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पानी से चलने वाली कार का डीसी ने किया निरीक्षण
fatehabad
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:45 AM IST
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पानी से चलने वाली कार का डीसी ने किया निरीक्षण
- फोटो : amar ujala
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जेसीडी विद्यापीठ सिरसा से इंजीनियरिंग कर रहे तीन छात्रों की बनाई पानी और कैल्शियम कार्बाइड से चलने वाली कार का उपायुक्त एनके सोलंकी ने निरीक्षण किया और इसकी तकनीक को समझा।
लघु सचिवालय परिसर में छात्र शीशपाल निवासी किरढ़ान, प्रदीप निवासी भोडिया खेड़ा और विकास खोथ निवासी सिरसा ने बताया कि वे बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि मारुति 800 सीसी कार को पानी और कैल्शियम कार्बाइड से इंजन चलाया गया, जो एक लीटर पानी में 10 किलोमीटर चलती है और इसकी अधिकतम स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटा है।
उन्होंने बताया कि यह कार प्रदूषण बहुत कम करती है। इसकी 18 गाड़ियाें का प्रदूषण पेट्रोल से चलने वाली एक गाड़ी के बराबर होता है। उन्होंने बताया कि इसमें इंजन बहुत सुरक्षित है और अनेक जगह पर सेफ्टी का प्रयोग किया गया है। यह कार इलेक्ट्रिकल बटन से संचालित हो रही है। इस कार को डिजाइन करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए फायर एरेस्टर, डारायर, वन वे वाल्व, वाटर कंट्रोलर सहित बिजली के उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
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- पेटेंट के लिए आवेदन किया
छात्र शिशपाल ने बताया कि गाड़ी में दो जनरेटर लगाए गए हैं। एक जनरेटर छह एचएचओ कंबो और हाइड्रोजन को प्रोड्यूस करता है, जबकि दूसरा जनरेटर एक्साइटीलेंस प्रोड्यूस करता है। उन्होंने बताया कि गाड़ी को पेटेंट करवाने के लिए आवेदन किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि कोई ऑटो कंपनी उनके प्रोजेक्ट को स्वीकार भी करेगी।
- अद्भुत है खोज: उपायुक्त
उपायुक्त एनके सोलंकी ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उनकी यह खोज अद्भुत है। उम्मीद है कि यह भविष्य में ईंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज का समय तकनीक का समय है और युवाओं के लिए बेहतर अवसर भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ स्वयं रोजगार भी अपनाएं और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बने।
लघु सचिवालय परिसर में छात्र शीशपाल निवासी किरढ़ान, प्रदीप निवासी भोडिया खेड़ा और विकास खोथ निवासी सिरसा ने बताया कि वे बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि मारुति 800 सीसी कार को पानी और कैल्शियम कार्बाइड से इंजन चलाया गया, जो एक लीटर पानी में 10 किलोमीटर चलती है और इसकी अधिकतम स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटा है।
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उन्होंने बताया कि यह कार प्रदूषण बहुत कम करती है। इसकी 18 गाड़ियाें का प्रदूषण पेट्रोल से चलने वाली एक गाड़ी के बराबर होता है। उन्होंने बताया कि इसमें इंजन बहुत सुरक्षित है और अनेक जगह पर सेफ्टी का प्रयोग किया गया है। यह कार इलेक्ट्रिकल बटन से संचालित हो रही है। इस कार को डिजाइन करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए फायर एरेस्टर, डारायर, वन वे वाल्व, वाटर कंट्रोलर सहित बिजली के उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
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- पेटेंट के लिए आवेदन किया
छात्र शिशपाल ने बताया कि गाड़ी में दो जनरेटर लगाए गए हैं। एक जनरेटर छह एचएचओ कंबो और हाइड्रोजन को प्रोड्यूस करता है, जबकि दूसरा जनरेटर एक्साइटीलेंस प्रोड्यूस करता है। उन्होंने बताया कि गाड़ी को पेटेंट करवाने के लिए आवेदन किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि कोई ऑटो कंपनी उनके प्रोजेक्ट को स्वीकार भी करेगी।
- अद्भुत है खोज: उपायुक्त
उपायुक्त एनके सोलंकी ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उनकी यह खोज अद्भुत है। उम्मीद है कि यह भविष्य में ईंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज का समय तकनीक का समय है और युवाओं के लिए बेहतर अवसर भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ स्वयं रोजगार भी अपनाएं और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बने।