्होंने सांसद सुनीता दुग्गल के समक्ष अधिकारियों पर विकास कार्यों को नजर अंदाज करने एवं लापरवाही के आरोप जड़े। सांसद सुनीता दुग्गल ने इसकी जांच डीसी दफ्तर को सौंपी थी। मौजूदा हालात ये हैं कि जिले के जिप पार्षद अभी तक ग्रांट के लिए तरस रहे हैं जिसके चलते विकास कार्य भी ठप्प जैसे ही हैं।

वर्जन
नगर परिषद में किसी प्रकार की कमीशनखोरी नहीं चलने दी जाएगी। विकास कार्य समान रूप से होंगे और साथ ही नए प्रोजेक्ट लाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
- दुड़ाराम, विधायक फतेहाबाद ।
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