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Fatehabad News: रतिया नगर पालिका प्रधान व उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान आज
Wed, 21 May 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 21 May 2025 11:55 PM IST
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रतिया नगर पालिका कार्यालय
रतिया। नगर पालिका रतिया की प्रधान प्रीति खन्ना और उपप्रधान जोगिंद्र नंदा के खिलाफ विपक्षी पार्षदों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज फतेहाबाद के लघु सचिवालय में दोपहर 3 बजे वोटिंग होगी। इस वोटिंग की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया करेंगे और यह वोटिंग ईवीएम के माध्यम से की जाएगी। इसमें कुल 18 मत डाले जाएंगे, जिनमें नगर पालिका प्रधान और 17 पार्षदों के वोट शामिल होंगे।
नगर पालिका प्रधान प्रीति खन्ना ने इस अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के आदेशों के तहत नगर पालिका चेयरपर्सन का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया गया था, न कि पार्षदों के द्वारा। इस कारण से पार्षदों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अब तक प्रत्यक्ष रूप से चुने गए नगर पालिका प्रधान को हटाने का कोई उदाहरण नहीं है और नियम स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार को 20 अगस्त तक जवाब देने का नोटिस जारी किया है, लेकिन आज की वोटिंग पर कोई रोक नहीं लगी है।
अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने अविश्वास प्रस्ताव के बारे में तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि वोटिंग के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विपक्षी पार्षदों का दावा है कि उनके पास अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 15 वोट हैं, जबकि प्रधान और उपप्रधान पक्ष का कहना है कि वे बहुमत में हैं। यह भी कहा जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए दोनों पक्षों के पार्षद अपने-अपने समर्थकों के साथ भारत भ्रमण पर गए हैं और सीधे फतेहाबाद वोटिंग कक्ष में अपना मत देने पहुंचेंगे।
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रतिया नगर पालिका में प्रधान प्रीति खन्ना, उपप्रधान जोगिंद्र नंदा और अन्य पार्षदों के बीच पिछले कुछ महीनों से आपसी खींचतान चल रही है। इस कारण नगर पालिका का बजट कई बार अटका रहा है, क्योंकि विपक्षी पार्षदों ने बजट बैठक का विरोध किया है और बैठकें नहीं हो पाई हैं। इस विवाद के चलते 4 मार्च को कांग्रेस के 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए उपायुक्त से मुलाकात की थी। हालांकि, उपायुक्त की गैरमौजूदगी में पार्षदों ने एडीसी अनुराग ढालिया से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव की तारीख तय करने की मांग की थी। इसके बाद, इस मामले को लेकर 7 मई को हाई कोर्ट की शरण ली गई, जिसने 8 मई को मामले में पक्ष रखने का निर्देश दिया था। आज होने वाली वोटिंग के परिणाम से नगर पालिका रतिया की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।
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नगर पालिका प्रधान प्रीति खन्ना ने इस अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के आदेशों के तहत नगर पालिका चेयरपर्सन का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया गया था, न कि पार्षदों के द्वारा। इस कारण से पार्षदों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अब तक प्रत्यक्ष रूप से चुने गए नगर पालिका प्रधान को हटाने का कोई उदाहरण नहीं है और नियम स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार को 20 अगस्त तक जवाब देने का नोटिस जारी किया है, लेकिन आज की वोटिंग पर कोई रोक नहीं लगी है।
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अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने अविश्वास प्रस्ताव के बारे में तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि वोटिंग के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विपक्षी पार्षदों का दावा है कि उनके पास अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 15 वोट हैं, जबकि प्रधान और उपप्रधान पक्ष का कहना है कि वे बहुमत में हैं। यह भी कहा जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए दोनों पक्षों के पार्षद अपने-अपने समर्थकों के साथ भारत भ्रमण पर गए हैं और सीधे फतेहाबाद वोटिंग कक्ष में अपना मत देने पहुंचेंगे।
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रतिया नगर पालिका में प्रधान प्रीति खन्ना, उपप्रधान जोगिंद्र नंदा और अन्य पार्षदों के बीच पिछले कुछ महीनों से आपसी खींचतान चल रही है। इस कारण नगर पालिका का बजट कई बार अटका रहा है, क्योंकि विपक्षी पार्षदों ने बजट बैठक का विरोध किया है और बैठकें नहीं हो पाई हैं। इस विवाद के चलते 4 मार्च को कांग्रेस के 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए उपायुक्त से मुलाकात की थी। हालांकि, उपायुक्त की गैरमौजूदगी में पार्षदों ने एडीसी अनुराग ढालिया से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव की तारीख तय करने की मांग की थी। इसके बाद, इस मामले को लेकर 7 मई को हाई कोर्ट की शरण ली गई, जिसने 8 मई को मामले में पक्ष रखने का निर्देश दिया था। आज होने वाली वोटिंग के परिणाम से नगर पालिका रतिया की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।