फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Web of obscenity being woven through unknown video calls

अनजान वीडियो कॉल से बुना जा रहा अश्लीलता का जाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Web of obscenity being woven through unknown video calls
फतेहाबाद। अगर आपको किसी अनजान नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो कॉल मिल रही है तो सावधान हो जाइए, क्योंकि ये आपको धमकी देकर ब्लैकमेलिंग के चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश हो सकती है। पुलिस प्रशासन ने भी ऐसे मामले लगातार रिपोर्ट होने पर साइबर सेल को अलर्ट रहकर कार्रवाई करने के लिए कहा है। दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया से जुड़े फेसबुक अकाउंट, मैसेंजर आईडी या अनजान फोन नंबर से वीडियो कॉल प्राप्त होती है। जैसे ही वीडियो कॉल उठाते हैं, तो सामने अर्धनग्न या नग्नावस्था में लड़की दिखाई देती है।
विज्ञापन

फतेहाबाद में नाम न छापने की शर्त पर ऐसी घटना का शिकार होने वाले लोगों ने बताया कि वीडियो कॉल पर दिखाई देने वाली लड़की के साथ चेहरे की रिकार्डिंग करके या फोन कॉल उठाने वाले व्यक्ति के चेहरे को किसी और न्यूड वीडियो के साथ मिक्स करके ब्लैकमेल करने के लिए धमकी दी जा रही है। कई लोग लोक-लाज के चलते पुलिस के पास अपने साथ हुई घटना की रिपोर्ट भी नहीं करवा रहे। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से वीडियो कॉल उठाने को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही इस तरह के लोगों को ब्लॉक करके इनकी रिपोर्ट पुलिस के पास दर्ज करवाने के लिए कहा है।
विज्ञापन

नामी-गिरामी लोग निशाने पर
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नामी-गिरामी लोगों के अकाउंट, आईडी या व्हाट्सएप नंबर पर गिरोह के लोग फोकस करके वीडियो कॉल कर रहे हैं। क्योंकि नामी-गिरामी लोग जब इस तरह की घटना के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं तो उन्हें ब्लैकमेल करने में गिरोह के लोग आसानी समझते हैं। साइबर एक्सपर्ट भी इस बात से इत्तफाक रखते हैं कि नामी-गिरामी लोगों इस इस तरह की गैर कानूनी गतिविधि में फंसाने की प्राथमिकता गिरोह के लोग रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फतेहाबाद में हो चुुकी हैं ऐसी घटनाएं
फतेहाबाद में एक भाजपा नेता को इस तरह के चक्रव्यूह में फंसाया जा चुका है। हाल ही में ऐसे मामले पुलिस के पास और रिपोर्ट हुए हैं जिनमें वीडियो कॉल के जरिये अश्लील जाल में फंसाकर लोगों को ब्लैकमेलिंग के लिए धमकाया गया।
अनजान आईडी और नंबरों की वीडियो कॉल बिना पुष्टता के नहीं उठाएं
साइबर एक्सपर्ट राहुल कुमार बताते हैं कि इस तरह अनजान नंबर या आईडी से वीडियो कॉल प्राप्त हो तो इससे बचने का एक ही रास्ता है कि वीडियो कॉल उठाया ही न जाए। अगर जरूरी लगे तो वीडियो कॉल कटने के बाद उस नंबर या आईडी को पहले मैसेज या वाइस कॉल के जरिये कॉल करने वाले के बारे में पुष्ट जानकारी जुटा ली जाए। अगर स्पष्ट पुष्टता समझ आए तो उसके बाद जरूरी होने पर ही वीडियो कॉल से संपर्क आगे किया जाए। इस तरह यदि गलती से कोई शिकार हो जाता है तो पुलिस को इसकी जानकारी जरूर दें ताकि समय रहते कुछ उपाय साइबर सेल की मदद से कर लिया जाए।
हर महीने आ रहे 10 से 15 मामले
पुलिस सूत्रों की मानें तो हर महीने ऐसे 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। मगर ज्यादातर मामलों में लोग अपनी बदनामी के डर से पुलिस केस नहीं करवाना चाहते हैं। हाल ही में एक सामाजिक संगठन के प्रमुख पदाधिकारी के पास भी ऐसी वीडियो कॉल आई है, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई है।

कोट
साइबर अपराध आज के समय में हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। अनजान वीडियो कॉल के जरिये लोगों को अश्लीलता के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने के लिए धमकी देने के मामले सामने आए हैं। लोगों को सावधानियां बरतने की जरूरत है। सोशल मीडिया या किसी भी तरह की अनजान वीडियो कॉल को न उठाएं और गलती से कोई ऐसी घटना का शिकार होता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
-अजैब सिंह, डीएसपी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed