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Fatehabad News: तीन सरकारें बदली, फिर भी शहर से बाहर नहीं हुई मीट की दुकानें

Fri, 20 Sep 2024 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 20 Sep 2024 12:26 AM IST
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Three governments changed, yet meat shops did not move out of the city.
फतेहाबाद के बीघड़ रोड मीट की दुकानें चलाने के लिए बनाई गई दुकानों के बाहर फैली गंदगी।
फतेहाबाद। मीट मार्केट की मंजूरी मिलने के बाद से प्रदेश में तीन बार सरकार बदल चुकी हैं, लेकिन शहर के बीचोंबीच व गलियों में चल रही मीट की दुकानों की जगह नहीं बदली। शहर के बाजारों में ये दुकानें आराम से चल रही हैं। न तो दुकान के संचालक अपनी दुकान को शहर से बाहर ले जाने को तैयार हैं और न ही अधिकारी इस मामले को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।
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साल 2010 में सरकार ने पूरे प्रदेश में शहरों के बीच में चल रही मीट की दुकानों को शहर से बाहर करने की योजना बनाई थी। इन दुकानों के लिए सरकार ने नगर परिषद को लाखों रुपये का बजट भी जारी कर दिया था। इस बजट से नगर परिषद ने शहर से बाहर बीघड़ रोड पर डीएवी स्कूल के पास इन दुकानों को चलाने के लिए नई 20 दुकानें भी बनाकर दी थी, लेकिन उसके बाद इस मामले का क्या हुआ किसी को नहीं पता।
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मौके के हालात ये है कि शहर के बीचोंबीच चल रही मीट की दुकानों से बदबू आती है। इस जगह से आमजन का गुजरना भी मुश्किल है। वहीं कुछ लोगों ने अपनी दुकानें भी बेच दी। ये लोग सनातन को मानने वाले थे। जैसे-जैसे यहां मीट की दुकानों की संख्या बढ़ती गई। इन लोगों ने अपना काम धंधा बंद कर दूसरी जगह पर चले गए। अब वहां पर सिर्फ मीट की दुकानें है। बाकी कुछ दुकान संचालक मजबूरी में वहां पर अपना काम धंधा चला रहे हैं।
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साल 2011 में बनकर तैयार हुई थी दुकानें
- साल 2011 में मीट की दुकानों को बाहर करने के लिए बीघड़ रोड पर दुकानें बनाकर तैयार कर दी गई थीं। इन दुकानों के लिए वहां पर पानी व बिजली की व्यवस्था भी की गई। साल 2013 तक काफी बार दुकानों को बाहर ले जाने का प्रयास किया गया। उसके बाद कुछ दिनों तक ये मामला उठ जाता, उसके बाद फिर से प्रयास अधिकारी करते। हालांकि जानकारी ये भी मिली है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने एनओसी नहीं दी। जिस कारण ये दुकानें शहर से बाहर नहीं जा पाईं।
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प्रधान ने दुकानों को बाहर भेजने के लिए जारी किया था पत्र
- नगर परिषद के चेयरमैन राजेंद्र खिंची ने तीन महीने पहले शहर के बाजारों में चल रही दुकानों को बाहर करने के लिए अधिकारियों को पत्र जारी किया था। लेकिन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की। प्रधान का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद के दुकानों को बाहर करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
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मैं सनातन धर्म को मानने वाला व्यक्ति हूँ, मेरी दुकान मीट मार्केट के पास होती थी, काफी बार हम लोगों ने प्रयास भी किया कि शहर के बीच में चल रही मीट की दुकानें शहर से बाहर चली जाएं, लेकिन प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जैसे मीट मार्केट में दुकानों की संख्या बढ़ी तो हमें अपनी दुकान बेचकर शहर के दूसरे इलाके में जाना पड़ा।
- दीपक सरदाना, विस्तारक, अखंड भारत सेवादल, फतेहाबाद।
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शहर में सभी धर्म के लोग रहते हैं, इसलिए लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों को शहर से बाहर किया जाए ताकि कुछ लोगों की वजह से बाकी लोगों को दिक्कत ना आए।
- सुरेंद्र मित्तल, प्रधान, जैन समाज।
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शहर की हर गली मोहल्ले में अब यह दुकान खुलनी शुरू हो गई हैं, सरकार को चाहिए कि इनके लिए कोई ऐसी जगह निर्धारित की जाए। जहां पर इन लोगों को भी दिक्कत न हो और शहर में रहने वाले अन्य लोगों की भी समस्या दूर हो जाए।

- दीपक सरदाना, जीओ गीता संस्था।
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काफी साल से सुन रहे हैं कि मीट की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा लेकिन आज तक यह दुकानें शिफ्ट नहीं हो पाईं, कारण क्या रहे यह अभी तक किसी को पता नहीं लग पाया। अधिकारी भी इस मामले को गंभीर नहीं हैं।
- संत विज्ञान प्रेमानंद, विचार आश्रम मंदिर।
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