{"_id":"578292f64f1c1bee067fa798","slug":"train-electric-train-electrification-runnig-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युतीकरण का काम शुरु, जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्युतीकरण का काम शुरु, जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
fatehabad
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
टोहाना में विद्युतीकरण का सामान लेकर आई ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुशील कुमार। जल्द ही क्षेत्र के लोग अपने शहर से ही इलेक्ट्रानिक ट्रेनों में सफर करते नजर आएंगे। टोहाना से भटिंडा और रोहतक तक रेल लाइन के विद्युतीकरण का काम रेलवे ने शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रानिक ट्रेनों के आवागमन से लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और दूरी तय करने में समय की बचत भी होगी।
रेलवे चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर के मुताबिक अगस्त माह तक जींद तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे पहले ही रोहतक से दिल्ली तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चला रहा है। इसी का विस्तार करने के लिए रेलवे ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत टोहाना से भटिंडा और रोहतक तक का विद्युतीकरण का काम होना है। दिल्ली-भटिंडा रेल ट्रैक का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
रेलवे के चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर आरके सिंह ने मुताबिक अगस्त माह तक दिल्ली से जींद के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने की प्लानिंग है। 31 जुलाई तक इस कार्य को पूरा करने की समय सीमा है। इसके बाद एक अगस्त को विद्युतीकरण ट्रैक का ट्रायल होगा। यदि सब कुछ सही पाया जाता है तो अगस्त माह में ही दिल्ली-जींद के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ना शुरू कर देंगी। उसके बाद टोहाना क्षेत्र में विद्युतीकरण का नंबर आएगा। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द टोहाना तक रेललाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। और टोहाना से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। रेलवे लाइन के दोनों तरफ इलेक्ट्रिक पोल और विद्युत लाइन बिछाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
विज्ञापन
यात्रियों की होगी बल्ले-बल्ले
ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेेनें दौड़ने से यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा। साथ ही दिल्ली और दूसरे नजदीकी स्टेशनों तक का सफर भी सुगम हो जाएगा। गौरतलब है कि इस रूट पर वर्तमान में स्थानीय और आसपास के स्टेशनों से 1000 दैनिक यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिफिकेशन से उन्हें सुविधा होगी और समय की भी बचत होगी।
कम लगेगा समय, प्रदूषण रहित यात्रा
दैनिक यात्री संघ के प्रधान राजेश नागपाल ने बताया कि ट्रैक के विद्युतीकरण के बाद दैनिक यात्रियों को काफी सुविधा होगी। दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। विद्युतीकरण से ट्रेनों की स्पीड में फर्क पड़ेगा और सफर में समय की भी काफी बचत होगी।
दैनिक रेलयात्री लवली ने बताया कि ट्रैक के विद्युतीकरण से यात्री प्रदूषण रहित यात्रा कर सकेंगे। अब डीजल वाले इंजन चल रहे हैं जो पर्यावरण पर काफी प्रभाव डाल रहे हैं। हजारों की संख्या में लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। इसका उन्हें फायदा मिलेगा।
रेलवे ने वर्ष 2017 तक लाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। शीघ्र ही नरवाना से जाखल के बीच में विद्युतीकरण होने के बाद ईएमयू जाखल तक के लिए शुरू कर दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार, मंडल डिप्टी चीफ विद्युतीकरण
विज्ञापन
रेलवे चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर के मुताबिक अगस्त माह तक जींद तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे पहले ही रोहतक से दिल्ली तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चला रहा है। इसी का विस्तार करने के लिए रेलवे ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत टोहाना से भटिंडा और रोहतक तक का विद्युतीकरण का काम होना है। दिल्ली-भटिंडा रेल ट्रैक का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
विज्ञापन
रेलवे के चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर आरके सिंह ने मुताबिक अगस्त माह तक दिल्ली से जींद के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने की प्लानिंग है। 31 जुलाई तक इस कार्य को पूरा करने की समय सीमा है। इसके बाद एक अगस्त को विद्युतीकरण ट्रैक का ट्रायल होगा। यदि सब कुछ सही पाया जाता है तो अगस्त माह में ही दिल्ली-जींद के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ना शुरू कर देंगी। उसके बाद टोहाना क्षेत्र में विद्युतीकरण का नंबर आएगा। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द टोहाना तक रेललाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। और टोहाना से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। रेलवे लाइन के दोनों तरफ इलेक्ट्रिक पोल और विद्युत लाइन बिछाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
विज्ञापन
यात्रियों की होगी बल्ले-बल्ले
ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेेनें दौड़ने से यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा। साथ ही दिल्ली और दूसरे नजदीकी स्टेशनों तक का सफर भी सुगम हो जाएगा। गौरतलब है कि इस रूट पर वर्तमान में स्थानीय और आसपास के स्टेशनों से 1000 दैनिक यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिफिकेशन से उन्हें सुविधा होगी और समय की भी बचत होगी।
कम लगेगा समय, प्रदूषण रहित यात्रा
दैनिक यात्री संघ के प्रधान राजेश नागपाल ने बताया कि ट्रैक के विद्युतीकरण के बाद दैनिक यात्रियों को काफी सुविधा होगी। दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। विद्युतीकरण से ट्रेनों की स्पीड में फर्क पड़ेगा और सफर में समय की भी काफी बचत होगी।
दैनिक रेलयात्री लवली ने बताया कि ट्रैक के विद्युतीकरण से यात्री प्रदूषण रहित यात्रा कर सकेंगे। अब डीजल वाले इंजन चल रहे हैं जो पर्यावरण पर काफी प्रभाव डाल रहे हैं। हजारों की संख्या में लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। इसका उन्हें फायदा मिलेगा।
रेलवे ने वर्ष 2017 तक लाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। शीघ्र ही नरवाना से जाखल के बीच में विद्युतीकरण होने के बाद ईएमयू जाखल तक के लिए शुरू कर दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार, मंडल डिप्टी चीफ विद्युतीकरण