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UPSC Result 2023: अभिनव सिवाच ने सुधारा रैंक, इस बार यूपीएससी में पाया 12वां स्थान, पढ़ें संघर्ष की कहानी
Tue, 23 May 2023 04:03 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 23 May 2023 04:03 PM IST
सार
अभिनव सिवाच पहले कलकता स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। उन्होंने सालाना पैकेज 35 लाख रुपये की नाैकरी छाेड़कर सिविल सर्विसिज की तैयारी की। साल 2020 की यूपीएससी की परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल करके आईएएस बने।
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अभिनव सिवाच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फतेहाबाद के गांव गोरखपुर के बेटे अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की ओर से जारी परिणाम में ऑल इंडिया में 12वीं रैंक हासिल की है। अभिनव ने यूटी कैडर से साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा भी पास की थी, उस समय उनकी 16वीं रैंक आई थी। यूटी कैडर से बाहर निकल कर अपने प्रदेश में सेवाएं देने की इच्छा के साथ अभिनव ने कड़ी मेहनत जारी रखी। अब आए परिणाम में उन्होंने 12वीं रैंक प्राप्त की है। फिलहाल अभिनव का परिवार हिसार के सेक्टर 16-17 में रहता है। अभिनव के पिता सतबीर सिवाच आबकारी एवं काराधान विभाग के उपायुक्त हैं। अभिनव के चाचा ललित सिवाच इस समय सोनीपत के डीसी हैं।
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नाैकरी छाेड़कर सिविल सर्विसिज की तैयारी की
गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर में बीटेक और एमबीर कर चुके अभिनव पहले कलकता स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। जहां उनका सालाना पैकेज 35 लाख रुपये तक था। वह नाैकरी छाेड़कर उन्होंने सिविल सर्विसिज की तैयारी की। इसके बाद नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हुए। साल 2020 की यूपीएससी की परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल करके आईएएस बने।
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पिता से प्रेरणा लेकर आईएएस बनने की सोची
अभिनव सिवाच के अनुसार उन्हें उनके पिता आबकारी एवं कराधान उपायुक्त सतबीर सिवाच से प्रेरणा मिली। उन्हें बतौर अफसर काम करते हुए उन्होंने देखा। इसके बाद आईएएस बनने का विचार आया है। इसके लिए तैयारी शुरू की। जब नायब तहसीलदार बन गए तो इसके बाद भी पढ़ाई जारी रखी। दिन में ड्यूटी करने के बाद रात में पढ़ाई करते रहे। अभिनव ने नायब तहसीलदार के रूप में फतेहाबाद जिले के टोहाना के अलावा हिसार में भी सेवाएं दी हुई है। अभिनव बताते हैं कि जनता की सेवा करते हुए देश की उन्नति में योगदान देने के लिए वह प्रयासरत हैं।
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