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धान की फसल सीधे राइस मिल में उतारने पर मजदूरों ने हड़ताल व रोड जाम की चेतावनी दी
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रतिया में मार्केट कमेटी अधिकारियों से मिलते लेबर यूनियन के प्रधान जिलेसिंह व अन्य।
- फोटो : Fatehabad
रतिया। अनाज मंडी की लेबर यूनियन के सदस्यों ने बुधवार को धान की फसल अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में लाने के बजाय सीधा राइस मिल में उतारने पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव व अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि अगर धान की फसल सीधे राइस मिल में उतारी गई तो लेबर यूनियन के सदस्य अनाज मंडी व खरीद केंद्रों पर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर देंगे और रोड जाम भी करेंगे।
वहीं लेबर यूनियन की चेतावनी के बाद मार्केट कमेटी सचिव ने वीरवार को व्यापार मंडल और राइस मिल एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। बैठक में विस्तृत चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। लेबर यूनियन के प्रधान जिले सिंह, जोनी सिंह, अजमेर, वकील, सोनू, दर्शन लाल व अन्य मजदूरों ने बताया कि रतिया उपमंडल में शहर की अनाज मंडी के अलावा 18 खरीद केंद्र बने हुए हैं, जहां पर हर साल धान व गेहूं की फसल किसानों द्वारा लाई जाती है। सैकड़ों मजदूरों द्वारा अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में आई हुई फसल की सफाई करके बैग में भरकर उसे ट्रकों में लोड किया जाता है। इस काम से मजदूरों का पूरे साल का घर का खर्च चलता है। मजदूरों ने बताया कि वह 6 महीने बाद धान और गेहूं के सीजन का इंतजार करते हैं ताकि वहां पर काम करके अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें।
प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
लेबर यूनियन ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसी लापरवाही के कारण अब सीजन के दौरान धान को अनाज मंडी व खरीद केंद्र पर लाने के बजाय सीधे राइस मिल में उतारा जा रहा है। जिस कारण मजदूरों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव व खरीद एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात कर चेतावनी दी कि अगर धान की फसल सीधे राइस मिल में उतारी गई और अनाज मंडी में नहीं लाई गई तो मजदूर हड़ताल करते हुए रोड जाम कर देंगे।
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लेबर यूनियन के सदस्य धान की फसल अनाज मंडी और खरीद केंद्रों में उतारने की मांग का ज्ञापन देकर गए हैं। वीरवार को व्यापार मंडल की दोनों यूनियन व राइस मिल एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। सरकार के नियमानुसार धान की फसल को अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में ही लाया जा सकता है। सीधे राइस मिल में उतारना गैरकानूनी है। इसकी जांच करने के लिए मार्केट कमेटी द्वारा तीन टीमों का भी गठन किया जाएगा।
-मेजर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी रतिया
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वहीं लेबर यूनियन की चेतावनी के बाद मार्केट कमेटी सचिव ने वीरवार को व्यापार मंडल और राइस मिल एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। बैठक में विस्तृत चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। लेबर यूनियन के प्रधान जिले सिंह, जोनी सिंह, अजमेर, वकील, सोनू, दर्शन लाल व अन्य मजदूरों ने बताया कि रतिया उपमंडल में शहर की अनाज मंडी के अलावा 18 खरीद केंद्र बने हुए हैं, जहां पर हर साल धान व गेहूं की फसल किसानों द्वारा लाई जाती है। सैकड़ों मजदूरों द्वारा अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में आई हुई फसल की सफाई करके बैग में भरकर उसे ट्रकों में लोड किया जाता है। इस काम से मजदूरों का पूरे साल का घर का खर्च चलता है। मजदूरों ने बताया कि वह 6 महीने बाद धान और गेहूं के सीजन का इंतजार करते हैं ताकि वहां पर काम करके अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें।
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प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
लेबर यूनियन ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसी लापरवाही के कारण अब सीजन के दौरान धान को अनाज मंडी व खरीद केंद्र पर लाने के बजाय सीधे राइस मिल में उतारा जा रहा है। जिस कारण मजदूरों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव व खरीद एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात कर चेतावनी दी कि अगर धान की फसल सीधे राइस मिल में उतारी गई और अनाज मंडी में नहीं लाई गई तो मजदूर हड़ताल करते हुए रोड जाम कर देंगे।
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लेबर यूनियन के सदस्य धान की फसल अनाज मंडी और खरीद केंद्रों में उतारने की मांग का ज्ञापन देकर गए हैं। वीरवार को व्यापार मंडल की दोनों यूनियन व राइस मिल एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। सरकार के नियमानुसार धान की फसल को अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में ही लाया जा सकता है। सीधे राइस मिल में उतारना गैरकानूनी है। इसकी जांच करने के लिए मार्केट कमेटी द्वारा तीन टीमों का भी गठन किया जाएगा।
-मेजर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी रतिया