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Fatehabad News: सैंपल घूम रहे हरियाणा भर, मरीज अब अब भी इलाज के इंतजार में

Mon, 28 Jul 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 28 Jul 2025 11:28 PM IST
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Treatment of 450 patients who tested positive for Hepatitis C card test stuck, Bahadurgarh refuses to test samples
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बैठे मरीजसंवाद
फतेहाबाद। जिले में हेपेटाइटिस सी यानी काला पीलिया के 450 मरीजों का उपचार अटक गया है। वजह यह कि मरीजों का वायरल लोड टेस्ट नहीं हो पा रहा है। बहादुरगढ़ अस्पताल प्रशासन ने सैंपल जांच से मना कर दिया है।
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ऐसे में कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद भी इन मरीजों का उपचार शुरू नहीं हो रहा है। वायरल लोड की रिपोर्ट के मुताबिक ही विशेषज्ञ उपचार शुरू करते हैं। अब नागरिक अस्पताल फतेहाबाद प्रबंधन सिरसा से अनुमति मांग रहा है लेकिन बताया जा रहा है वहां पर भी किट की कमी की समस्या चल रही है।
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नागरिक अस्पताल फतेहाबाद प्रबंधन पिछले तीन माह से हेपेटाइटिस सी के सैंपलों को जांच के लिए बहादुरगढ़ भेज रहा था लेकिन वहां पर सैंपल जांच किट न होने के चलते जून माह के अंतिम सप्ताह में बंद कर दिए गए। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने सिरसा अस्पताल प्रशासन से सैंपल भेजने की अनुमति मांगी है लेकिन बताया जा रहा है कि वहां पर भी किट न होने के कारण सैंपल जांच से मना कर दिया गया है। अब अस्पताल प्रशासन ने मुख्यालय से अग्रोहा मेडिकल या फिर हिसार में जांच की अनुमति मांगी है।
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तीन साल से दूसरे जिलों का सहारा
वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय में ही हेपेटाइटिस सी की जांच शुरू हुई थी। विभाग की तरफ से कूपन दिए जाते थे और निजी लैब में जांच होती थी। लेकिन 28 जुलाई 2022 को ये अनुबंध खत्म कर दिया और कोरोना जांच के लिए शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में सैंपल जांच के निर्देश दिए गए थे लेकिन लैब में माइक्रोबायलॉजिस्ट न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो पाई। बीच में करीब 6 माह ही सैंपलों की जांच शुरू हुई थी जब विशेषज्ञ थे। इसके बाद अस्पताल की तरफ से सैंपल रोहतक, सिरसा, अग्रोहा तो कभी अंबाला भेजे जा रहे है। ये सैंपल भी सप्ताह में मात्र 10 से 15 ही भेजे जाते थे।
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रेड जोन में शामिल रह चुका है जिला
हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी के सबसे ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। इसमें ए, बी, सी, डी व ई शामिल हैं। हेपेटाइटिस का वायरस संक्रमित रक्त, संक्रमित रक्त उत्पाद, दूषित सूई, रेजर, ब्रश से होता है। हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में लीवर कैंसर तक हो सकता है।
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क्या है हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट

हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट एक रक्त परीक्षण है जो इसकी मात्रा को मापता है। परीक्षण यह निर्धारित करने में मदद करता है कि क्या किसी व्यक्ति को सक्रिय हेपेटाइटिस सी वायरल संक्रमण है। उपचार की प्रभावशीलता की निगरानी करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।

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ये रही है जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्निनत मरीज - 6871
उपचार पूरा हुआ - 6520
उपचार जारी - 351
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हेपेटाइटिस सी की जांच पहले बहादुरगढ़ हो रही थी लेकिन वहां दिक्कत आ गई। अब सिरसा से संपर्क किया जा रहा है, कुछ सैंपल भेजे जा चुके है। अग्रोहा (हिसार) में भी सैंपल भेजने की अनुमति मांगी गई है।
- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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