{"_id":"65a38a0a106b06add10db260","slug":"water-bills-will-not-reach-every-home-in-rural-areas-fatehabad-news-c-127-1-shsr1015-11285-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नहीं पहुंचेंगे पानी के बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नहीं पहुंचेंगे पानी के बिल
विज्ञापन
फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल कर्मचारियों के हाथों से नहीं भेजे जाएंगे। ग्रामीणों को ऑनलाइन बिल उनके मोबाइल पर भेजा जाएगा और अपने मोबाइल या सीएससी सेंटर से ही ग्रामीणों को बिल भरना होगा। शहरी क्षेत्रों में भी जन स्वास्थ्य विभाग यह सुविधा आरंभ करने जा रहा है।
भारत सरकार का जल जीवन मिशन एक मुख्य प्रोजेक्ट है, जिसके तहत हर घर को नल से जल मुहैया करवाना मुख्य लक्ष्य है। इसके साथ-साथ हर ग्रामीण को पीने का पानी पूरा और गुणवत्ता सहित मिले, इसको सुनिश्चित करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों के साथ-साथ और सामाजिक संस्थाओं को साथ जोड़ा है, ताकि जिन घरों में पीने का पानी बेकार चलता है और पीने के पानी को अन्य किसी प्रकार से प्रयोग करते हैं उनको समझा कर पानी की बर्बादी को रोका जा सके तथा हर घर को उचित मात्रा में पीने का पानी मुहैया करवाया जा सके।
इस कारण बिल भेजना किया बंद
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पानी के बिल 20 रुपये या 40 रुपये आते हैं। जबकि शहरी क्षेत्रों में पानी के बिल पानी का बिल 40 से 60 रुपये तक आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य विभाग पहले कर्मचारियों के माध्यम से बिल पहुंचाता था, लेकिन बिलों की संख्या कम और कर्मचारियों का वेतन अधिक होने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में डायरेक्ट पानी के बिल भेजने बंद कर दिए हैं। अब ऑनलाइन ही उनको बिल भेजा जा रहा है और वह अपने पास के सीएससी सेंटरों से भी बिलों का भुगतान करवा सकते हैं।
विज्ञापन
कोट
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल ऑनलाइन ही भेजे जा रहे हैं। ऑनलाइन ही वह बिल भर सकते हैं। कैश काउंटर पर बिल नहीं लिए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में भी अब यह व्यवस्था लागू हो सकती है।
-शर्माचंद लाली, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
विज्ञापन
भारत सरकार का जल जीवन मिशन एक मुख्य प्रोजेक्ट है, जिसके तहत हर घर को नल से जल मुहैया करवाना मुख्य लक्ष्य है। इसके साथ-साथ हर ग्रामीण को पीने का पानी पूरा और गुणवत्ता सहित मिले, इसको सुनिश्चित करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों के साथ-साथ और सामाजिक संस्थाओं को साथ जोड़ा है, ताकि जिन घरों में पीने का पानी बेकार चलता है और पीने के पानी को अन्य किसी प्रकार से प्रयोग करते हैं उनको समझा कर पानी की बर्बादी को रोका जा सके तथा हर घर को उचित मात्रा में पीने का पानी मुहैया करवाया जा सके।
विज्ञापन
इस कारण बिल भेजना किया बंद
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पानी के बिल 20 रुपये या 40 रुपये आते हैं। जबकि शहरी क्षेत्रों में पानी के बिल पानी का बिल 40 से 60 रुपये तक आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य विभाग पहले कर्मचारियों के माध्यम से बिल पहुंचाता था, लेकिन बिलों की संख्या कम और कर्मचारियों का वेतन अधिक होने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में डायरेक्ट पानी के बिल भेजने बंद कर दिए हैं। अब ऑनलाइन ही उनको बिल भेजा जा रहा है और वह अपने पास के सीएससी सेंटरों से भी बिलों का भुगतान करवा सकते हैं।
विज्ञापन
कोट
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल ऑनलाइन ही भेजे जा रहे हैं। ऑनलाइन ही वह बिल भर सकते हैं। कैश काउंटर पर बिल नहीं लिए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में भी अब यह व्यवस्था लागू हो सकती है।
-शर्माचंद लाली, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।