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धान रोपाई शुरू होने में पांच दिन बचे, कैसे पूरा होगा रकबा घटाने का लक्ष्य
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सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रदेश में धान का रकबा कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। प्रदेश में 2 लाख एकड़ धान का रकबा कम करने का लक्ष्य है। वहीं इसके अंतर्गत फतेहाबाद जिले को 24255 एकड़ कम करने का लक्ष्य मिला है। यानी 24255 एकड़ में पिछले साल धान लगाया था तो अबकी बार उसमें अन्य फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। लगभग दस हजार हेक्टेयर रकबा कम किया जाएगा। सवाल तो यह है कि कृषि विभाग इस मुहिम को धरातल पर कब उतारेगा। 15 जून से धान रोपाई का सीजन शुरू हो जाएगा। महज पांच दिन बचे हैं। इसके लिए किसानों ने जमीन तैयार कर ली है। खेतों में बुआई कर रखी है। सिर्फ सिंचाई करनी है और उसके बाद केल्टीवेट करना है।
अगली फसल क्या हो, अप्रैल में होता है तय : किसान अप्रैल महीने के पहले पंद्रह दिन तक गेहूं कटाई करते हैं। उन्हीं दिनों में तय हो जाता है कि अगली फसल क्या बोई जाए। यदि नरमा या कपास बीजना हो तो मई में बीज देते हैं। धान बोना हो, तो भी मई में पौधे बीज देते हैं। अब धान की पौध तैयार हो चुकी है। 15 जून से एक या दो दिन पहले ही धान रोपाई शुरू हो जाती है।
मेरा पानी-मेरी विरासत योजना :इस योजना के अंतर्गत जो किसान धान बोते हैं वे अगर धान छोड़कर अन्य खेती करते हैं तो उन्हें सरकार की तरफ से 7 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। सरकार का लक्ष्य है कि जल दोहन को न्यूनतम किया जाए।
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आंकड़ों में हालात
रतिया क्षेत्र में भू-जल स्तर: 600 फीट
वर्ष 2019 में जिले में धान : 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर
वर्ष 2020 में धान का रकबा: 1 लाख 6 हजार हेक्टेयर
वर्ष 2021 को लेकर लक्ष्य : 95 हजार हेक्टेयर
ऐसे तय होगी प्रोत्साहन राशि की पात्रता : इस योजना का दुरुपयोग न हो इसलिए विभाग ने पात्रता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था बनाई है। इसके लिए गत वर्ष की गिरदावरी से मिलान किया जाता है। जिन किसानों ने वर्ष 2020-21 में धान लगाया था, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। फिर देखा जाएगा कि इस साल उन्होंने धान लगाया है या नहीं। यदि नहीं लगाया तो उसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिर उन्हें 7 हजार रुपये मिलेंगे।
प्रोत्साहन से कम हुआ रकबा : विभाग किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को लेकर जागरूक कर रहा है। गत वर्ष भी इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला था। इस बार भी निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा ताकि जल स्तर को ऊंचा उठाया जाए। -राजेश सिहाग, कृषि उप निदेशक।
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अगली फसल क्या हो, अप्रैल में होता है तय : किसान अप्रैल महीने के पहले पंद्रह दिन तक गेहूं कटाई करते हैं। उन्हीं दिनों में तय हो जाता है कि अगली फसल क्या बोई जाए। यदि नरमा या कपास बीजना हो तो मई में बीज देते हैं। धान बोना हो, तो भी मई में पौधे बीज देते हैं। अब धान की पौध तैयार हो चुकी है। 15 जून से एक या दो दिन पहले ही धान रोपाई शुरू हो जाती है।
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मेरा पानी-मेरी विरासत योजना :इस योजना के अंतर्गत जो किसान धान बोते हैं वे अगर धान छोड़कर अन्य खेती करते हैं तो उन्हें सरकार की तरफ से 7 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। सरकार का लक्ष्य है कि जल दोहन को न्यूनतम किया जाए।
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आंकड़ों में हालात
रतिया क्षेत्र में भू-जल स्तर: 600 फीट
वर्ष 2019 में जिले में धान : 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर
वर्ष 2020 में धान का रकबा: 1 लाख 6 हजार हेक्टेयर
वर्ष 2021 को लेकर लक्ष्य : 95 हजार हेक्टेयर
ऐसे तय होगी प्रोत्साहन राशि की पात्रता : इस योजना का दुरुपयोग न हो इसलिए विभाग ने पात्रता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था बनाई है। इसके लिए गत वर्ष की गिरदावरी से मिलान किया जाता है। जिन किसानों ने वर्ष 2020-21 में धान लगाया था, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। फिर देखा जाएगा कि इस साल उन्होंने धान लगाया है या नहीं। यदि नहीं लगाया तो उसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिर उन्हें 7 हजार रुपये मिलेंगे।
प्रोत्साहन से कम हुआ रकबा : विभाग किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को लेकर जागरूक कर रहा है। गत वर्ष भी इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला था। इस बार भी निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा ताकि जल स्तर को ऊंचा उठाया जाए। -राजेश सिहाग, कृषि उप निदेशक।