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जिले में 3200 एकड़ भूमि में नहीं हो पाएगी गेहूं की बिजाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 10:57 PM IST
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Wheat will not be sown in 3200 acres of land
फतेहाबाद के गांव खाराखेड़ी में खेतों में भरा पानी। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। मानसून सीजन में हुई भारी बारिश के कारण जिले के कई गांव आज भी जलभराव की स्थिति से जूझ रहे हैं। हालात यह है कि कई गांवों के खेतों में अभी तक पानी नहीं निकला है। सेमग्रस्त इलाकों में हालात सबसे अधिक खराब है। जिले के करीब 3200 एकड़ खेत में अभी भी पानी का ठहराव है। किसान पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
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फतेहाबाद जिले में इस बार झमाझम बारिश हुई। 24 सितंबर को हुई भारी बारिश के कारण जिले के 58 गांवों के खेेतों में भारी जलभराव हो गया था। हालात इतने गंभीर थे कि भूना कस्बे में बाढ़ आ गई थी। इसके कई इलाकों में छह फुट तक पानी भर गया था। प्रशासन का पूरा ध्यान भूना कस्बे सेे पानी निकालने की तरफ चला गया और गांवों में जलभराव की स्थिति यथा स्थिर रही। अभी भी कई गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है। जलभराव अधिक होने के कारण किसान अपने खेतों में गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
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ये गांव सर्वाधिक प्रभावित
मानसून सीजन के दौरान जिले के अनेक गांव जलभराव की स्थिति से जूझ रहे थे। इस दौरान करीब 58 गांवों के खेतों में पानी भर गया था। इस समय सेमग्रस्त गांवों में अधिक परेशानी है। यहां पर अभी भी खेतों में भारी जलभराव है। जिले के गांव बड़ोपल, मोहम्मदपुर रोही, चिंदड़, काजलहेड़ी, खजूरी जाटी, ठुईयां, भट्टूकलां, ढाबीखुर्द, सालमखेड़ा, बनमंदौरी, जांडवाला बागड़, शेखुपुर दड़ौली, ढाबीकलां, रामसरा, खाबड़ाकलां, बनावाली, खाराखेड़ी, कुुम्हारिया, धांगड़, भोडा होसनाक, दैयड़, किरढ़ान, बनगांव सहित करीब 24 गांवों के खेतों के करीब 3200 एकड़ रकबे में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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विधायक ने उठाया मुद्दा तो पहुंचे अधिकारी
फतेहाबाद हलके के विधायक दुड़ाराम ने दो दिन पहले ही चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखा था। इसके बाद सीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जलनिकासी के आदेश दिए थे। इस आदेश पर वीरवार को सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर नीतिश जैन व संदीप बिश्नोई अधिकारियों की टीम के साथ फतेहाबाद पहुंचे। उन्होंने गांवों का दौरा करके जलनिकासी के उचित प्रबंध के निर्देश स्थानीय अधिकारियों को दिए। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत भी की।
20 अक्तूबर से 25 नवंबर तक होता है गेहूं बिजाई का समय
जिले में किसान गेहूं की अगेती फसल की बिजाई 20 अक्तूबर से आरंभ कर देते हैं। गेहूं बिजाई का अंतिम समय 25 नवंबर तक होता है। इस बार कई गांवों में खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाएंगे। अकेले गांव बड़ोपल का करीब 200 एकड़ व खजूरी जाटी का 250 एकड़ रकबा जलभराव की स्थिति से जूझ रहा है।

कोट
मेरे हलके में ग्रामीणों को खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। करीब 12 गांव तो ऐसे हैं, जहां हालात काफी खराब है। हाल ही में विधायक दल की बैठक में मैंने इस मुद्देे को मुख्यमंत्री के सामने रखा था। जलनिकासी के स्थायी समाधान की प्लानिंग की जाएगी।
-दुड़ाराम, विधायक फतेहाबाद।

फतेहाबाद के गांव बड़ोपल के खेतों में भरा पानी।

फतेहाबाद के गांव बड़ोपल के खेतों में भरा पानी।- फोटो : Fatehabad

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