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Fatehabad News: टोहाना में अबतक सबसे अधिक जली पराली, दूसरे नंबर पर भूना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Oct 2023 10:03 PM IST
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Till now the maximum amount of stubble has been burnt in Tohana, Bhuna is at second place.
फतेहाबाद के गांव ​भिरडाना में पराली में लगी आग को बुझवाते कृ​षि अ​धिकारी।
फतेहाबाद। पराली जलाने के मामलों में फतेहाबाद जिला पूरे प्रदेश में नंबर एक पर चल रहा है। सोमवार को पांच स्थानों पर पराली जलाने के मामले आए हैं। फतेहाबाद में पराली जलाने के जो मामले सामने आए हैं, उनमें सबसे अधिक पराली टोहाना क्षेत्र में जली है और दूसरे नंबर पर भूना है। गौरतलब है बाढ़ के कारण क्षेत्र के अनेक गांवों में धान की फसल खराब हो गई थी, करीब 80 हजार एकड़ जमीन पर दोबारा रोपाई हुई है और पराली जलाने की घटनाएं नवंबर माह तक जारी रह सकती है।
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हरसैक की रिपोर्ट के अनुसार टोहाना में 51 स्थानों पर पराली जलाने की लोकेशन आ चुकी है और भूना में अब तक 33 स्थानों पर पराली जली है। इसी प्रकार फतेहाबाद में 18, रतिया में चार व जाखल में तीन स्थानों पर पराली जलाने की लोकेशन मिली है। फतेहाबाद जिले में भूना कस्बे के साथ लगते गांवों में सबसे अधिक 11 मामले सामने आए हैं। टोहाना के गांव समैन में सात स्थानों पर पराली जली है। इसके अलावा अमानी, कन्हड़ी व ललौदा में पांच-पांच स्थानों पर पराली जली है। लहरियां व मल्हेड़ी में चार-चार स्थानों पर पराली जली है। हरसैक ने जिले में अब तक 111 स्थानों पर आग लगाने की लोकेशन भेजी है, इनमे से अन्य स्रोतों के माध्यम से 19 शिकायतें कृषि विभाग के पास आई हैं। फतेहाबाद में एक्यूआई का लेवल भी सोमवार को 165 रहा, जो सेहत के लिए काफी हानिकारक है। हालांकि कृषि विभाग पराली जलाने वाले किसानों को जुर्माना तो कर रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम न उठाए जाने व बिना जुर्माने के भय के किसान लगातार पराली जला रहे हैं।
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चालान मंजूर, लेकिन जला रहे पराली
फतेहाबाद में किसान धान कटने के बाद पराली जलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। किसानों को जुर्माना मंजूर है, लेकिन पराली जलाने की ओर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। कृषि विभाग भी मात्र पराली जलाने वाले किसानों को जुर्माना ही ठोक रहा है, कोई सख्त कार्रवाई न होने के कारण किसान भी लगातार पराली जला रहे हैं। प्रशासन केवल अधिकारियों व कर्मचारियों को सस्पेंड या उनको चार्जशीट करने की ओर ही ध्यान दिए हुए है। फसल अवशेष जलाने के मामले में अभी तक एक भी किसान के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है। कृषि विभाग ने अब तक 79 किसानों को दो लाख रुपये का जुर्माना जरूर ठोका है।
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एसडीएम ने किया गांवों का दौरा
उपमंडलाधीश राजेश कुमार ने जिले में पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अमले के साथ गांव बरसीन, जांडली खुर्द, माजरा, भूथनकलां व भिरड़ाना का दौरा किया गया और फसल अवशेष प्रबंधन के कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने टीम के साथ गांवों में किसानों, सरपंचों तथा नंबरदारों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक व प्रेरित किया तथा आधुनिक कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी दी।


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किसान पराली व फसल अवशेषों का सही और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। कृषि विभाग ने पराली जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया कि पराली अवशेषों को मिट्टी में ही मिलाने या गांठें बनवाने पर सरकार द्वारा प्रति एकड़ 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रोत्साहन राशि के लिए किसान कृषि विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा पर आवेदन कर सकते हैं।
-राजेश कुमार, एसडीएम, फतेहाबाद।
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