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Fatehabad News: 12 हजार रुपये रिश्वत लेते प्रशिक्षु एसीबी के हत्थे चढ़ा, टीम ने यूडीसी और एचकेआरएनएल कर्मी भी दबोचे
Tue, 14 Jul 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 14 Jul 2026 10:55 PM IST
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रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारियों (काली टीशर्ट में विनोद एएलएम और सफेद शर्ट में सत्यनारायण) को ल
- फोटो : 1
टोहाना। चंडीगढ़ रोड स्थित 33 केवी बिजलीघर के ग्रामीण बिजली कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) फतेहाबाद ने मंगलवार दोपहर 2 बजे के करीब 12 हजार रुपये रिश्वत लेते प्रशिक्षु कर्मी कर्ण को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम ने इसके बाद उक्त कर्मी से पूछताछ की तो उसने यूडीसी क्लर्क और एचकेआरएनएल कर्मी का नाम लिया। इस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को और गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार टीम ने जब यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण को पकड़ा उस समय वह निगम के कार्यालय में ही खाना खा रहा था। वहीं एचकेआरएनएल कर्मी विनोद उस समय निगम कार्यालय में ही घूम रहा था। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि रिश्वत मांगने की सूचना मिलने के बाद पूरी कार्रवाई तय योजना के अनुसार की गई। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव फतेहपुरी निवासी बलजिंदर सिंह ने एसीबी में शिकायत दी थी कि ट्यूबवेल कनेक्शन का नाम बदलने के बदले कार्यालय के कर्मचारी रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को रासायनिक पाउडर लगे 12 हजार रुपये देकर कार्यालय भेजा।
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प्रशिक्षु कर्मी करण ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए। रुपये हाथ में लेते ही शिकायतकर्ता ने टीम को इशारा किया। इस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रशिक्षु को काबू कर लिया। जब उसके हाथ धुलवाए तो वे लाल हो गए। इस पर टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया। कर्ण ने जब दो और कर्मचारियों का नाम लिया तो मौके पर मौजूद यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण तथा एचकेआरएनएल के सहायक लाइनमैन विनोद को भी हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के बाद तीनों कर्मचारियों को एसडीओ कार्यालय के पास बने कमरे में ले जाया गया। वहीं इस कार्रवाई की जब सूचना फैली तो बिजली निगम के कई कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हो गए। यह देख टीम ने पुलिस को सूचित किया। इस पर शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद तीनों कर्मचारियों और शिकायतकर्ता को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
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बार-बार चक्कर काटने से परेशान हो चुका था शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता बलजिंदर के अनुसार वह लंबे समय से ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम चेंज के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहा था लेकिन उसका काम न करके चक्कर कटवाए जा रहे थे। आरोप है कि इस कार्य के लिए 16 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। जिसके बाद 12 हजार रुपये में सहमति बन गई। इस पर बलजिंदर ने एसीबी फतेहाबाद की शिकायत की। एसीबी की योजना के तहत बलजिंदर ने केमिकल लगे नोट प्रशिक्षु कर्ण को दिए। टीम ने बलजिंदर को 500-500 के नोट दिए थे।
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एक हफ्ते पहले सुर्खियों में रहा बिजली निगम का एक्सईएन कार्यालय
उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई को गांव गाजूवाला के देवेंद्र सिंह ने एक्सईएन कार्यालय के दो कर्मचारियों पर ट्यूबवेल कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। उस देवेंद्र सिंह एक्सईएन कृष्ण के पास पहुंचे और उनको जबरदस्ती नोटों की गड्डी पकड़ाने लगे और उनके साथ मारपीट की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। उस समय एक्सईएन कृष्ण की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद व कुछ अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसकी जांच डीएसपी जयभगवान कर रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार टीम ने जब यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण को पकड़ा उस समय वह निगम के कार्यालय में ही खाना खा रहा था। वहीं एचकेआरएनएल कर्मी विनोद उस समय निगम कार्यालय में ही घूम रहा था। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि रिश्वत मांगने की सूचना मिलने के बाद पूरी कार्रवाई तय योजना के अनुसार की गई। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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गांव फतेहपुरी निवासी बलजिंदर सिंह ने एसीबी में शिकायत दी थी कि ट्यूबवेल कनेक्शन का नाम बदलने के बदले कार्यालय के कर्मचारी रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को रासायनिक पाउडर लगे 12 हजार रुपये देकर कार्यालय भेजा।
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प्रशिक्षु कर्मी करण ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए। रुपये हाथ में लेते ही शिकायतकर्ता ने टीम को इशारा किया। इस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रशिक्षु को काबू कर लिया। जब उसके हाथ धुलवाए तो वे लाल हो गए। इस पर टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया। कर्ण ने जब दो और कर्मचारियों का नाम लिया तो मौके पर मौजूद यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण तथा एचकेआरएनएल के सहायक लाइनमैन विनोद को भी हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के बाद तीनों कर्मचारियों को एसडीओ कार्यालय के पास बने कमरे में ले जाया गया। वहीं इस कार्रवाई की जब सूचना फैली तो बिजली निगम के कई कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हो गए। यह देख टीम ने पुलिस को सूचित किया। इस पर शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद तीनों कर्मचारियों और शिकायतकर्ता को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
बार-बार चक्कर काटने से परेशान हो चुका था शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता बलजिंदर के अनुसार वह लंबे समय से ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम चेंज के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहा था लेकिन उसका काम न करके चक्कर कटवाए जा रहे थे। आरोप है कि इस कार्य के लिए 16 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। जिसके बाद 12 हजार रुपये में सहमति बन गई। इस पर बलजिंदर ने एसीबी फतेहाबाद की शिकायत की। एसीबी की योजना के तहत बलजिंदर ने केमिकल लगे नोट प्रशिक्षु कर्ण को दिए। टीम ने बलजिंदर को 500-500 के नोट दिए थे।
एक हफ्ते पहले सुर्खियों में रहा बिजली निगम का एक्सईएन कार्यालय
उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई को गांव गाजूवाला के देवेंद्र सिंह ने एक्सईएन कार्यालय के दो कर्मचारियों पर ट्यूबवेल कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। उस देवेंद्र सिंह एक्सईएन कृष्ण के पास पहुंचे और उनको जबरदस्ती नोटों की गड्डी पकड़ाने लगे और उनके साथ मारपीट की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। उस समय एक्सईएन कृष्ण की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद व कुछ अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसकी जांच डीएसपी जयभगवान कर रहे हैं।